Home Loan: घर बनाते समय ₹2 लाख तक कैसे बचाएं? जानिए आसान तरीका
Home Loan Tax Benefits: घर बनाना हर किसी का बड़ा सपना होता है। पहले लोग अपना रिटायरमेंट फंड बचाकर घर बनाते थे, लेकिन अब होम लोन से अपना घर बना सकते हैं। आज हम आपको बताएंगे कि कैसे घर बनाते समय 2 लाख रुपए तक की बचत कर सकते हैं...

होम लोन कौन ले सकता है?
अगर आप घर बनाना चाहते हैं, तो बैंक दो तरह के प्रॉपर्टी लोन देते हैं। पहला अंडर कंस्ट्रक्शन घर, जिसके लिए लोन की रकम धीरे-धीरे रिलीज होती है। दूसरा सेल्फ-कंस्ट्रक्शन, जिसके लिए थोड़े कम बैंक लोन देते हैं। ऐसे में आप कंपोजिट लोन ले सकते हैं, जिसमें प्लॉट और कंस्ट्रक्शन दोनों कवर होते हैं। लोन की रकम तभी मिलती है जब आप अपनी हिस्सेदारी जमा कर चुके हों और निर्माण का हर स्टेप पूरा होने का प्रमाण दिया हो।
पहले ही देना पड़ सकता है ब्याज
जब तक आपका लोन पूरी तरह से डिसबर्स नहीं होता, EMI शुरू नहीं होती, लेकिन आपको पहले ही प्री-ईएमआई इंट्रेस्ट (Pre-EMI Interest) देना पड़ सकता है। इसका मतलब है कि पहले दिए गए पैसे पर ब्याज भी जमा होता है। यह छोटी-सी जानकारी अगर न समझी जाए, तो बाद में पैसे का बड़ा बोझ बन सकता है।
घर बनाते समय टैक्स से 2 लाख रुपए तक कैसे बचाएं?
सेक्शन 80C के तहत आप अपने होम लोन की प्रिंसिपल रकम पर ₹1.5 लाख तक का टैक्स लाभ ले सकते हैं। यह सिर्फ ओल्ड टैक्स रेजीम में मिलता है। सेक्शन 24(b) के तहत घर के निर्माण पर दिए गए ब्याज पर डिडक्शन मिलता है। यह प्री-ईएमआई इंट्रेस्ट भी कवर होता है, जिसे आप पांच साल में बराबर किस्तों में क्लेम कर सकते हैं। सेल्फ ऑक्यूपाइड (Self-occupied) घर के लिए ब्याज की मैक्स लिमिट ₹2 लाख है।
छोटी-छोटी गलतियां जो टैक्स बचत रोक सकती हैं
- प्री-EMI ब्याज पर डिडक्शन नहीं समझना।
- प्रिंसिपल रीपेमेंट शुरू कर देना जबकि निर्माण पूरा नहीं हुआ।
- पांच साल के नियम को भूलकर प्रॉपर्टी जल्दी बेच देना।
- सेल्फ ऑक्यूपाइड और किराये पर दी गई संपत्ति के नियम में अंतर न समझना।
घर बनाते समय पैसे बचाने के टिप्स
- कंस्ट्रक्शन स्टेज पर ही ध्यान दें और लोन-EMI की प्लानिंग सही करें।
- प्री-ईएमआई इंट्रेस्ट का रिकॉर्ड रखें।
- प्रिंसिपल और इंट्रेस्ट का अलग-अलग क्लेम समझें।
- पुराने टैक्स रेजीम का फायदा उठाएं। अगर घर किराए पर दिया है, तो इंट्रेस्ट सेट ऑफ की पूरी जानकारी रखें।
डिस्क्लेमर: यह आर्टिकल सिर्फ जानकारी के उद्देश्य से लिखा गया है। इसमें दी गई जानकारी को फाइनेंशियल या लीगल सलाह नहीं माना जाना चाहिए। होम लोन, टैक्स बचत और EMI से जुड़ी योजनाओं के लिए हमेशा अपने बैंक, लाइसेंस प्राप्त वित्तीय सलाहकार या टैक्स एक्सपर्ट से सलाह लें।
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