सब कुछ सही था, फिर भी क्रेडिट स्कोर गिरा, कहीं आप भी ये गलती तो नहीं कर रहे?
Credit Score Drop Reasons: अगर आप समय पर बिल भरते हैं फिर भी क्रेडिट स्कोर गिर रहा है, तो वजहें छुपी हो सकती हैं. ज्यादा क्रेडिट यूटिलाइजेशन, छोटी EMI देरी, बार-बार लोन अप्लाई करना और रिपोर्ट की गलतियां कैसे स्कोर गिराती हैं, जानिए पूरी सच्चाई.

क्रेडिट स्कोर अचानक क्यों गिर जाता है?
कई लोगों को तब झटका लगता है, जब उनकी फाइनेंशियल आदतें सही होने के बावजूद क्रेडिट स्कोर कुछ अंकों से नीचे चला जाता है। न कोई EMI मिस हुई, न कार्ड का गलत इस्तेमाल, फिर भी लोन अप्रूवल में दिक्कत या ब्याज दर उम्मीद से ज्यादा। असल में क्रेडिट स्कोर कोई परीक्षा का रिजल्ट नहीं, बल्कि आपकी पैसों से जुड़ी आदतों की लगातार चलने वाली रिपोर्ट है, जो छोटी बातों पर भी रिएक्ट करती है।
अक्सर स्कोर गिरने की वजह बड़ी गलती नहीं, बल्कि ऐसी चीजें होती हैं जिन्हें लोग “नॉर्मल” मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। यही छोटी लापरवाहियां धीरे-धीरे CIBIL प्रोफाइल को कमजोर बना देती हैं।
1. लिमिट है, इसलिए खर्च करना सही है - यही सबसे बड़ी गलतफहमी
कई कार्ड यूज़र सोचते हैं कि जब लिमिट मिली है तो उसका इस्तेमाल करना कोई समस्या नहीं। लेकिन बैंक और क्रेडिट ब्यूरो इसे अलग नजर से देखते हैं। अगर आपका कार्ड ज्यादातर समय हाई लिमिट पर चलता है, तो यह संकेत देता है कि आप पैसों पर जरूरत से ज्यादा निर्भर हैं। भले ही भुगतान समय पर हो, लगातार ऊंचा यूटिलाइजेशन स्कोर को नीचे खींच सकता है। बेहतर यही है कि खर्च कंट्रोल में रहे और बैलेंस जल्दी कम होता दिखे।
2. EMI देर से गई, लेकिन गई तो सही, सिस्टम ऐसा नहीं सोचता
कुछ दिन की देरी को लोग मामूली मानते हैं, लेकिन क्रेडिट रिपोर्ट के लिए यह एक रेड फ्लैग होता है। लेट पेमेंट यह दर्शाती है कि भविष्य में भी भुगतान में चूक हो सकती है। यही वजह है कि एक छोटी देरी का असर लंबे समय तक स्कोर पर दिखाई देता है। ऑटो-डेबिट, कैलेंडर अलर्ट या बैंक रिमाइंडर जैसी चीजें इस नुकसान से बचा सकती हैं।
3. एक साथ कई लोन ट्राय करना क्यों भारी पड़ता है
लोन की तुलना करना समझदारी है, लेकिन हर जगह अप्लाई करना नहीं। हर आवेदन के साथ आपकी प्रोफाइल पर हार्ड इन्क्वायरी जुड़ती है। जब कम समय में कई इन्क्वायरी दिखती हैं, तो सिस्टम इसे फाइनेंशियल स्ट्रेस का संकेत मान लेता है। यही वजह है कि कई बार बिना लोन मिले ही स्कोर गिर जाता है।
4. पुराने कार्ड बंद किए और स्कोर नीचे चला गया
लोग अकसर सोचते हैं कि इस्तेमाल न होने वाले कार्ड बंद कर देना फाइनेंस को आसान बना देगा। हकीकत में इससे आपकी कुल क्रेडिट लिमिट घट जाती है और बाकी कार्ड्स पर खर्च का अनुपात बढ़ जाता है। साथ ही, पुराना कार्ड आपकी अच्छी पेमेंट हिस्ट्री का सबूत होता है। इसे हटाने से आपका क्रेडिट इतिहास छोटा और कमजोर नजर आने लगता है।
5. पुराना बोझ कम हुए बिना नया कर्ज
एक से ज्यादा लोन होना समस्या नहीं है, समस्या तब होती है जब आय के मुकाबले जिम्मेदारी तेजी से बढ़ने लगे। अगर पुराने लोन अभी पूरी तरह मैनेज नहीं हो पाए हों और उसी बीच नया कर्ज जुड़ जाए, तो आपकी प्रोफाइल ओवर-कमिटेड दिखने लगती है। यहीं से स्कोर पर दबाव बनता है।
6. गलती आपकी नहीं, रिपोर्ट की भी हो सकती है
कभी-कभी स्कोर गिरने की वजह सिस्टम एरर होती है, बंद हो चुका लोन अपडेट न होना, गलत पैन जुड़ जाना या किसी और का अकाउंट रिपोर्ट में दिख जाना। इसलिए साल में कम से कम एक बार क्रेडिट रिपोर्ट देखना जरूरी है। समय पर शिकायत करने से नुकसान रोका जा सकता है।
गिरता क्रेडिट स्कोर डर की नहीं, समझ की बात है
क्रेडिट स्कोर किसी मशीन का नंबर नहीं, बल्कि आपके फाइनेंशियल बिहेवियर का आईना है। जहां दबाव बढ़ता है, वहां यह गिरता है और जहां संतुलन बनता है, वहां खुद-ब-खुद सुधरने लगता है। अगर भुगतान समय पर है, खर्च कंट्रोल में है और फैसले सोच-समझकर लिए जा रहे हैं, तो स्कोर का वापस ऊपर आना तय है, बस थोड़ा वक्त और अनुशासन चाहिए।
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