Ansh Patidar Biography: MP के अंश पाटीदार ने 17 की उम्र में 95 लाख के कर्ज को पार कर 50 करोड़ की कंपनी बनाई। उन्होंने 'अरिवा ऑर्गेनिक्स' के जरिए जैविक कीटनाशक और ड्रोन तकनीक से 5,000 से ज्यादा किसानों की मदद की है।

Ansh Patidar Success Story: जिस उम्र में ज्यादातर लड़के-लड़कियां कॉलेज, पढ़ाई और दोस्तों के साथ मस्ती में डूबे रहते हैं, उस उम्र में मध्य प्रदेश का एक लड़का अपनी किस्मत खुद लिख रहा था। ये कहानी है अंश पाटीदार की, जिन्होंने सिर्फ 19 साल की उम्र में 95 लाख रुपये का कर्ज चुकाया और 50 करोड़ रुपये से ज्यादा की कंपनी खड़ी कर दी।

किसान परिवार में जन्मे अंश

अंश पाटीदार मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले के बोरला गांव के रहने वाले हैं। उनका जन्म एक किसान परिवार में हुआ। उनके पिता खेत में बहुत मेहनत करते थे, लेकिन बार-बार फसल खराब होने और उपज का सही दाम न मिलने से परिवार की आर्थिक हालत ठीक नहीं थी। अंश नहीं चाहते थे कि उनकी पढ़ाई के लिए मां को अपने गहने बेचने पड़ें। इसलिए, उन्होंने परिवार की हालत सुधारने के लिए खुद कुछ करने का फैसला किया।

₹3,000 से की शुरुआत

अंश अपने पिता के साथ खेती के काम में हाथ बंटाते थे। इस दौरान उन्होंने किसानों की समस्याओं को करीब से देखा। उन्होंने गौर किया कि किसान एक ही केमिकल कंपोजिशन वाले कीटनाशकों के लिए ज्यादा पैसे दे रहे हैं। बस यहीं से उन्हें अपने पहले बिजनेस का आइडिया आया। उन्होंने सिर्फ ₹3,000 के मामूली निवेश से गुजरात के मैन्युफैक्चरर्स से सीधे खेती के प्रोडक्ट खरीदे और उन्हें स्थानीय किसानों को कम कीमत पर बेचना शुरू कर दिया। कम दाम पर अच्छी क्वालिटी के प्रोडक्ट मिलने से किसानों का भरोसा अंश पर बढ़ गया और धीरे-धीरे उनका काम आस-पास के गांवों में भी फैल गया।

15 की उम्र में बने बिजनेसमैन

रिपोर्ट्स के मुताबिक, अंश सिर्फ 15 साल की उम्र में GST रजिस्ट्रेशन पाने वाले भारत के सबसे कम उम्र के बिजनेसमैन में से एक बन गए। एक तरफ स्कूल की पढ़ाई और दूसरी तरफ बिजनेस, दोनों को संभालना आसान नहीं था। अंश दिन में स्कूल जाते, शाम को अलग-अलग गांवों में जाकर किसानों से मिलते और रात में घर लौटकर पढ़ाई करते थे। उनकी मेहनत जल्द ही रंग लाई। बताया जाता है कि सिर्फ 18 महीनों में उनके बिजनेस का टर्नओवर करीब ₹40 लाख तक पहुंच गया।

17 की उम्र में 95 लाख का कर्ज

अपने बिजनेस को और बड़ा बनाने के लिए अंश ने एक एग्री-टेक प्लेटफॉर्म शुरू किया। लेकिन यह आइडिया उम्मीद के मुताबिक सफल नहीं हुआ। इसका नतीजा यह हुआ कि सिर्फ 17 साल की उम्र में अंश पर 95 लाख रुपये का भारी-भरकम कर्ज हो गया। इतना बड़ा कर्ज देखकर कोई भी हिम्मत हार सकता है, लेकिन अंश ने हार नहीं मानी। उन्होंने किसानों के साथ काम करके दोबारा उनका भरोसा जीता और धीरे-धीरे अपना सारा कर्ज चुका दिया।

2022 में हुई नई शुरुआत

साल 2022 में अंश पाटीदार ने 'अरिवा ऑर्गेनिक्स' (Ariva Organics) नाम की कंपनी शुरू की। यह कंपनी जैविक कीटनाशकों और ड्रोन आधारित खेती के समाधानों पर फोकस करती है। कंपनी ने ऐसी टेक्नोलॉजी पेश की, जिससे किसानों को पानी, खाद और मजदूरी की लागत कम करने में मदद मिली। खेती में टेक्नोलॉजी और इनोवेशन का इस्तेमाल करने से उनका बिजनेस तेजी से बढ़ने लगा। रिपोर्ट्स के अनुसार, सिर्फ एक साल के अंदर कंपनी की वैल्यूएशन ₹50 करोड़ से ज्यादा हो गई। बताया गया है कि कंपनी ने 15,000 एकड़ से ज्यादा खेती की जमीन पर 5,000 से ज्यादा किसानों की मदद की है।

₹95 लाख के कर्ज से ₹50 करोड़ के साम्राज्य तक

सिर्फ 17 साल की उम्र में 95 लाख के कर्ज में डूबा एक लड़का, कुछ ही सालों में उसी चुनौती को पार कर 50 करोड़ रुपये से ज्यादा की कंपनी खड़ी कर दे, यह किसी चमत्कार से कम नहीं है। अंश पाटीदार की कहानी सिर्फ एक युवा बिजनेसमैन की सफलता की कहानी नहीं है, बल्कि यह दिखाती है कि अगर समस्याओं को अवसर में बदलने का जज्बा, किसानों के दर्द को समझने की सोच और नई तकनीक को अपनाने की हिम्मत हो, तो किसी भी मुश्किल हालात को बदला जा सकता है।