Train Food Complaint Process: ट्रेन में खराब खाना या ओवरचार्जिंग मिलने पर क्या करें? ट्रेन में खाने की शिकायत के लिए रेलवे का नंबर क्या है? अगर रेलवे वेंडर खाने का बिल न दे तो क्या पैसे देने जरूरी हैं? चलती ट्रेन में खराब खाने की ऑनलाइन शिकायत तुरंत कैसे करें?
Railway Catering Complaint Process: ट्रेन का सफर किसे पसंद नहीं होता है? खिड़की के बाहर के नजारे, चाय की चुस्कियां और फैमिली-फ्रेंड्स के साथ गप्पें। लेकिन इस पूरे मजे का कबाड़ा तब हो जाता है, जब पेंट्री कार वाला वेंडर आपको बासी या ठंडा खाना थमा देता है। हद तो तब हो जाती है, जब ₹80 की थाली के वेंडर आपसे चुपके से ₹110 या ₹120 वसूल लेते हैं। अगर आपके साथ भी कभी ऐसा हुआ है और चुप रहने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। भारतीय रेलवे (Indian Railways) अब ऐसे वेंडर्स पर सीधे ₹1 लाख तक का जुर्माना लगा रही है। बस आपको पता होना चाहिए कि मौके पर ही 2 मिनट के अंदर शिकायत कहां और कैसे दर्ज करानी है। आइए जानते हैं वो आसान तरीके, जो हर रेल यात्री को पता होने चाहिए...

RailMadad नंबर पर कॉल करके
सफर के दौरान अगर खाना खराब मिले, चाय ठंडी हो या वेंडर ओवरचार्जिंग (तय कीमत से ज्यादा पैसे मांगना) करे, तो तुरंत अपने फोन से रेलवे हेल्पलाइन नंबर 139 डायल करें। इस कॉल के बाद IVR पर 'खानपान या कैटरिंग' का विकल्प चुनें। कस्टमर केयर एग्जीक्यूटिव को अपनी शिकायत करें, अपना PNR नंबर और ट्रेन नंबर बताएं। आपकी शिकायत दर्ज होते ही संबंधित वेंडर या पेंट्री मैनेजर के पास तुरंत कॉल पहुंचती है और अगले बड़े स्टेशन पर रेलवे स्टाफ आपकी सीट पर आकर मामले को चेक करता है।
सोशल मीडिया पर डायरेक्ट शिकायत
आजकल रेलवे सोशल मीडिया पर सबसे ज्यादा एक्टिव है। अगर चलती ट्रेन में वेंडर आपसे बहस कर रहा है या खराब खाना दे रहा है, तो तुरंत अपने फोन से एक पोस्ट लिखें। अपनी शिकायत, ट्रेन नंबर, कोच और बर्थ नंबर के साथ PNR नंबर जरूर डालें। (अगर मुमकिन हो, तो खाने की एक फोटो या वेंडर का एक छोटा सा वीडियो भी अटैच कर दें)। अपनी पोस्ट में @RailMinIndia, @IRCTCofficial और @RailwaySeva को टैग कर दें। X पर शिकायत करने के मात्र 15-20 मिनट के अंदर रेलवे का रिप्लाई आता है और अगले ही स्टेशन पर अधिकारी आपकी सीट पर पहुंच जाते हैं।
रेलवे का नियम क्या कहता है?
पेंट्री कार के वेंडर्स अक्सर यात्रियों को बिना रसीद (Bill) दिए खाना दे देते हैं और मनमाना पैसा वसूलते हैं। रेलवे ने इसके खिलाफ एक सख्त नियम बनाया है। जब भी आप कोई खाना, पानी की बोतल या चाय लें, तो वेंडर से कंप्यूटराइज्ड बिल जरूर मांगें। अगर वेंडर बिल देने से मना करता है, तो रेलवे के नियम के मुताबिक आपको उस खाने के पैसे देने की कोई जरूरत नहीं है। आप साफ कह सकते हैं, 'बिना बिल पेमेंट नहीं करेंगे।'


