Gas Cylinder New Rule Update: उज्ज्वला योजना (PMUY) के नए नियम के तहत अब साल में कितनी सब्सिडी मिलेगी? बिना सब्सिडी के घरेलू गैस सिलेंडर की असल लागत सरकार को कितनी पड़ती है? ₹1600 से ज्यादा महंगा गैस सिलेंडर आपको ₹700 सस्ता कैसे मिल रहा है?
LPG Price Today: महंगाई के इस दौर में अगर कोई आपको बताए कि जिस गैस सिलेंडर की असली कीमत ₹1600 से ज्यादा है, वह आपको करीब ₹700 तक सस्ता मिल रहा है, तो शायद आपको यकीन न हो। लेकिन घरेलू LPG सिलेंडर के मामले में फिलहाल कुछ ऐसा ही हो रहा है। सरकार की ओर से दी जा रही मदद की वजह से आम उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर बाजार कीमत से काफी कम दाम पर मिल रहा है। वहीं, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) से जुड़े परिवारों को अतिरिक्त राहत भी दी जा रही है। आइए जानते हैं सिलेंडर पर इतनी छूट कैसे मिल रही है और आज गैस की कीमत कहां कितनी है?

गैस सिलेंडर आखिर ₹700 सस्ता कैसे मिल रहा है?
सरकार के मुताबिक, 14.2 किलो वाले घरेलू LPG सिलेंडर की सप्लाई लागत ₹1600 से ज्यादा पहुंच चुकी है। इसके बावजूद आम उपभोक्ता कई शहरों में करीब ₹940-₹1000 के बीच सिलेंडर खरीद रहे हैं। यानी बाजार आधारित लागत और उपभोक्ता द्वारा चुकाई जा रही कीमत के बीच लगभग ₹700 का अंतर है। यही वजह है कि LPG अभी भी कई परिवारों के लिए सस्ती बनी हुई है।
उज्ज्वला योजना वालों को और ज्यादा फायदा
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को अतिरिक्त सब्सिडी का लाभ मिलता है। फिलहाल योजना के तहत पात्र परिवारों को साल में पहले 4 रीफिल पर ₹300 प्रति सिलेंडर की सहायता मिलती है। यानी एक परिवार को सालभर में ₹1200 तक की राहत मिल सकती है। ऐसे में कई उज्ज्वला लाभार्थियों के लिए गैस सिलेंडर की प्रभावी कीमत सामान्य उपभोक्ताओं की तुलना में काफी कम पड़ती है।
LPG सिलेंडर की कीमत सिटीवाइज
नई दिल्ली- ₹942
मुंबई- ₹941.50
नोएडा- ₹939.50
जयपुर- ₹945.50
बेंगलुरु- ₹944.50
चेन्नई- ₹957.50
कोलकाता- ₹968
लखनऊ- ₹979.50
हैदराबाद- ₹994
पटना- ₹1031.50
सोर्स- इंडेन, एचपी और भारत गैस की ऑफिशियल वेबसाइट्स और goodreturns.in
उज्ज्वला योजना में क्या बदला है?
हाल ही में उज्ज्वला योजना के तहत सब्सिडी वाले रीफिल की संख्या को लेकर नया नियम सामने आया है। अब पात्र लाभार्थियों को साल के पहले 4 रीफिल पर ₹300 प्रति सिलेंडर की सहायता मिलेगी। इससे पहले अधिक रीफिल पर सब्सिडी का लाभ मिलता था। हालांकि, सरकार का कहना है कि औसत उज्ज्वला परिवार सालभर में लगभग 4 सिलेंडर ही इस्तेमाल करता है, इसलिए अधिकांश परिवारों पर इसका ज्यादा असर नहीं पड़ेगा।


