यूपी-बिहार में कब लागू होगा 8वां वेतन आयोग? जान लें टाइमलाइन
8th Pay Commission States Implement Time: करोड़ों कर्मचारियों और पेंशनर्स को 8वें वेतन आयोग का इंतजार है। केंद्र के बाद यूपी-बिहार जैसे राज्यों भी सैलरी-पेंशन बढ़ोतरी लागू होती है। लेकिन इसमें कितना समय लगता है, क्या एरियर्स मिलते हैं? जानिए जवाब...

राज्य अपनी पे कमीशन क्यों बनाते हैं?
जब भी केंद्र सरकार किसी सेंट्रल पे कमीशन की सिफारिशें लागू करती है, सबसे पहले इसका लाभ केंद्र सरकार के कर्मचारी और पेंशनर्स को मिलता है। इसके बाद यूपी-बिहार समेत ज्यादातर राज्य सरकारें भी केंद्र की तर्ज पर वेतन और पेंशन बढ़ोतरी लागू करती हैं। राज्य सरकारें अक्सर अपनी स्टेट पे कमीशन बनाती हैं, क्योंकि उनके कर्मचारियों और पेंशनर्स का वेतन, पेंशन और भत्ते राज्य की आर्थिक स्थिति और बजट पर निर्भर करते हैं। इसलिए केंद्र की सिफारिशें तुरंत लागू करने के बजाय, राज्य अपनी स्थिति को देखकर अलग पे कमीशन बना सकते हैं।
राज्य अपनी पे कमीशन क्यों बनाते हैं?
जब भी केंद्र सरकार किसी सेंट्रल पे कमीशन की सिफारिशें लागू करती है, सबसे पहले इसका लाभ केंद्र सरकार के कर्मचारी और पेंशनर्स को मिलता है। इसके बाद यूपी-बिहार समेत ज्यादातर राज्य सरकारें भी केंद्र की तर्ज पर वेतन और पेंशन बढ़ोतरी लागू करती हैं। राज्य सरकारें अक्सर अपनी स्टेट पे कमीशन बनाती हैं, क्योंकि उनके कर्मचारियों और पेंशनर्स का वेतन, पेंशन और भत्ते राज्य की आर्थिक स्थिति और बजट पर निर्भर करते हैं। इसलिए केंद्र की सिफारिशें तुरंत लागू करने के बजाय, राज्य अपनी स्थिति को देखकर अलग पे कमीशन बना सकते हैं।
क्या राज्य कर्मचारियों की सैलरी हर 10 साल में बढ़ता है?
राज्य सरकारों के लिए यह अनिवार्य नहीं है कि वे केंद्र की पे कमीशन के अनुसार वेतन बढ़ोतरी करें। उदाहरण के लिए, केरल में अभी 11वीं पे कमीशन चल रही है, कर्नाटक में 7वीं, जबकि पंजाब में 6वीं। जानकारों के मुताबिक, राज्यों में अलग-अलग पे कमीशन चल रही हैं, लेकिन केंद्र और राज्य का सैलरी स्ट्रक्चर लगभग समान रहती है।
क्या राज्य पे कमीशन, केंद्र की तरह काम करती है?
एक्सपर्ट्स के अनुसार, राज्य की पे कमीशन प्रक्रिया बिल्कुल केंद्र जैसी होती है। पहले एक चेयरमैन और कमेटी मेंबर नियुक्त होते हैं, जो रिपोर्ट तैयार करके सरकार को देते हैं। फिर मंत्रियों की टीम इसे देखती है और सुझाव देती है। इसके बाद राज्य सरकार इसे लागू करती है।
क्या राज्य कर्मचारियों की सैलली और पेंशन, केंद्र कर्मचारियों की तरह ही होती है?
ज्यादातर समय, राज्यों में फिटमेंट फैक्टर केंद्र के समान ही होता है। लेकिन कभी-कभी यह कम या ज्यादा भी हो सकता है। उदाहरण के लिए, 7वीं केंद्र पे कमीशन का फिटमेंट फैक्टर 2.57 था, जबकि पंजाब की 6वीं स्टेट कमीशन में यह 2.59 था। उत्तर प्रदेश में यह 2.57 था।
राज्य कर्मचारियों को एरियर्स कब मिल सकते हैं?
आमतौर पर एरियर्स पिछली पे कमीशन के खत्म होने के अगले दिन से मिलते हैं। जैसे, उत्तर प्रदेश में 7वीं पे कमीशन का कार्यकाल 31 दिसंबर 2026 को खत्म हुआ। इसलिए कर्मचारियों को एरियर्स 1 जनवरी 2026 से मिलने चाहिए, लेकिन यह तभी तय होगा जब राज्य सरकार आधिकारिक घोषणा करे। इस बार 8वीं CPC में केंद्र ने भी लागू करने की तारीख नहीं दी है, इसलिए राज्य और केंद्र की आधिकारिक घोषणा का इंतजार करना होगा।
राज्य सरकारों को 8वीं CPC लागू करने में कितना समय लगता है?
एक्सपर्ट्स के अनुसार, राज्य सरकारों पर कोई कानूनी समय सीमा नहीं है कि वे तुरंत 8वीं CPC की सिफारिशें लागू करें। आमतौर पर जल्दी अपनाने वाले राज्य इसे 6 महीने से 1 साल में लागू कर देते हैं। बाकी राज्य अपनी स्थिति देखकर और स्टेट पे कमीशन बनाकर इसे लागू करते हैं, जिससे प्रक्रिया 1 से 3 साल तक भी चल सकती है। ज्यादातर राज्यों में सिफारिशें 3 से 6 महीने में लागू हो जाती हैं, लेकिन कुछ राज्यों में इसमें ज्यादा समय लग जाता है।
7वें वेतन आयोग में राज्यों ने कितना समय लिया था?
7वीं वेतन आयोग (CPC) के 2016 में लागू होने के बाद, कई राज्यों ने एक साल के भीतर इसे लागू कर दिया, जबकि कुछ राज्यों में यह 2020 या उसके बाद तक भी चला। पुराने पे कमीशन साइकिल्स में भी इसी तरह का स्टैगरड तरीका देखा गया।
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