वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट 1 फरवरी को पेश करेंगी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस बार के बजट में कोई विशेष घोषणाएं नहीं होने वाली हैं। लेकिन आम लोगों को टैक्स में छूट को लेकर उम्मीदें है, जिसका ऐलान आगामी बजट सत्र में हो सकता है।

नई दिल्ली. मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का आखिरी बजट वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को पेश करेंगी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस बार के बजट में कोई विशेष घोषणाएं नहीं होने वाली हैं। लेकिन करदाताओं को टैक्स में छूट को लेकर उम्मीदें है, जिसका ऐलान आगामी बजट सत्र में हो सकता है।

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सेक्शन 80C के तहत सीमा छूट में बदलाव की उम्मीद

लोगों को उम्मीद है कि वित्त मंत्री नेशनल पेंशन स्कीम में जमा राशि निकालते समय टैक्स बनाने के लिए टैक्स कटौती सीमा बढ़ाएंगी। वेतन भोगी कर्मचारियों को होम लोन के रिपेमेंट के लिए कटौती की उम्मीद है।

फिलहाल, 80C, 80CCC और 80CCD(1) के तहत उपलब्ध कटौतियां कूल मिलाकर सालाना 1.5 लाख रुपए है। साल 2014 के पहले यह सीमा 1 लाख रुपए थी। ऐसे में यह उम्मीद लगाई जा रही है कि इस कटौती को 2.5 लाख रुपए तक किया जा सकता है।

पुरानी टैक्स व्यवस्था पर बदलाव की उम्मीद

साल 2014 के बाद से टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं हुआ। अब लोगों को उम्मीद हैं कि पुरानी टैक्स व्यवस्था के तहत टैक्स स्लैब में बदलाव की उम्मीद है।

पुराने टैक्स सिस्टम के टैक्स स्लैब

  • 3 लाख रुपए - 0% टैक्स
  • 3-6 लाख रुपए - 5% टैक्स
  • 6-9 लाख रुपए - 10% टैक्स
  • 9-12 लाख रुपए - 15% टैक्स
  • 12-15 लाख रुपए - 20% टैक्स
  • 15 लाख के ऊपर - 30% टैक्स

एनपीएस की रकम विड्रॉल करने पर टैक्स छूट की उम्मीद

फिलहाल एनपीएस से 60% तक की राशि निकालने पर टैक्स नहीं लगता है। मैच्योरिटी पूरा होने पर 60% रकम विड्रॉल करने की परमिशन दी जाती है। बाकि बची 40% रकम पर टैक्स लगता है। ऐसे में कर्मचारियों को उम्मीद हैं कि सरकार इस टैक्स पर छूट देगी।

होम लोन पर अलग टैक्स छूट की उम्मीद

होम लोन पर वेतन भोगी कर्मचारियों को मूल राशि रिपेमेंट के लिए आय से 1.5 लाख रुपए तक की छूट की अनुमति है। ऐसे में उम्मीद ये है कि आने वाले बजट सत्र में टैक्स छूट पेश की जा सकती है।

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