वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक ग्रोथ प्रोजेक्शन रिपोर्ट में भारत की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ रेट 6.5 प्रतिशत बताया गया है। आईएमएफ की मानें तो भारत और चीन की बढ़ती हुई अर्थव्यवस्थाएं 2024 में ग्लोबल डेवलपमेंट का आधा होंगी।

WEO Updates: आईएमएफ यानी अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष ने दुनिया के देशों की अर्थव्यवस्थाओं का आंकलन वैश्विक स्तर पर किया है। वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक ग्रोथ प्रोजेक्शन रिपोर्ट में भारत की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ रेट 6.5 प्रतिशत बताया गया है। आईएमएफ की मानें तो भारत और चीन की बढ़ती हुई अर्थव्यवस्थाएं 2024 में ग्लोबल डेवलपमेंट का आधा होंगी। आईएमएफ (International Monetary Fund) की इस रिपोर्ट में अमेरिका में मंदी के संकेत मिले हैं।

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आईएमएफ की फर्स्ट डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर गीता गोपीनाथ ने विश्व इकोनॉमिक आउटलुक ग्रोथ प्रोजेक्शन रिपोर्ट पर कहा कि भारत और चीन की आर्थिक वृद्धि 2024 में वैश्विक विकास का लगभग आधा हिस्सा होगी। मेजर एडवांस इकोनॉमिक ग्रोथ को यह इंगित कर रहा। यूरो क्षेत्र की वृद्धि में तेजी आई है जबकि अमेरिका में एक मजबूत वर्ष के बाद मंदी के संकेत दिखाई दे रहे हैं।

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आईएमएफ रिपोर्ट ने किया सावधान, महंगाई से और त्रस्त रहेगी दुनिया

वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक ग्रोथ प्रोजेक्शन रिपोर्ट में कहा गया है कि ग्लोबल ग्रोथ अप्रैल 2024 के वर्ल्ड इकोनॉमिक आउटलुक (WEO) के पूर्वानुमान के अनुरूप रहने का अनुमान है। डब्ल्यूईओ ने बताया कि ग्लोबल ग्रोथ 2024 में 3.2 प्रतिशत और 2025 में 3.3 प्रतिशत है। रिपोर्ट में कहा गया है कि सर्विस मुद्रास्फीति की वजह से कीमतें कम नहीं हो पा रही हैं यह मॉनेटरी पॉलिसी को सामान्य करने की बजाय जटिल कर रही है। इस प्रकार मुद्रास्फीति के लिए जोखिम बढ़ गया है। इससे व्यापार तनाव में बढ़ोत्तरी के साथ ही पॉलिसी मामले भी अनिश्चितता की ओर बढ़ रहे है। इन वजहों से लंबे समय तक इंटरेस्ट रेट्स व अन्य दरों में बढ़ोत्तरी की आशंका है। रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि

मूल्य स्थिरता प्राप्त करने के लिए कम हुए बफर को फिर से भरने की आवश्यकता है। इसके लिए मिक्स्ड पॉलिसी को सावधानीपूर्वक लागू करने की आवश्यकता है।

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