रेल मंत्रालय ने भारत सरकार के 'वोकल फॉर लोकल' विजन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 'वन स्टेशन वन प्रोडक्ट' (OSOP) योजना शुरू की है। इस योजना से स्थानीय और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा मिलेगा।

One Station one Product: रेल मंत्रालय ने भारत सरकार के 'वोकल फॉर लोकल' विजन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से 'वन स्टेशन वन प्रोडक्ट' (OSOP) योजना शुरू की है। इस योजना से स्थानीय और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही लोगों को अतिरिक्त आय के अवसर पैदा होंगे। 'वन स्टेशन वन प्रोडक्ट' योजना के तहत स्वदेशी/स्थानीय उत्पादों को बेचने के लिए रेलवे स्टेशनों पर आउटलेट्स आवंटित किए गए हैं।

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

देशभर के 728 स्टेशनों पर लगेंगे 785 आउटलेट्स 
देशभर में 21 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में 728 स्टेशन 785 'वन स्टेशन वन प्रोडक्ट' आउटलेट्स के साथ कवर किए गए हैं। ये सभी स्टाल एक से दिखें, इसके लिए इन्हें राष्ट्रीय डिजाइन संस्थान द्वारा डिजाइन किया गया है। इस योजना के तहत प्रोडक्ट कैटेगरीज में हस्तशिल्प/कलाकृतियां, कपड़ा और हथकरघा, पारंपरिक वस्त्र और लोकल एग्रीकल्चरल प्रोडक्ट्स के अलावा प्रोसेस्ड और सेमी-प्रोसेस्ड फूड भी शामिल हैं।

लोकल प्रोड्क्टस को मिलेगा बढ़ावा 
स्थानीय उत्पादों की बिक्री को बढ़ावा और लघु उद्यमियों को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने इस योजना को लागू किया है। इससे लोकल कारीगरों, कुम्हारों, हथकरघा बुनकरों और आदिवासियों को रोजी-रोटी और कौशल विकास के अवसर मिलेंगे। 'वन स्टेशन वन प्रोडक्ट' योजना में स्वदेशी जनजातियों द्वारा बनाई गई कलाकृतियां, स्थानीय बुनकरों द्वारा हथकरघा, विश्व प्रसिद्ध लकड़ी की नक्काशी, चिकनकारी और कपड़ों पर जरी-जरदोजी का काम या मसाले वाली चाय, कॉफी आदि शामिल हैं। उदाहरण के लिए, पश्चिम बंगाल की तांत साड़ी, भागलपुर सिल्क साड़ी, टेराकोटा से बने प्रोडक्ट, बांस और जूट से बने प्रोडक्ट इसमें शामिल हैं।

पूर्व रेलवे में 57 स्टॉल 
पूर्व रेलवे में अब चार मंडलों हावड़ा, सियालदह, आसनसोल, मालदा में विभिन्न स्टेशनों पर 57 स्टॉल संचालित हो रहे हैं। इनमें से हावड़ा मंडल में 21, मालदा मंडल में 7, आसनसोल मंडल में 7 और सियालदह मंडल में 22 स्टॉल हैं। बता दें कि ‘एक स्टेशन-एक उत्पाद योजना’ के तहत पहले सभी स्टेशनों पर स्टाल आवंटन के लिए 15 दिन के लिए 1000 लाइसेंस फीस ली जा रही थी। अब बड़े स्टेशनों पर लाइसेंस फीस वही रखी है। वहीं, छोटे स्टेशनों पर घटाकर 500 प्रति 15 दिन कर दी गई है। पहले ये स्टाल 15 दिनों के लिए आबंटित किए जा रहे थे, जिन्हें अब बढ़ाकर 3 माह किया जा सकेगा। 

ये भी देखें : 

ये हैं भारत के 10 सबसे कमाऊ रेलवे स्टेशन, जानें कितनी है सालभर की कमाई