Share Market Diwali Session: क्या आप भी दिवाली पर शेयर बाजार में निवेश करने की सोच रहे हैं? जानिए 8 नवंबर को मुहूर्त ट्रेडिंग का समय और निफ्टी का 10 साल का रिकॉर्ड।
Muhurat Trading History: शेयर बाजार (Share Market) में दांव लगाने वालों के लिए दिवाली का दिन बेहद खास होता है। हर साल दिवाली की शाम बाजार एक स्पेशल सेशन के लिए खुलता है, जिसे मुहूर्त ट्रेडिंग (Muhurat Trading) कहा जाता है। माना जाता है कि इस एक घंटे में निवेश करने से पूरे साल पोर्टफोलियो में मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है और अच्छी खासी बरकत होती है। लेकिन, क्या वाकई मुहूर्त ट्रेडिंग के दिन पैसा लगाने से फायदा होता है? अगर आपके मन में भी यही सवाल है, तो आपको एक बार पिछले 10 सालों का रिकॉर्ड जरूर देख लेना चाहिए। आइए जानते हैं इस बार मुहूर्त ट्रेडिंग कब है, पिछले 10 सालों में इस दिन बाजार ने कैसा परफॉर्म किया है और नयए साल (संवत 2083) में इस बार बाजार का क्या मूड रहने वाला है...
दिवाली पर कब खुलेगा शेयर बाजार?
इस बार बीएसई (BSE) और एनएसई (NSE) पर मुहूर्त ट्रेडिंग (Muhurat Trading 2026 Time) का आयोजन रविवार, 8 नवंबर को किया जा रहा है। वैसे तो संडे को बाजार बंद रहता है, लेकिन इस खास परंपरा को निभाने के लिए शाम 2:20 बजे से 3:30 बजे तक स्पेशल ट्रेडिंग सेशन चलेगा। इस दौरान बड़े ट्रेडर्स से लेकर आम निवेशक तक, हर कोई शगुन के तौर पर थोड़े-बहुत शेयर खरीदता है।
मुहूर्त ट्रेडिंग: पिछले 10 सालों का रिकॉर्ड क्या कहता है?
अगर हम पिछले 10 सालों के डेटा पर नजर डालें, तो मुहूर्त ट्रेडिंग निवेशकों के लिए काफी लकी साबित हुई है। 10 में से 8 बार निफ्टी (Nifty) हरे निशान यानी फायदे में ही बंद हुआ है। हालांकि, ये भी सच है कि इस एक घंटे में बाजार रॉकेट की तरह नहीं भागता। 2008 के उस दिन को छोड़ दें (जब मंदी के बीच बाजार 6% उछला था), तो आमतौर पर तेजी 1% से कम ही रहती है।
Muhurat Trading: पिछले 10 सालों में निफ्टी-50 का परफॉर्मेंस
| साल | निफ्टी का हाल |
|---|---|
| 2025 | 0.10% का फायदा |
| 2024 | 0.41% का फायदा |
| 2023 | 0.52% का फायदा |
| 2022 | 0.88% का फायदा |
| 2021 | 0.49% का फायदा |
| 2020 | 0.47% का फायदा |
| 2019 | 0.37% का फायदा |
| 2018 | 0.65% का फायदा |
| 2017 | - 0.63% का नुकसान |
| 2016 | -0.14% का नुकसान |
मुहूर्त ट्रेडिंग का पिछला साल कैसा रहा?
दिवाली से शेयर बाजार का नया साल शुरू होता है, जिसे 'संवत' कहते हैं। बीता साल यानी संवत 2082 शेयर बाजार के लिए काफी भारी रहा। अमेरिका, इजरायल और ईरान की लड़ाई के चलते कच्चा तेल $110 के पार पहुंच गया। इसी डर से सिर्फ मार्च महीने में ही निफ्टी 11.3% धड़ाम हो गया था। महंगाई को कंट्रोल करने के लिए RBI ने रेपो रेट 5.50% कर दिया। विदेशी निवेशकों (FPIs) ने घबराकर बाजार से 3.3 लाख करोड़ रुपये निकाल लिए। जब विदेशी पैसा निकाल रहे थे, तब घरेलू निवेशकों (DIIs) ने बाजार को गिरने से बचाया और 8.8 लाख करोड़ रुपये का निवेश किया।
इस बार मुहूर्त ट्रेडिंग से क्या उम्मीद है?
अब सबकी नजरें नए साल (संवत 2083) पर हैं। ब्रोकरेज फर्म एक्सिस डायरेक्ट और मोतीलाल ओसवाल (Motilal Oswal) दोनों का मानना है कि नया साल बाजार के लिए काफी दमदार साबित हो सकता है। इसके 3 बड़े कारण हैं...
मजबूत इकॉनमी: Q1 FY27 में देश की जीडीपी 7.8% की तगड़ी रफ्तार से बढ़ी है।
आईपीओ की बाढ़: प्राइमरी मार्केट में गजब का माहौल है। जियो प्लेटफॉर्म्स (Jio Platforms) और खुद शेयर बाजार (NSE) का मेगा आईपीओ (IPO) आने वाला है। इसके अलावा 225 से ज्यादा कंपनियां अपना आईपीओ लाने की लाइन में खड़ी हैं।
सरकारी सपोर्ट: सरकार ने कैपिटल एक्सपेंडिचर (कैपेक्स) के लिए 12.2 लाख करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट रखा है, जिससे बाजार में पैसे और डिमांड की कमी नहीं होगी।
डिस्क्लेमर: ये आर्टिकल सिर्फ सामान्य जानकारी और सूचना के लिए है। इसे किसी भी शेयर को खरीदने-बेचने की सलाह न मानें। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों (Risks) के अधीन है। किसी भी निवेश से पहलेअपने सर्टिफाइड फाइनेंशियल एडवाइजर (Financial Advisor) से सलाह जरूर लें।














