Brent crude 100 डॉलर के पार पहुंचने से दुनिया भर में ईंधन कीमतों पर दबाव बढ़ गया है। पड़ोसी देशों में पेट्रोल अमेरिका से भी महंगा हो चुका है, जबकि भारत में पेट्रोल-डीजल के रेट तीन महीने से स्थिर हैं। सवाल है कि ये राहत आखिर कब तक चलेगी?
Petrol Price Today: कच्चे तेल की कीमतों में जारी तेजी ने एक बार फिर दुनिया भर में पेट्रोल और डीजल के दाम बढ़ने की चिंता पैदा कर दी है। Brent crude 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच चुका है, जबकि अमेरिकी कच्चा तेल भी इसी स्तर के करीब बना हुआ है। इसका असर कई देशों के खुदरा ईंधन बाजार पर दिखाई देने लगा है। हालांकि भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें पिछले तीन महीने से अधिक समय से स्थिर बनी हुई हैं।
दुनिया भर में पेट्रोल का औसत भाव 147 रुपये से ज्यादा
ताजा वैश्विक आंकड़ों के अनुसार, दुनिया में पेट्रोल की औसत कीमत करीब 147.68 रुपये प्रति लीटर है। इसके मुकाबले भारत में ईंधन की कीमतें फिलहाल अपेक्षाकृत कम बनी हुई हैं। दिल्ली में पेट्रोल 102.12 रुपये प्रति लीटर और डीजल 95.20 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। ऐसे में वैश्विक बाजार में तेजी के बावजूद भारतीय उपभोक्ताओं को फिलहाल बढ़ती कीमतों से कुछ राहत मिल रही है।
पड़ोसी देशों में पेट्रोल अमेरिका से भी महंगा
ईंधन की कीमतों की तुलना करें तो भारत के कई पड़ोसी देशों में पेट्रोल अमेरिका से ज्यादा महंगा हो चुका है। अमेरिका में पेट्रोल की औसत कीमत करीब 110.69 रुपये प्रति लीटर बताई जा रही है। वहीं बांग्लादेश में यह 112 रुपये, म्यांमार में 115.56 रुपये और चीन में 122.74 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच गया है।
पाकिस्तान में पेट्रोल करीब 124.51 रुपये और नेपाल में 125.53 रुपये प्रति लीटर है। श्रीलंका में इसकी कीमत 137 रुपये प्रति लीटर के पार पहुंच चुकी है। भारत का औसत पेट्रोल रेट करीब 108 रुपये है, जबकि पड़ोसी देशों में केवल भूटान ऐसा देश है जहां पेट्रोल भारत से सस्ता बताया जा रहा है। वहां इसकी कीमत करीब 99.05 रुपये प्रति लीटर है।
डीजल के मामले में भारत को मिल रही राहत
डीजल की कीमतों पर नजर डालें तो भारत की स्थिति कई देशों की तुलना में बेहतर दिखाई देती है। भारत में डीजल का औसत रेट करीब 98.32 रुपये प्रति लीटर है। इसके मुकाबले भूटान में डीजल 104.38 रुपये, चीन में 109.57 रुपये और नेपाल में 125.53 रुपये प्रति लीटर तक पहुंच चुका है।
पाकिस्तान में डीजल करीब 131.89 रुपये और श्रीलंका में लगभग 138 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है। अमेरिका में डीजल की कीमत करीब 140.45 रुपये प्रति लीटर बताई जा रही है। हालांकि बांग्लादेश में डीजल करीब 88.83 रुपये प्रति लीटर है, जो भारत समेत इस क्षेत्र के कई देशों की तुलना में कम है।
भारत में तीन महीने से स्थिर हैं ईंधन के दाम
भारत दुनिया के सबसे बड़े कच्चा तेल आयात करने वाले देशों में शामिल है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में होने वाला बदलाव घरेलू बाजार के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है। इसके बावजूद पिछले तीन महीने से अधिक समय से देश में पेट्रोल और डीजल की खुदरा कीमतों में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ है।
इससे पहले अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के कारण कच्चे तेल में तेजी देखने को मिली थी। उस दौरान कई देशों में ईंधन की कीमतों का असर सीधे उपभोक्ताओं पर पड़ा, जबकि भारत में सरकार और तेल कंपनियों ने कीमतों के दबाव को कुछ समय तक संभालने की कोशिश की।
तेल कंपनियों के मार्जिन पर बढ़ रहा दबाव
लंबे समय तक अंतरराष्ट्रीय कीमतें ऊंची रहने की स्थिति में सरकारी तेल कंपनियों के मार्जिन पर दबाव बढ़ सकता है। इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन, भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड जैसी कंपनियों के लिए कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें चुनौती बन सकती हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, पेट्रोल और डीजल की बिक्री पर कंपनियों के मार्जिन को लेकर दबाव की स्थिति बनी हुई है। यदि Brent crude लंबे समय तक 100 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर टिका रहता है, तो आने वाले दिनों में भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बदलाव की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
Brent की चाल पर टिकी आम लोगों की नजर
फिलहाल भारतीय उपभोक्ताओं के लिए सबसे बड़ा सवाल यही है कि पेट्रोल और डीजल की मौजूदा कीमतें कब तक स्थिर रह पाएंगी। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की तेजी जारी रही तो तेल कंपनियों और सरकार के सामने कीमतों का दबाव बढ़ सकता है।
ऐसे में आने वाले दिनों में Brent crude की चाल भारत के पेट्रोल-डीजल बाजार के लिए बेहद अहम रहने वाली है। फिलहाल दाम स्थिर हैं, लेकिन कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने भविष्य में ईंधन महंगा होने की आशंका जरूर बढ़ा दी है।
