केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल 13 से 17 जुलाई तक स्पेन, बेल्जियम और फिनलैंड का दौरा करेंगे. वे एक व्यापार प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे, जिसका मकसद यूरोप के साथ आर्थिक संबंधों को मजबूत करना और भारतीय निर्यातकों के लिए नए मौके तलाशना है.
नई दिल्ली [भारत], 12 जुलाई (एएनआई): केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल 13 से 17 जुलाई तक स्पेन, बेल्जियम और फिनलैंड के दौरे पर एक उच्च-स्तरीय व्यापार प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे. इस दौरे का उद्देश्य यूरोप के साथ भारत की आर्थिक भागीदारी को गहरा करना और भारतीय निर्यातकों के लिए नए अवसर तलाशना है.
FTA से भारतीय कारोबारियों के लिए खुले नए अवसर
भारत के व्यापार समझौतों के बढ़ते नेटवर्क के बारे में बात करते हुए गोयल ने कहा कि हस्ताक्षरित एफटीए (FTA) ने भारतीय व्यवसायों के लिए नए अवसर खोले हैं. मंत्री ने कहा, "प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित देशों के साथ भारत द्वारा हस्ताक्षरित मुक्त व्यापार समझौतों ने भारत के औद्योगिक क्षेत्र, किसानों, मछुआरों और एमएसएमई (MSME) के लिए निर्यात की अपार संभावनाएं खोली हैं, साथ ही रोजगार के नए अवसर भी पैदा किए हैं."
भारत-ब्रिटेन एफटीए के कार्यान्वयन पर प्रकाश डालते हुए गोयल ने कहा, "ब्रिटेन के साथ मुक्त व्यापार समझौता 15 तारीख को लागू होने वाला है, जिससे भारत से माल शून्य शुल्क पर निर्यात किया जा सकेगा."
गोयल ने प्रस्तावित भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौते का भी जिक्र करते हुए कहा, "प्रधानमंत्री और यूरोपीय संघ के अध्यक्ष के बीच 27 जनवरी को हुई बैठक के दौरान यूरोपीय संघ के 27 देशों के साथ एक मुक्त व्यापार समझौते को अंतिम रूप दिया गया था."
अपने यूरोप दौरे की घोषणा करते हुए गोयल ने कहा, "मैं अगले हफ्ते इनमें से चार देशों की यात्रा पर जा रहा हूं, जहां भारतीय निर्यातकों के लिए नए अवसर तलाशने के लिए एक व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करूंगा."
उन्होंने कहा कि प्रतिनिधिमंडल में विविध क्षेत्रों से सभी आकार की कंपनियां शामिल हैं. "इस दौरे में एक बड़ा व्यापार प्रतिनिधिमंडल भाग ले रहा है, जिसमें सभी आकार की कंपनियां और विविध क्षेत्रों के प्रतिनिधि शामिल हैं."
वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, गोयल की स्पेन, बेल्जियम और फिनलैंड की यात्रा "व्यापार, निवेश, प्रौद्योगिकी, नवाचार और स्थिरता पर ध्यान देने के साथ पूरे यूरोप में आर्थिक साझेदारी को मजबूत करने के लिए भारत की प्रतिबद्धता को रेखांकित करती है."
ब्रसेल्स में होगी भारत-ईयू व्यापार और प्रौद्योगिकी परिषद की बैठक
मंत्रालय ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल में उन्नत विनिर्माण, स्वच्छ ऊर्जा, डिजिटल टेक्नोलॉजी, रत्न और आभूषण, खाद्य प्रसंस्करण, स्वास्थ्य सेवा और डिजाइन जैसे क्षेत्रों की प्रमुख भारतीय कंपनियां शामिल हैं.
ब्रसेल्स में गोयल, विदेश मंत्री एस जयशंकर और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद के साथ तीसरी भारत-ईयू व्यापार और प्रौद्योगिकी परिषद (टीटीसी) की मंत्रिस्तरीय बैठक की सह-अध्यक्षता करेंगे.
मंत्रालय ने भारत-ईयू टीटीसी को "व्यापार, विश्वसनीय प्रौद्योगिकी और आर्थिक सुरक्षा पर सहयोग के लिए सर्वोच्च संस्थागत तंत्र" बताया.
परिषद का जिक्र करते हुए गोयल ने कहा, "व्यापार से संबंधित मुद्दों को हल करने और नई प्रौद्योगिकी साझेदारी बनाने के लिए हमारे पास यूरोपीय संघ के साथ एक 'व्यापार और प्रौद्योगिकी परिषद' तंत्र है; इस परिषद की एक बैठक 14 और 15 तारीख को ब्रसेल्स में होने वाली है."
मंत्रालय ने कहा कि यह दौरा "भारत-ईयू संबंधों में एक महत्वपूर्ण मोड़" पर हो रहा है, क्योंकि दोनों पक्ष आर्थिक सहयोग को मजबूत करने और भारत-ईयू मुक्त व्यापार समझौते के शीघ्र कार्यान्वयन की दिशा में काम करने के लिए प्रतिबद्ध हैं. मंत्रालय ने कहा कि इस दौरे से व्यापार और निवेश संबंधों को नई गति मिलने की उम्मीद है, साथ ही उभरती प्रौद्योगिकियों, स्वच्छ ऊर्जा, नवाचार और उन्नत विनिर्माण में सहयोग का विस्तार होगा. (एएनआई)
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