सूरत के हीरा कारोबारी सावजी ढोलकिया कर्मचारियों को महंगे बोनस (कार, फ्लैट) देने के लिए मशहूर हैं। उन्होंने 12 साल की उम्र में 12 रुपये से शुरुआत कर 15,000 करोड़ का साम्राज्य बनाया और वे समाज सेवा भी करते हैं।
सूरत के मशहूर 'हरि कृष्णा एक्सपोर्ट्स' के मालिक सावजी ढोलकिया इन दिनों सोशल मीडिया पर छाए हुए हैं। उनकी जिंदगी किसी भी कारोबारी के लिए एक मिसाल है। वह सिर्फ एक बिजनेसमैन ही नहीं, बल्कि एक बड़े दिल वाले इंसान भी हैं जो अपने कर्मचारियों को परिवार का हिस्सा मानते हैं। वह अपने कर्मचारियों को जो तोहफे देते हैं, वही उन्हें सबसे अलग बिजनेसमैन बनाता है। ढोलकिया ने दिवाली बोनस के तौर पर अपने कर्मचारियों को कार, फ्लैट और सोने के गहने देकर सबका ध्यान खींचा था। उनका कहना है कि अपने मुनाफे को कर्मचारियों के साथ बांटना ही असली जादू है।
12 रुपये, 12 साल की उम्र
गुजरात के अमरेली जिले के एक छोटे से गाँव से वह 12 साल की उम्र में सिर्फ 12 रुपये लेकर सूरत आए थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, आज ढोलकिया 15,000 करोड़ रुपये से ज्यादा के डायमंड एक्सपोर्ट करने वाले एक बड़े साम्राज्य के मालिक हैं। कहते हैं कि उनकी इच्छा है कि अगले पाँच सालों में उनके हर कर्मचारी के पास अपना घर और कार हो।
वह 50 एकड़ में फैले अपने बड़े से घर में तीन पीढ़ियों के 64 सदस्यों के साथ रहते हैं। वह कहते हैं कि इस तरह एक साथ रहना उनका बड़ा सपना था। ढोलकिया सिर्फ एक बिजनेसमैन ही नहीं हैं। उन्होंने गुजरात में पानी की कमी को दूर करने के लिए अपने गांव दुधाला और आसपास के इलाकों में कई झीलें भी बनवाई हैं। 'लेने से ज़्यादा देना पुण्य का काम है' - यही सावजी ढोलकिया की जिंदगी का मंत्र है।
