Credit Card: 1 दिन की देरी और 10,000 का बिल बन सकता है ₹11,000, इस गलती में मत फंसिए!
Credit Card Billing Mistakes: क्रेडिट कार्ड आज हर किसी के पास है। शॉपिंग, रेस्टोरेंट, ऑनलाइन ऑर्डर कार्ड स्वाइप करके आसानी से काम हो जाता है? लेकिन यही कभी-कभी बिल बड़ा करने वाला बन जाता है। जिसे चुकाने में एक दिन की देरी भारी पड़ सकती है। जानिए कैसे

क्रेडिट कार्ड बिल में 1 दिन की देरी, हजारों का नुकसान
अक्सर लोग सोचते हैं कि एक दिन की देरी से कुछ फर्क नहीं पड़ता। सच ये है कि फर्क पड़ता है और काफी बड़ा पड़ता है। मान लीजिए 1 फरवरी को आपने 10,000 रुपए की शॉपिंग की और 20 मार्च को बिल ड्यू डेट है। आपने एक दिन देरी से 21 मार्च को बिल चुकाया। इस 1 दिन की देरी से आपका बिल बढ़कर करीब 11,000 रुपए तक हो सकता है। मतलब सिर्फ 1 दिन और आपका 10,000 का खर्च 1,000 रुपये महंगा हो सकता है, क्योंकि इस पर भारी-भरकम इंट्रेस्ट लग जाता है।
क्रेडिट कार्ड मिनिमम ड्यू सिर्फ झांसा है
बहुत लोग सोचते हैं कि मिनिमम पेमेंट भर दिया, अब सब ठीक है। हकीकत ये है कि मिनिमम सिर्फ यह सुनिश्चित करता है कि कार्ड ब्लॉक न हो और लेट फीस न लगे। बकाया राशि पर ब्याज बढ़ता रहता है। अगले महीने आपका बिल पहले से भी ज्यादा हो सकता है। मिनिमम ड्यू भरना बिल घटाने की जगह बढ़ाने का रास्ता है।
क्रेडिट कार्ड इंटरेस्ट फ्री पीरियड भी पूरी तरह ठीक नहीं
बैंक कहते हैं कि क्रेडिट कार्ड पर 45-50 दिन का इंटरेस्ट फ्री पीरियड मिलेगा। हां, सही है, लेकिन यह केवल तभी काम करता है जब आप बिल समय पर चुकाएं। 1 दिन की देरी से भी पूरा फायदा खत्म हो सकता है। कुछ बैंक 1-2 दिन का छोटा ग्रेस देते हैं, बाकी पर ब्याज और जीएसटी लागू होता है।
क्रेडिट कार्ड पर जीएसटी और लेट फीस का खेल
हर महीने लगे ब्याज पर 18% जीएसटी लगता है। अगर बिल समय पर न चुकाएं, तो लेट फीस भी जुड़ती है। कुल मिलाकर आपका बिल अचानक भारी बन सकता है। ऐसे में एक्सपर्ट्स सलाह देते हैं कि क्रेडिट कार्ड का बिल हमेशा समय पर चुकाना चाहिए।
क्रेडिट कार्ड बिल में देरी से कैसे बचें?
- बिल हमेशा समय पर चुकाएं।
- मिनिमम पेमेंट पर भरोसा न करें।
- खर्च करने से पहले सोचें कि पूरा बिल चुका सकते हैं या नहीं।
- हर महीने ब्याज और जीएसटी की जांच करें।
- ये छोटे-छोटे कदम आपको क्रेडिट कार्ड के कर्ज वाले जाल से बचा सकते हैं और आपका पैसा सुरक्षित रख सकते हैं।
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