Tata Sons के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन के इस्तीफे के बाद TCS, टाइटन, टाटा स्टील समेत टाटा ग्रुप के 10 प्रमुख शेयरों में भारी गिरावट दर्ज की गई।
TATA ग्रुप के दिग्गज उद्योगपति और टाटा संस के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस फैसले के बाद शेयर बाजार में टाटा ग्रुप की कई कंपनियों के शेयरों में तेज गिरावट देखने को मिली। एन. चंद्रशेखरन पिछले करीब 40 वर्षों से टाटा ग्रुप से जुड़े हुए थे। उन्होंने 1987 में अपने करियर की शुरुआत टाटा ग्रुप से की थी। उनका मौजूदा कार्यकाल फरवरी 2027 तक था, लेकिन उन्होंने 18 अगस्त को होने वाली टाटा संस की सालाना आम बैठक (AGM) से पहले ही इस्तीफा दे दिया।
एन. चंद्रशेखरन के इस्तीफ़े के बाद क्यों गिरे Tata Group के शेयर?
Tata Group Stock Price: एन. चंद्रशेखरन के इस्तीफे की खबर सामने आने के बाद निवेशकों ने टाटा ग्रुप के कई शेयरों में बिकवाली शुरू कर दी, जिससे कई प्रमुख स्टॉक्स में गिरावट दर्ज की गई। टाटा संस के चेयरमैन पद से एन. चंद्रशेखरन के इस्तीफे की खबर के बाद बाजार में निवेशकों की प्रतिक्रिया देखने को मिली। इसके चलते टाटा ग्रुप की कई लिस्टेड कंपनियों के शेयर दबाव में आ गए और कारोबार के दौरान इनमें गिरावट दर्ज की गई।
सबसे ज्यादा गिरने वाले Tata Group के 10 शेयर
सुबह साढ़े 12 बजे तक टाटा ग्रुप के कई शेयरों में भारी गिरावट का दौर जारी था। इनमें टाटा कंसल्टेंसी, तेजस नेटवर्क्स, टाटा मोटर पैसेंजर, टाइटन कंपनी जैसे स्टॉक्स में बड़ी गिरावट देखी जा रही है।
1. Tata Consultancy Services (TCS)
NSE Price: ₹2,318.00
गिरावट: 5.23%
2. Tejas Networks Ltd
NSE Price: ₹517.00
गिरावट: 3.12%
3. Tata Motors Passenger Vehicles Limited
NSE Price: ₹336.90
गिरावट: 3.10%
4. Titan Company Limited
NSE Price: ₹5,006.70
गिरावट: 2.36%
5. Tata Steel Limited
NSE Price: ₹183.88
गिरावट: 2.34%
6. Tata Elxsi Limited
NSE Price: ₹3,708.00
गिरावट: 2.29%
7. Tata Communications Limited
NSE Price: ₹1,711.20
गिरावट: 2.00%
8. Tata Consumer Products Limited
NSE Price: ₹1,063.20
गिरावट: 1.39%
9. Tata Power Company
NSE Price: ₹374.80
गिरावट: 1.33%
10. Indian Hotels Company Limited
NSE Price: ₹716.80
गिरावट: 0.99%
निवेशकों के लिए इसका क्या मतलब है?
एन. चंद्रशेखरन के इस्तीफे के बाद टाटा ग्रुप के कई शेयरों में अल्पकालिक दबाव देखने को मिला। जिन निवेशकों के पोर्टफोलियो में टाटा ग्रुप की कंपनियों के शेयर शामिल हैं, वे बाजार की आगे की गतिविधियों और कंपनी से जुड़ी आधिकारिक घोषणाओं पर नजर बनाए हुए हैं।


