IT सेक्टर में छंटनी के डर से एक टेक कपल 1.7 करोड़ का फ्लैट खरीदने में हिचकिचा रहा है। आर्थिक रूप से सक्षम होने के बावजूद, नौकरी की अनिश्चितता उन्हें बड़ा होम लोन लेने से रोक रही है। यह कई टेक प्रोफेशनल्स की आम चिंता बन गई है।

एक टेक कपल की Reddit पोस्ट ने हज़ारों लोगों का ध्यान खींचा है। अच्छी कमाई करने वाला यह जोड़ा 1.7 करोड़ रुपये का फ्लैट खरीदने को लेकर उलझन में है। वजह है IT सेक्टर में लगातार हो रही छंटनी। पति-पत्नी दोनों सॉफ्टवेयर डेवलपर हैं और उन्हें 10 साल से ज़्यादा का अनुभव है। उनका कहना है कि वे डाउन पेमेंट और EMI आराम से दे सकते हैं, लेकिन नौकरी जाने का डर उन्हें यह बड़ा कदम उठाने से रोक रहा है। यह वायरल पोस्ट बेंगलुरु, हैदराबाद और गुड़गांव जैसे शहरों में काम कर रहे टेक प्रोफेशनल्स की बढ़ती चिंता को दिखाती है। इन शहरों में प्रॉपर्टी की कीमतें आसमान छू रही हैं और छंटनी का डर भी बना हुआ है, जिसके चलते कई लोग लंबे होम लोन लेने से कतरा रहे हैं।

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'पैसे हैं, पर घबराहट हो रही है'

Reddit पोस्ट में इस कपल ने लिखा, "मैं और मेरे पति इस बात को लेकर कन्फ्यूज हैं कि अभी फ्लैट खरीदना सही फैसला है या नहीं।" उन्होंने बताया कि दोनों प्रोडक्ट-बेस्ड IT कंपनियों में काम करते हैं और दोनों को करीब 10-11 साल का अनुभव है। कपल ने बताया कि जो प्रॉपर्टी वे देख रहे हैं, उसकी कीमत करीब 1.6 से 1.7 करोड़ रुपये है। लेकिन रजिस्ट्रेशन और इंटीरियर का खर्चा मिलाकर यह 2 करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। पोस्ट में लिखा था, “फाइनेंशियली हम डाउन पेमेंट और EMI मैनेज कर सकते हैं, लेकिन टेक इंडस्ट्री में हालिया छंटनी और अनिश्चितता को देखते हुए, इतना बड़ा लोन लेने में बहुत घबराहट हो रही है।”

बड़े होम लोन पर सोशल मीडिया पर बंटी राय

इस पोस्ट पर ऑनलाइन जमकर बहस हुई। कई यूजर्स ने मौजूदा हालात में सावधानी बरतने की सलाह दी। एक रेडिट यूजर ने कमेंट किया, "अगर आप कम से कम 60-70% डाउन पेमेंट कर सकते हैं, तभी आगे बढ़ें।" एक अन्य यूजर ने चेतावनी दी कि AI और ऑटोमेशन के आने से "भारी-भरकम EMI" चुकाना मुश्किल हो सकता है।

एक और सलाह जो खूब शेयर हुई, वो यह थी कि खरीदारों को यह पक्का कर लेना चाहिए कि "EMI एक व्यक्ति की सैलरी से भी भरी जा सके" और इतना बड़ा लोन लेने से पहले कम से कम 12 महीने का इमरजेंसी फंड भी तैयार रखें।

AI से छंटनी का डर बदल रहा रियल एस्टेट के फैसले

यह बातचीत ऐसे समय में हो रही है जब AI की वजह से होने वाली छंटनी और धीमी हायरिंग का असर भारत के टेक-ड्रिवन हाउसिंग मार्केट पर पहले से ही पड़ रहा है। हाल के कई ऑनलाइन डिस्कशन से पता चला है कि पहली बार घर खरीदने वाले कई लोग नौकरी की सुरक्षा और लंबी EMI की चिंता के कारण अपनी खरीदारी टाल रहे हैं।

एक अन्य Reddit चर्चा में तो यहां तक कहा गया कि "जब सैलरी आनी बंद हो जाती है तो हर महीने की EMI एक बुरे सपने जैसी बन जाती है।" यह दिखाता है कि छंटनी ने IT प्रोफेशनल्स के बीच महंगे रियल एस्टेट को लेकर सोच कैसे बदल दी है।

बढ़ती कीमतों ने बढ़ाई चिंता

इस वायरल पोस्ट ने एक बार फिर इस बात पर रोशनी डाली है कि भारत के सबसे बड़े टेक हब में अच्छी कमाई करने वाले प्रोफेशनल्स के लिए भी घर खरीदना कितना मुश्किल हो गया है। कई शहरी इलाकों में प्रॉपर्टी की कीमतें 2 करोड़ रुपये तक पहुंचने के साथ, कई नौकरीपेशा खरीदार अब यह सोचने पर मजबूर हैं कि क्या अनिश्चित जॉब मार्केट में इतना बड़ा कर्ज लेना समझदारी है।