Commercial LPG Cylinder: NPCI ने 15 अक्टूबर से 2000 रुपये से ज्यादा के कुछ मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर 5 रुपये फ्लैट MDR का प्रस्ताव रखा है. LPG डिस्ट्रीब्यूटर्स इसके असर का आकलन कर रहे हैं. 19 किलो कमर्शियल सिलेंडर (₹2,747.50) पर शुल्क लगभग तय दिखता है, घरेलू 14.2 किलो सिलेंडर पर उलझन बनी हुई है.
LPG Payment Rules: UPI से भुगतान करने वाले LPG ग्राहकों और गैस डिस्ट्रीब्यूटर्स के लिए अक्टूबर से भुगतान व्यवस्था में बदलाव देखने को मिल सकता है। नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (NPCI) के नए ढांचे के तहत 15 अक्टूबर 2026 से ₹2,000 से अधिक के चुनिंदा मर्चेंट UPI लेनदेन पर Merchant Discount Rate यानी MDR लागू होगा। सामान्य मर्चेंट भुगतान पर यह दर 0.4 प्रतिशत है, जबकि ईंधन जैसी निर्धारित श्रेणियों के लिए ₹5 का फ्लैट शुल्क रखा गया है।
19 किलो कमर्शियल सिलेंडर पर ज्यादा चिंता
LPG डिस्ट्रीब्यूटर्स के लिए सबसे स्पष्ट मामला 19 किलो के कमर्शियल सिलेंडर का है। इंडियन ऑयल के अनुसार, 1 सितंबर 2026 को दिल्ली में 19 किलो कमर्शियल LPG सिलेंडर की कीमत ₹2,747.50 थी। यानी इसकी कीमत ₹2,000 की सीमा से ऊपर है।
इसी वजह से कमर्शियल LPG की बिक्री पर होने वाले UPI भुगतान में ₹5 के फ्लैट MDR को लेकर डिस्ट्रीब्यूटर्स लागत का आकलन कर रहे हैं। रिपोर्टों के अनुसार, LPG एजेंसियां इस शुल्क से राहत के लिए सरकार से संपर्क करने पर भी विचार कर रही हैं।
घरेलू 14.2 किलो सिलेंडर को लेकर अभी असमंजस
घरेलू LPG सिलेंडर का मामला अलग है। 14.2 किलो के सिलेंडर की कीमत कई जगह ₹1,000 से कम है, इसलिए केवल सिलेंडर की कीमत के आधार पर यह ₹2,000 की सीमा पार नहीं करता। लेकिन LPG डिस्ट्रीब्यूटर्स की चिंता डिलीवरी के समय भुगतान लेने की व्यवस्था को लेकर है।
कुछ एजेंसियों में डिलीवरी कर्मचारी ग्राहकों से अपने UPI खाते में भुगतान लेते हैं और बाद में दिनभर की रकम एजेंसी के खाते में भेजते हैं। ऐसे में अलग-अलग ग्राहकों से मिली रकम को एक साथ ट्रांसफर करने की व्यवस्था MDR के दायरे में कैसे आएगी, इसे लेकर स्पष्टता का इंतजार है।
क्या ग्राहक से वसूला जाएगा ₹5?
यहां एक अहम बात समझना जरूरी है। नया MDR मर्चेंट पर लगाया गया शुल्क है, ग्राहक से अलग से ₹5 लेने का प्रावधान नहीं है। वित्त मंत्रालय ने बैंकों को निर्देश दिया है कि नए शुल्क को ग्राहकों पर न डाला जाए।
इसलिए फिलहाल इसे सीधे तौर पर LPG सिलेंडर की कीमत में ₹5 की बढ़ोतरी के तौर पर नहीं देखा जा सकता। असली असर इस बात पर निर्भर करेगा कि LPG एजेंसियां अपने भुगतान तंत्र को कैसे व्यवस्थित करती हैं।
15 अक्टूबर से UPI में क्या बदलेगा?
NPCI के नए ढांचे के अनुसार, ₹2,000 तक के P2M UPI भुगतान पर MDR नहीं लगेगा। ₹2,000 से अधिक के सामान्य मर्चेंट भुगतान पर 0.4 प्रतिशत MDR लागू होगा, जिसकी अधिकतम सीमा ₹300 प्रति लेनदेन है। वहीं ईंधन, रेलवे, टेलीकॉम और बीमा जैसी निर्धारित श्रेणियों में ₹2,000 से अधिक के भुगतान पर ₹5 का फ्लैट MDR रखा गया है।
LPG एजेंसियां क्यों कर रही हैं भुगतान व्यवस्था की समीक्षा?
LPG डिस्ट्रीब्यूटर्स के मार्जिन और भुगतान प्रक्रिया को देखते हुए एजेंसियां यह आकलन कर रही हैं कि MDR का उनके रोजाना के कलेक्शन पर कितना असर पड़ेगा। कुछ जगहों पर नकद भुगतान की ओर लौटने की आशंका भी सामने आई है। पंजाब के लुधियाना में LPG एजेंसियों ने MDR को लेकर चिंता जताई है और डिजिटल भुगतान सीमित करने की संभावना पर चर्चा की है।
हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि घरेलू LPG की हर तरह की डिलीवरी और कलेक्शन व्यवस्था पर नए MDR का अंतिम प्रभाव क्या होगा। इसलिए ग्राहकों के लिए फिलहाल सबसे जरूरी बात यह है कि 15 अक्टूबर से लागू होने वाले नए नियम के बाद अपनी LPG एजेंसी की भुगतान व्यवस्था और उपलब्ध विकल्पों की जानकारी रखें।a
