Vedanta Best Share to Buy: वेदांता एल्युमिनियम, ऑयल एंड गैस, आयरन एंड स्टील और वेदांता लिमिटेड शेयरों में सबसे ज्यादा कमाई की संभावना किसमें है? कौन-सा शेयर सबसे सेफ माना जा रहा है? किस कंपनी पर सबसे ज्यादा रिस्क है? 

Vedanta Shares Performance: दिग्गज कारोबारी अनिल अग्रवाल की कंपनी वेदांता (Vedanta Ltd) के शेयर डीमर्जर के बाद से ही चर्चा में हैं। अब कंपनी के एक नहीं बल्कि 5-5 शेयर्स हैं। इनमें एल्युमिनियम, ऑयल एंड गैस, पावर, आयरन एंड स्टील और पैरेंट कंपनी यानी वेदांता शामिल हैं। पिछले दो दिनों से सभी पांचों शेयरों का हाल एक जैसा नहीं है। ऐसे में छोटे और रिटेल निवेशकों के मन में एक ही सवाल है कि इन 5 नई कंपनियों में से किसमें सबसे ज्यादा मुनाफा (रिवॉर्ड) है और कहां पैसा डूबने का रिस्क सबसे ज्यादा है? मार्केट एक्सपर्ट्स से जानिए किस शेयर को दबाकर रखना है और कहां सावधान रहना है...

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

वेदांता एल्युमिनियम शेयर (Vedanta Aluminium Share)

मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इन पांचों कंपनियों में से सबसे तगड़ी और दमदार ग्रोथ स्टोरी वेदांता एल्युमिनियम मेटल की नजर आ रही है। अगर आप लॉन्ग टर्म में बड़ा मुनाफा कमाना चाहते हैं, तो यह कंपनी आपके लिए नंबर-1 दांव साबित हो सकती है। यह कंपनी सीधे तौर पर देश में आने वाले इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) बूम, पावर ग्रिड के विस्तार और ग्रीन एनर्जी के बिजनेस से जुड़ी है। आने वाले समय में इन सेक्टर्स में एल्युमिनियम की मांग रिकॉर्ड तोड़ होने वाली है। अब इस कंपनी को अपना मोटा मुनाफा किसी कमजोर 'सिस्टर कंपनी' को बचाने के लिए दान नहीं करना पड़ेगा। इसका पूरा पैसा इसी के पास रहेगा, जिससे इसकी ताकत बढ़ेगी। हालांकि, इसमें रिस्क भी है। आपको ग्लोबल मार्केट में एल्युमिनियम की कीमतों और कच्चे माल (जैसे बॉक्साइट) के दामों में होने वाले उतार-चढ़ाव पर नजर रखनी होगी।

वेदांता ऑयल एंड गैस शेयर (Vedanta Oil & Gas Share)

एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर आपको थोड़ा रिस्क लेना पसंद है, तो केयर्न (Cairn) के नाम से चलने वाला यह ऑयल बिजनेस आपके लिए हो सकता है। यह सीधे तौर पर इंटरनेशनल मार्केट में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों से जुड़ा है। दुनिया में जब भी कच्चे तेल (Brent Crude) के दाम बढ़ेंगे, इस कंपनी की चांदी हो सकती है और बंपर कमाई की उम्मीद है। लेकिन यह बिजनेस दुनिया के हालातों (जियोपॉलिटिक्स), सरकारी नियमों और अचानक लगने वाले 'विंडफॉल टैक्स' के प्रति बेहद संवेदनशील है। तेल के दाम गिरे, तो मुनाफा भी तुरंत गिर सकता है।

वेदांता पावर शेयर (Vedanta Power Share)

अगर आप ऐसे निवेशक हैं जो ज्यादा रिस्क नहीं लेना चाहते और चाहते हैं कि धीरे-धीरे ही सही, लेकिन सुरक्षित कमाई होती रहे, तो पावर बिजनेस एक 'डिफेंसिव' यानी सुरक्षित ऑप्शन हो सकता है। भारत में बिजली की डिमांड लगातार बढ़ रही है। इस कंपनी के पास लंबे समय के लिए बिजली सप्लाई के एग्रीमेंट्स (PPAs) हैं, जिससे इसकी कमाई काफी हद तक फिक्स और स्टेबल रहेगी। लेकिन कोयले की कमी होना, पीछे से फ्यूल सप्लाई रुकना या राज्यों की सरकारी बिजली कंपनियों (Discoms) से पेमेंट मिलने में देरी होना इसके मुख्य खतरे हैं।

वेदांता आयरन एंड स्टील शेयर (Vedanta Iron & Steel Share)

मार्केट एक्सपर्ट्स के अनुसार, देश में जो नए हाईवे, एक्सप्रेसवे और बिल्डिंग्स बन रही हैं, यह कंपनी सीधे तौर पर उस मैन्युफैक्चरिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर ग्रोथ से जुड़ी है। अलग होने के बाद अब यह कंपनी खुद के दम पर बाजार से नया फंड (Capital) जुटा सकेगी और बड़े पार्टनर्स के साथ डील कर पाएगी। लेकिन स्टील इंडस्ट्री का एक साइकिल होता है। जब भी कंस्ट्रक्शन का काम धीमा पड़ेगा या मार्केट में स्टील के दाम गिरेंगे, इसका मार्जिन तुरंत दबाव में आ जाएगा।

वेदांता लिमिटेड शेयर (Vedanta Ltd Share)

डीमर्जर के बाद जो मूल कंपनी (Vedanta Ltd) बची है, उसके पास हिंदुस्तान जिंक (Hindustan Zinc) जैसी बड़ी कंपनियों की हिस्सेदारी और बेस-मेटल के एसेट्स रहेंगे। यहां से कमाई तो साफ दिखेगी, लेकिन एक बहुत बड़ा सिरदर्द भी है। इस पैरेंट कंपनी के पास अभी भी ग्रुप का बचा हुआ कॉर्पोरेट कर्ज (Residual Debt) चुकाने की बड़ी जिम्मेदारी है। इसके पास अब एल्युमिनियम या ऑयल बिजनेस की सीधी कमाई का एक्सेस नहीं होगा, लेकिन कर्ज का बोझ सबसे ज्यादा इसी को संभालना है।

डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सूचनात्मक उद्देश्यों (Informational Purposes) के लिए है और इसे निवेश सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। शेयर बाजार में निवेश जोखिमों के अधीन है। किसी भी स्टॉक में पैसा लगाने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार (Financial Advisor) या मार्केट एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें।