आपके बचत खाते में है सरप्लस फंड तो ऐसे कमाएं ज्यादा ब्याज, जानें क्या है ऑटो स्वीप फैसेलिटी

| Dec 09 2022, 08:31 PM IST

आपके बचत खाते में है सरप्लस फंड तो ऐसे कमाएं ज्यादा ब्याज, जानें क्या है ऑटो स्वीप फैसेलिटी
आपके बचत खाते में है सरप्लस फंड तो ऐसे कमाएं ज्यादा ब्याज, जानें क्या है ऑटो स्वीप फैसेलिटी
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सार

हर आदमी अपने बचत खाते (Savings Account) पर ज्यादा से ज्यादा ब्याज कमाना चाहता है। हालांकि, नॉर्मल तरीके से अकाउंट में पैसा पड़े रहने पर बैंक ज्यादा ब्याज नहीं देते। लेकिन अगर आप समझदारी से काम लें तो इसी सेविंग अकाउंट से ज्यादा पैसा कमा सकते हैं।

Auto Sweep Facility: हर आदमी अपने बचत खाते (Savings Account) पर ज्यादा से ज्यादा ब्याज कमाना चाहता है। हालांकि, नॉर्मल तरीके से अकाउंट में पैसा पड़े रहने पर बैंक ज्यादा ब्याज नहीं देते। लेकिन अगर आप समझदारी से काम लें तो इसी सेविंग अकाउंट से ज्यादा पैसा बना सकते हैं। इसके लिए आपको अपने अकाउंट में ऑटो स्वीप सुविधा (Auto Sweep Facility) शुरू करवानी होगी। आखिर क्या है  Auto Sweep सुविधा और किस तरह ये सेविंग्स अकाउंट के सरप्लस फंड पर आपको ज्याद ब्याज दिला सकती है, आइए जानते हैं। 

क्या है ऑटो-स्वीप फैसिलिटी और यह कैसे काम करती है?
कई सरकारी और प्राइवेट बैंक ऑटो-स्वीप की सुविधा देते हैं। ये एक ऑटोमेटेड फीचर है, जिसमें आपके सेविंग्स अकाउंट को फिक्स्ड डिपॉजिट अकाउंट से लिंक कर दिया जाता है। ऑटो-स्वीप सुविधा के तहत अगर आपके अकाउंट में सीमा से ज्यादा (सरप्लस फंड) पैसा है तो बैंक खुद ही उस पैसे को FD में कन्वर्ट कर देता है। इससे आप उस पैसे पर बचत खाते की तुलना में काफी ज्यादा ब्याज कमा सकते हैं।

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ऑटो स्वीप के लिए क्या करना होगा?
इस सुविधा को लेने के लिए आपको सबसे पहले फंड की एक लिमिट तय करनी होगी। यानि कि इस सर्विस को शुरू करने से पहले आपको बैंक को ये बात बतानी होगी कि आपके खाते में कितने अमाउंट के बाद बाकी बचे पैसे को एफडी अकाउंट में ऑटोमैटिक ट्रांसफर किया जाए। लिमिट तय होने के बाद जब भी आपके खाते में उससे ज्यादा पैसा होगा, वो एफडी में ट्रांसफर हो जाएगा। इससे आपको ज्यादा ब्याज मिलेगा। 

क्या है स्वीप-इन और स्वीप आउट?
जब सरप्लस फंड एफडी अकाउंट में ट्रांसफर होता है तो उसे Sweep Out कहते हैं। वहीं जब ये फंड आपके बैंक खाते में वापस आता है तो इसे Sweep In कहते हैं। स्वीप-आउट और स्वीप-इन फैसिलिटी के चलते आपको फंड की कमी नहीं होती। मान लीजिए कि आपको इमरजेंसी में कोई जरूरत पड़ी या फिर EMI भरने के लिए आपके पास उतना पैसा नहीं है, तो स्वीप-इन चालू होने से आपके एफडी अकाउंट से पैसे बैंक खाते में आ जाते हैं। 

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रिवर्स ऑटो-स्वीप से कभी भी निकाल सकते हैं पैसा : 
मान लीजिए कि आपने ऑटो-स्वीप फैसेलिटी ली हुई है और कभी आपके खाते में लिमिट से कम पैसा हुआ तो क्या होगा? ऐसी स्थिति में आपके एफडी अकाउंट से उतनी रकम वापस बैंक खाते में आ जाएगी। इसे रिवर्स स्वीप कहते हैं। इससे आपके बैंक खाते में आपके द्वारा तय की गई फंड लिमिट ऑटोमेटिक मेंटेन होती रहती है। 

ऐसे उठा सकते हैं ऑटो-स्वीप का फायदा : 
उदाहरण के लिए मान लीजिए कि आपके सेविंग्स अकाउंट में 4 लाख रुपए हैं और आप इसे एक साल तक बैंक में जमा रखते हैं तो बैंक आपको इस पैसे पर 4% की दर से 16,000 रुपए ब्याज देगा। लेकिन अगर आपने 20,000 रुपए से ऊपर की रकम पर ऑटो-स्वीप फैसेलिटी ले रखी है तो आपकी 3 लाख 80 हजार की रकम पर 30,400 रुपए ब्याज मिलेगा।

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