Nikhil Kamath 10 Lakh Business Ideas: Zerodha के को-फाउंडर निखिल कामत का ₹10 लाख वाला बिजनेस प्लान क्या है? जानिए, क्यों कंटेंट क्रिएशन को मानते हैं नई शुरुआत की बड़ी ताकत और AI से कैसे तलाशेंगे मौके।

Nikhil Kamath Business Strategy: अगर कोई बड़ा बिजनेस अचानक बंद हो जाए और हाथ में सिर्फ 10 लाख रुपये बचें, तो क्या दोबारा सफल कारोबार खड़ा किया जा सकता है? Zerodha के को-फाउंडर और निवेशक निखिल कामत का जवाब कंटेंट क्रिएशन की तरफ इशारा करता है। उनका मानना है कि आज के दौर में लोगों तक अपनी बात पहुंचाने की ताकत किसी भी नए बिजनेस को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभा सकती है। खास बात यह है कि इस मॉडल को शुरू करने के लिए बड़ी पूंजी की जरूरत भी नहीं होती।

₹10 लाख बचें तो सबसे पहले क्या करेंगे निखिल कामत?

NDTV World Summit 2026 में निखिल कामत से पूछा गया कि अगर Zerodha बंद हो जाए, पुराने संपर्क खत्म हो जाएं और उनके पास सिर्फ 10 लाख रुपये बचें, तो वह अगले दिन क्या करेंगे? इस सवाल पर उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में जिंदगी आसान नहीं होगी, लेकिन वह कंटेंट क्रिएशन के जरिए नई शुरुआत करने के बारे में सोचेंगे। उनके जवाब का मुख्य संकेत यह है कि बिजनेस शुरू करने के लिए सिर्फ पैसा ही नहीं, बल्कि लोगों तक पहुंच और भरोसा भी जरूरी है।

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कंटेंट क्रिएशन से कैसे खड़ा हो सकता है नया बिजनेस?

आज सोशल मीडिया, वीडियो और दूसरे डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए अपनी ऑडियंस बनाना पहले के मुकाबले आसान हुआ है। इसके लिए शुरुआत में महंगे ऑफिस या बड़े सेटअप की जरूरत नहीं होती। हालांकि, लगातार अच्छा कंटेंट बनाना और लोगों का भरोसा जीतना चुनौतीपूर्ण है। एक बार ऑडियंस तैयार हो जाए, तो उसके आधार पर कई तरह के कारोबार शुरू किए जा सकते हैं। उदाहरण के लिए-

  • किसी खास विषय पर आधारित डिजिटल प्रोडक्ट बेचना।
  • अपनी ऑडियंस की जरूरत के मुताबिक सर्विस शुरू करना।
  • किसी खास कैटेगरी में कंज्यूमर ब्रांड तैयार करना।
  • यानी कंटेंट केवल कमाई का जरिया नहीं, बल्कि नए बिजनेस के लिए ग्राहक जुटाने का माध्यम भी बन सकता है।

AI के दौर में ब्रांड बनाना क्यों होगा जरूरी?

कामत के मुताबिक, AI और ऑटोमेशन के बढ़ते इस्तेमाल के बीच अपनी अलग पहचान बनाना महत्वपूर्ण होता जा रहा है। जब टेक्नोलॉजी और मैन्युफैक्चरिंग तक पहुंच आसान होगी, तब सिर्फ प्रोडक्ट बनाना पर्याप्त नहीं होगा। उसे सही ग्राहकों तक पहुंचाना और बाजार में अलग पहचान बनाना भी जरूरी होगा।

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₹10 लाख से विदेशी बाजार में कैसे तलाशें मौके?

कामत ने एक और बिजनेस मॉडल की ओर इशारा किया। भारत में अपेक्षाकृत कम लागत पर उपलब्ध इंजीनियरिंग टैलेंट को AI और दूसरी टेक्नोलॉजी के साथ जोड़कर विदेशी ग्राहकों के लिए सेवाएं तैयार की जा सकती हैं। ऐसे मॉडल में लागत, गुणवत्ता और ग्राहकों की जरूरतों का सही संतुलन जरूरी होगा। कुल मिलाकर, निखिल कामत की बात का सार यह है कि सीमित पूंजी के साथ शुरुआत करने वालों के लिए कंटेंट, तकनीक और सही बाजार की समझ नए अवसर खोल सकती है। हालांकि, किसी भी बिजनेस की सफलता की गारंटी नहीं होती।