Whatsapp Charges in India: आज 1 अक्टूबर से वॉट्सऐप ने नया नियम लागू कर दिया है। 1,000 फ्री मैसेज के बाद हर चैट पर 11.5 पैसे लगेंगे। जानिए क्या आपको भी पैसे देने होंगे?

Whatsapp New Rules: सुबह उठते ही किसी को 'गुड मॉर्निंग' बोलना हो, दोस्तों से गपशप करनी हो या फिर ऑफिस का कोई जरूरी काम, वॉट्सऐप हमारी डेली लाइफ का सबसे अहम हिस्सा बन चुका है। लेकिन आज 1 अक्टूबर की सुबह से ही एक खबर की चर्चा है कि वॉट्सऐप पर अब मैसेज भेजने के पैसे लगेंगे। कहा जा रहा है कि हर महीने सिर्फ 1,000 मैसेज ही मुफ्त मिलेंगे और उसके बाद हर एक चैट का हिसाब देना होगा। अगर आपने भी यह खबर सुनी है और आपके मन में डर बैठ गया है कि कहीं वॉट्सऐप चलाने के बदले आपके बैंक खाते या मोबाइल बैलेंस से पैसे तो नहीं कटने लगेंगे, तो राहत की सांस लीजिए। ये पैसे आपसे नहीं लिए जाएंगे। आइए जानते हैं कि मेटा (Meta) का ये नया नियम आखिर क्या है और इसका सच में किस पर असर पड़ेगा...

वॉट्सऐप चार्ज का पैसा क्या आपकी जेब से कटेगा?

अगर आप अपने फोन में आम वॉट्सऐप (Personal WhatsApp) चलाते हैं, अपने रिश्तेदारों, दोस्तों या फैमिली ग्रुप में दिनभर चाहे 5,000 मैसेज, फोटो, ऑडियो या वीडियो भेजते हैं, तो आपको एक भी नया पैसा नहीं देना है। आम यूजर्स के लिए वॉट्सऐप हमेशा की तरह 100% फ्री है। यह नया नियम आपके और हमारे जैसे पर्सनल यूजर्स के लिए नहीं, बल्कि कंपनियों, ब्रांड्स और दुकानदारों (WhatsApp Business Platform) के लिए लाया गया है।

फिर वॉट्सऐप पर पैसे कटने का क्या चक्कर है?

  • मेटा ने 1 अक्टूबर से भारत में बिजनेस करने वाली कंपनियों के लिए अपना रेट कार्ड बदल दिया है।
  • अब किसी भी बिजनेस अकाउंट को हर महीने केवल 1,000 सर्विस मैसेज ही मुफ्त भेजने की छूट मिलेगी।
  • जैसे ही 1,000 मैसेज पूरे हो जाएंगे, कंपनी जब भी किसी ग्राहक को उसके सवाल का जवाब देगी, तो कंपनी को प्रति मैसेज ₹0.115 (करीब 11.5 पैसे) मेटा को चुकाने होंगे।
  • पहले जब कोई ग्राहक किसी कंपनी को वॉट्सऐप करता था, तो अगले 24 घंटे तक कंपनी की तरफ से दिए जाने वाले रिप्लाई पर अलग से कोई चार्ज नहीं लगता था। अब मेटा ने यह छूट बंद कर दी है।

वॉट्सऐप डिलीवरी और OTP वाले मैसेज पर भी लगेगा चार्ज

हम जब भी ऑनलाइन शॉपिंग करते हैं, खाना मंगाते हैं या टिकट बुक करते हैं, तो अक्सर वॉट्सऐप पर पार्सल ट्रैकिंग, ऑर्डर कन्फर्मेशन और लॉगिन OTP आता है। इन्हें 'यूटिलिटी' और 'ऑथेंटिकेशन' मैसेज कहा जाता है। 1 अक्टूबर से कंपनियों को ऐसे हर एक डिलीवरी स्टेटस और OTP मैसेज के लिए भी 11.5 पैसे प्रति मैसेज चुकाने होंगे। सेल और ऑफर्स वाले मार्केटिंग मैसेजेस के लिए कंपनियां पहले से ही प्रति मैसेज करीब 86 पैसे (₹0.8631) चुका रही हैं, जिसका रेट नहीं बदला है।

AI रोबोट से चैट कराने का अलग बिल

आजकल कई कंपनियां कस्टमर सपोर्ट के लिए इंसानों की जगह रोबोट (AI Bots) बैठा देती हैं। मेटा ने इसके लिए भी अलग रेट तय कर दिया है। अगर कोई कंपनी 'मेटा बिजनेस एजेंट' (AI) का इस्तेमाल करती है, तो मैसेज के बेसिक चार्ज के अलावा AI सिस्टम द्वारा प्रोसेस होने वाले हर 10 लाख (1 मिलियन) टोकन के लिए कंपनी से $2 (करीब 165+ रुपए) अलग से लिए जाएंगे।

दुकानदारों और कंपनियों के लिए सख्त चेतावनी

मेटा ने सभी बिजनेस प्रोवाइडर्स और कंपनियों को साफ कर दिया है कि उन्हें अपने बिजनेस खाते में क्रेडिट कार्ड या ऑनलाइन पेमेंट मेथड जोड़ना जरूरी होगा। 1 अक्टूबर से जिन कंपनियों का पेमेंट सिस्टम एक्टिव नहीं होगा, उनके मैसेज ग्राहकों तक पहुंचना ही बंद हो जाएंगे।

वॉट्सऐप के नए नियमों के अनुसार किस मैसेज का कितना चार्ज और किससे?

मैसेज का प्रकारनया नियम और चार्ज (1 अक्टूबर से)किसके लिए लागू
पर्सनल चैट (आम यूजर)पूरी तरह फ्री (कोई लिमिट नहीं)आपके और हमारे जैसे आम लोग
सर्विस रिप्लाई (कस्टमर केयर)महीने में 1,000 फ्रीफिर 11.5 पैसे/मैसेज बिजनेस और कंपनियां
यूटिलिटी मैसेज (ट्रैकिंग/बिल)11.5 पैसे प्रति मैसेजऑनलाइन शॉपिंग/सर्विस कंपनियां
OTP और ऑथेंटिकेशन11.5 पैसे प्रति मैसेजबैंक और ऐप्स
ऑफर और सेल मैसेजकरीब 86 पैसे प्रति मैसेजमार्केटिंग करने वाले ब्रांड्स

वॉट्सऐप के नए नियम का आप पर क्या असर दिखेगा?

कम आएंगे अनचाहे मैसेज: चूंकि अब कंपनियों को हर मैसेज का कड़ा हिसाब और बिल देना होगा, इसलिए कंपनियां फालतू के प्रमोशनल और स्पैम मैसेज भेजने से थोड़ा बचेंगी।

ऐप पर शिफ्ट हो सकती हैं कंपनियां: खर्च बचाने के लिए हो सकता है कि कुछ ई-कॉमर्स कंपनियां ऑर्डर ट्रैकिंग या बिल वॉट्सऐप पर भेजने की बजाय आपको सीधे अपने ऐप या SMS पर देखने को कहें।