Wipro Share Rally: विप्रो का मुनाफा घटने के बाद भी शेयर 6% से ज्यादा उछला है। लेकिन दिग्गज ब्रोकरेज 16% गिरावट की चेतावनी दे रहे हैं। जानिए इसके पीछे की वजह
Wipro Share Price Target: आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनी विप्रो के शेयर में शुक्रवार, 16 अक्टूबर को जोरदार तेजी देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में कंपनी के शेयर NSE पर 6.29% चढ़कर 184.99 रुपए पर पहुंच गए। ये तेजी ऐसे समय आई, जब कंपनी के सितंबर तिमाही के नतीजों में नेट प्रॉफिट पिछले साल के मुकाबले घट गया। शेयर में तेजी के बावजूद ब्रोकरेज कंपनियां विप्रो की आगे की ग्रोथ को लेकर पूरी तरह भरोसे में नहीं हैं। इसमें 16% तक की भारी गिरावट की चेतावनी दे रहे हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि तेजी के बाद विप्रो के शेयर में खरीदारी का मौका है या अभी सावधानी बरतने की जरूरत है?
Wipro Q2 Results: मुनाफा घटा, लेकिन रेवेन्यू बढ़ा
वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में विप्रो का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 1.4% घटकर 3,200.6 करोड़ रुपए रह गया। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी ने 3,246.2 करोड़ रुपए का मुनाफा कमाया था। हालांकि, कंपनी की कमाई में बढ़त दर्ज की गई। जुलाई-सितंबर तिमाही में ऑपरेशंस से रेवेन्यू 9.1% बढ़कर 24,752.7 करोड़ रुपए रहा। एक तिमाही पहले के मुकाबले नेट प्रॉफिट 4.5% घटा, जबकि रेवेन्यू में 1% की बढ़त हुई। कंपनी के IT सर्विसेज बिजनेस का रेवेन्यू 2,611.5 मिलियन डॉलर रहा। इसमें पिछली तिमाही के मुकाबले कोई बदलाव नहीं हुआ और सालाना आधार पर 0.3% की मामूली बढ़त रही। कंपनी की अन्य आय भी घटकर 755.5 करोड़ रुपए रह गई, जो पिछले साल इसी तिमाही में 947.7 करोड़ रुपए थी। विप्रो के मुताबिक, जून में शेयर बायबैक पूरा होने के बाद अन्य आय में कमी आई।
विप्रो शेयर उछला, तो ब्रोकरेज क्यों दे रहे चेतावनी?
शेयर में शुक्रवार को जो तेजी आई, वो शायद इसलिए थी क्योंकि बाजार ने इससे भी बुरे नतीजों की उम्मीद की थी। लेकिन शेयर बाजार के बड़े एक्सपर्ट्स और ब्रोकरेज फर्म्स इस एक दिन की तेजी से खुश नहीं हैं। उनका मानना है कि कंपनी का भविष्य अभी भी संघर्ष कर रहा है।
Jefferies ने बजाई खतरे की घंटी
ग्लोबल ब्रोकरेज फर्म जेफरीज (Jefferies) का कहना है कि विप्रो को नए सौदे (Deal wins) मिलने में 45% की बड़ी गिरावट आई है, जो आगे चलकर कंपनी की ग्रोथ को रोक सकती है। जेफरीज ने इस शेयर को 'Underperform' (यानी इससे दूर रहें) की रेटिंग दी है और इसका टारगेट प्राइस सिर्फ ₹155 तय किया है। अगर हम शुक्रवार के ₹185 के भाव से तुलना करें, तो ये करीब 16% की गिरावट का इशारा है। उनका कहना है कि इस शेयर में पैसा लगाने का रिस्क बहुत ज्यादा है और रिटर्न की उम्मीद कम।
Motilal Oswal ने कहा- अभी दूर रहें
एक और बड़ी ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल ने विप्रो को 'Neutral' (न खरीदें, न बेचें) रेटिंग दी है और ₹170 का टारगेट दिया है। यानी यहां से भी शेयर में 8% की गिरावट दिख रही है। उनका मानना है कि विप्रो की वापसी में अभी लंबा समय लगेगा। कंपनी को जो बड़े डील्स मिलने थे, उनके कागजी काम में देरी हो गई है। जब तक ये डील्स पक्के नहीं हो जाते, तब तक शेयर में कोई बड़ी तेजी की उम्मीद बेमानी है।
Nomura को है थोड़ी उम्मीद
इन सबके बीच नोमुरा (Nomura) ने विप्रो पर भरोसा जताते हुए 'Buy' (खरीदें) की रेटिंग दी है। उनका मानना है कि कंपनी का मैनेजमेंट अपने खर्चे कम करके मुनाफे का मार्जिन सुधारने की कोशिश कर रहा है, जिसका फायदा लंबे समय में निवेशकों को मिल सकता है।
डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य सूचना और शैक्षिक उद्देश्यों के लिए है। इसे किसी भी तरह से निवेश की सलाह (Investment Advice) न मानें। शेयर बाजार में निवेश बाजार के जोखिमों के अधीन है। किसी भी निवेश से पहले कृपया अपने सर्टिफाइड वित्तीय सलाहकार (Financial Advisor) से सलाह जरूर लें।








