Employee Quit Job Viral Story: सोशल मीडिया पर एक CEO का पोस्ट वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने बताया कि कैसे एक कर्मचारी ने ₹15 लाख की नौकरी जॉइन करने के अगले ही दिन इस्तीफा दे दिया? जानिए पूरा मामला।
Viral Post: Vanshiv Technologies के CEO गौरव खेतरपाल ने सोशल मीडिया पर भर्ती से जुड़ा एक ऐसा अनुभव शेयर किया है, जिसने कमिटमेंट को लेकर बहस छेड़ दी है। CEO के मुताबिक, एक उम्मीदवार ने तीन महीने के इंतजार के बाद कंपनी जॉइन की, लेकिन अगले ही दिन काम पर आना बंद कर दिया। बाद में कंपनी को पता चला कि वह कथित तौर पर दूसरी कंपनी में ₹25 हजार ज्यादा के पैकेज पर चली गई थी।
जॉइनिंग से तीन दिन पहले मांगे ₹50 हजार ज्यादा
CEO गौरव खेतरपाल के मुताबिक, दिव्या नाम की उम्मीदवार को Vanshiv Technologies में ₹15 लाख सालाना पैकेज पर नियुक्त किया गया था। कंपनी ने उसके नोटिस पीरियड के दौरान करीब तीन महीने तक इंतजार किया। लेकिन जॉइनिंग से सिर्फ तीन दिन पहले उम्मीदवार ने अपनी सैलरी में ₹50,000 की बढ़ोतरी की मांग रख दी। खेतरपाल का कहना है कि कंपनी ने आखिरी समय की इस मांग को भी मान लिया, क्योंकि उस वक्त किसी दूसरे उम्मीदवार के बैकआउट करने का जोखिम नहीं लेना चाहती थी।
लैपटॉप लिया, WFH की अनुमति मिली और अगले दिन संपर्क टूट गया
कंपनी के अनुसार, दिव्या ने जॉइनिंग के दिन जरूरी onboarding प्रक्रिया पूरी की और कंपनी का लैपटॉप भी ले लिया। इसके बाद उन्होंने निजी कारणों का हवाला देते हुए वर्क फ्रॉम होम करने की अनुमति मांगी, जिसे कंपनी ने मंजूर कर दिया। लेकिन CEO का दावा है कि अगले ही दिन कर्मचारी ने कॉल, ईमेल और मैसेज का जवाब देना बंद कर दिया। यानी जॉइनिंग के महज एक दिन बाद ही कंपनी का उससे संपर्क टूट गया। नीचे देखें वायरल पोस्ट-
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'लैपटॉप कलेक्ट कर लो' वाले जवाब ने बढ़ाई परेशानी
काफी कोशिशों के बाद कंपनी की टीम कथित तौर पर दिव्या से संपर्क कर पाई। उन्होंने निजी कारणों की वजह से आगे काम जारी रखने में असमर्थता जताई। इसके बाद कंपनी को लैपटॉप वापस लेने के लिए कहा गया। मामला यहां तक पहुंचा कि खेतरपाल ने खुद ईमेल भेजकर कंपनी की संपत्ति वापस करने को कहा। उन्होंने चेतावनी दी कि तय समय तक लैपटॉप जमा नहीं होने पर कंपनी कानूनी और आपराधिक कार्रवाई शुरू कर सकती है। इसके बाद, CEO के मुताबिक, कर्मचारी ने खुद लैपटॉप वापस कर दिया।
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दूसरी कंपनी में ₹25 हजार ज्यादा की नौकरी का दावा
खेतरपाल ने अपने पोस्ट में आगे दावा किया कि बाद में कंपनी को पता चला कि दिव्या ने दूसरी कंपनी जॉइन कर ली थी, जहां उन्हें Vanshiv से ₹25,000 ज्यादा का ऑफर मिला था। CEO ने इस पूरे घटनाक्रम पर नाराजगी जताते हुए कहा कि कंपनी ने भर्ती प्रक्रिया में तीन महीने लगाए, आखिरी समय की सैलरी डिमांड भी मानी और जॉइनिंग के बाद कर्मचारी की निजी परिस्थितियों को देखते हुए WFH की सुविधा भी दी। इसके बावजूद कंपनी को दोबारा भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की स्थिति में आना पड़ा। यह पूरा मामला हायरिंग कमिटमेंट, सैलरी नेगोशिएशन, नोटिस पीरियड और कर्मचारी-कंपनी के बीच प्रोफेशनल भरोसे से जुड़े सवाल उठाता है।
