अयोध्या राम मंदिर में नौकरी कैसे मिलती है? किन पदों पर वैकेंसी निकलती है? कौन अप्लाई कर सकता है, सेलेक्शन कैसे होता है, सैलरी कितनी मिलती है? जानिए पूरा प्रॉसेस

Ayodhya Ram Mandir Job Process: अयोध्या का राम मंदिर इन दिनों एक बार फिर चर्चा में है। चढ़ावे और दान से जुड़े कथित गड़बड़ी के मामले में जांच जारी है और कई बड़े नाम सुर्खियों में हैं। सूत्रों के मुताबिक, श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में बड़े बदलाव की तैयारी भी चल रही है। इसी बीच एक सवाल लोगों के बीच तेजी से चर्चा में है, आखिर राम मंदिर में नौकरी कैसे मिलती है? क्या यहां सिर्फ पुजारी ही बन सकते हैं या दूसरे पदों पर भी भर्ती होती है? अगर आप भी यह जानना चाहते हैं कि राम मंदिर में जॉब पाने का तरीका क्या है, तो यहां पूरी जानकारी एकदम सिंपल तरीके से समझिए...

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राम मंदिर की नौकरी इतनी चर्चा में क्यों रहती है?

राम मंदिर सिर्फ एक धार्मिक स्थल नहीं है, बल्कि यहां रोजाना हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं। मंदिर की व्यवस्था संभालने के लिए बड़ी संख्या में कर्मचारी, पुजारी, सुरक्षा कर्मी, तकनीकी स्टाफ और प्रबंधन टीम काम करती है। इन सभी की नियुक्ति और देखरेख श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के जरिए की जाती है। यही वजह है कि जब भी यहां भर्ती निकलती है, हजारों लोग अप्लाई करते हैं।

3,000 लोगों ने किया आवेदन, नौकरी मिली सिर्फ 20 को

करीब 3 साल पहले 2023 में राम मंदिर में पुजारियों की भर्ती के दौरान करीब 3,000 उम्मीदवारों ने आवेदन किया था। पहले मेरिट के आधार पर लगभग 200 उम्मीदवारों को शॉर्टलिस्ट किया गया। इसके बाद इंटरव्यू हुए और आखिर में सिर्फ 20 उम्मीदवारों का चयन किया गया। यानी यहां नौकरी पाना आसान नहीं होता। चयन प्रक्रिया काफी सख्त मानी जाती है।

इंटरव्यू में क्या पूछा जाता है?

अगर आप सोच रहे हैं कि सिर्फ आवेदन करने से काम हो जाएगा, तो ऐसा नहीं है। पुजारी भर्ती के इंटरव्यू में उम्मीदवारों से धार्मिक ज्ञान से जुड़े कई सवाल पूछे जाते हैं। पूजा की विधियां, संध्या वंदन की प्रक्रिया, मंत्रों का ज्ञान, राम पूजा से जुड़े कर्मकांड और धार्मिक परंपराओं से जुड़े सवाल किए जाते हैं। विद्वान लोग उम्मीदवार की जानकारी और व्यवहार दोनों को परखते हैं।

सेलेक्शन के बाद भी तुरंत नौकरी नहीं मिलती

राम मंदिर में पुजारी पद के लिए चयनित उम्मीदवारों को सीधे नियुक्ति नहीं दी जाती। उन्हें पहले 6 महीने की रिहायशी ट्रेनिंग से गुजरना पड़ता है। इस दौरान उम्मीदवारों को फ्री रहने-खानने की सुविधा, धार्मिक ट्रेनिंग और मंथली स्टाइपेंड दिया जाता है। ट्रेनिंग पूरी होने के बाद ही उन्हें अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी जाती हैं।

राम मंदिर में क्या सिर्फ पुजारियों की ही भर्ती होती है?

राम मंदिर में सिर्फ पुजारियों की नहीं, बल्कि कई दूसरे पदों पर भी समय-समय पर भर्ती होती है। यहां इंजीनियर, आईटी स्टाफ, इलेक्ट्रिकल स्टाफ, मैकेनिकल स्टाफ, सुरक्षा कर्मचारी, सफाई कर्मचारी, स्टोर मैनेजर, अकाउंट और रिकॉर्ड स्टाफ और दान प्रबंधन कर्मचारियों की भर्ती निकलती है। अगर आपके पास तकनीकी योग्यता है, तब भी आपके लिए अवसर हो सकता है।

इंजीनियरों के लिए भी निकल चुकी है भर्ती, कितनी सैलरी?

हाल ही में राम मंदिर से जुड़े संस्थान की ओर से इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक, इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (IT) और मैकेनिकल इंजीनियर पदों के लिए आवेदन मांगे गए थे। इन पदों पर चयनित उम्मीदवारों को करीब 35,000 से 40,000 रुपए तक महीने की सैलरी देने की बात कही गई थी। इसके लिए डिग्री या डिप्लोमा रखने वाले उम्मीदवार आवेदन कर सकते थे।

राम मंदिर में किसे कितनी सैलरी मिलती है?

पद और जिम्मेदारी के हिसाब से सैलरी अलग-अलग हो सकती है। मुख्य पुजारी को करीब ₹38,500, सहायक पुजारी को ₹33,000 से ₹36,000, भंडार और स्टोर प्रबंधन कर्मचारी को करीब ₹19,000 से ₹24,000, इंजीनियरिंग और तकनीकी स्टाफ ₹35,000 से ₹40,000 या उससे ज्यादा महीने की सैलरी मिलती है। इसके अलावा कई पदों पर रहने, खाने और अन्य सुविधाएं भी दी जाती हैं।

नौकरी की जानकारी कहां मिलती है?

अगर आप राम मंदिर में आने वाली भर्तियों पर नजर रखना चाहते हैं, तो श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की आधिकारिक घोषणाएं, भर्ती विज्ञापन ,प्रमुख समाचार वेबसाइट्स और रोजगार से जुड़े पोर्टल नियमित रूप से देखते रहें।

क्या ताजा विवाद के बाद भर्ती प्रक्रिया में बदलाव हो सकता है?

चढ़ावा और दान से जुड़े मामले के बाद ट्रस्ट की कार्यप्रणाली चर्चा में है। सूत्रों के मुताबिक, ट्रस्ट के पुनर्गठन की संभावना भी जताई जा रही है। हालांकि, अभी तक भर्ती नियमों में किसी बदलाव का आधिकारिक ऐलान नहीं हुआ है। लेकिन आने वाले समय में प्रशासनिक व्यवस्था और निगरानी को लेकर नए कदम उठाए जा सकते हैं।