RTE Admission Bihar Last Date 2026: शिक्षा का अधिकार कानून के तहत निजी स्कूलों में 25% सीटों पर गरीब और कमजोर वर्ग के बच्चों के दाखिले की अंतिम तारीख अब 20 मार्च तक बढ़ा दी गई है। शिक्षा विभाग ने स्कूलों को कड़े निर्देश भी दिए हैं। जानें आरटीई एडमिशन का नियम, अबतक कितने बच्चों का हुआ नामांकन।

Bihar Private School RTE Admission: बिहार राज्य में शिक्षा का अधिकार कानून (RTE) के तहत निजी स्कूलों में गरीब और कमजोर वर्ग के बच्चों के एडमिशन की प्रक्रिया को लेकर बड़ा अपडेट आया है। शिक्षा विभाग ने अब नामांकन की अंतिम तिथि 20 मार्च कर दी है। विभाग ने साफ कहा है कि चयनित बच्चों का दाखिला तय समय सीमा में हर हाल में कराया जाए, नहीं तो लापरवाही करने वाले स्कूलों के खिलाफ कार्रवाई होगी। शिक्षा विभाग की तरफ से यह आदेश सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (DEO) और जिला कार्यक्रम अधिकारियों (DPO) को भेज दिया गया है। इसके साथ ही निर्देश दिया गया है कि जिन निजी स्कूलों में नामांकन में ढिलाई बरती जा रही है, उनके खिलाफ कार्रवाई का प्रस्ताव भी भेजा जाए।

69 हजार से ज्यादा बच्चों का चयन, लेकिन अबतक नहीं हुआ एडमिशन

प्राथमिक शिक्षा के निदेशक विक्रम विरकर ने जारी आदेश में बताया कि आरटीई के तहत राज्य के मान्यता प्राप्त निजी विद्यालयों में 25 प्रतिशत सीटों पर अलाभकारी समूह और कमजोर वर्ग के बच्चों का ऑनलाइन चयन किया गया था। लेकिन आंकड़े बताते हैं कि प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हो सकी है। कुल चयनित छात्रों की संख्या 69,193 है, जिसमें अब तक सिर्फ 40,626 छात्रों का नामांकन हुआ है। यानी करीब 28 हजार से ज्यादा बच्चों का दाखिला अभी बाकी है। इसी वजह से विभाग ने अंतिम तिथि बढ़ाकर 20 मार्च कर दी है ताकि सभी चयनित बच्चों का समय पर स्कूलों में नामांकन हो सके।

क्या है RTE नामांकन का नियम?

Right of Children to Free and Compulsory Education Act के तहत देश के सभी मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों को कक्षा 1 या प्री-प्राइमरी में कम से कम 25% सीटें आर्थिक रूप से कमजोर और वंचित वर्ग के बच्चों के लिए आरक्षित करनी होती हैं। इस व्यवस्था के तहत- गरीब और कमजोर वर्ग के बच्चों को निजी स्कूलों में मुफ्त शिक्षा दी जाती है। बच्चे का चयन ऑनलाइन आवेदन और लॉटरी सिस्टम के जरिए होता है। पढ़ाई, किताबें और कई मामलों में यूनिफॉर्म का खर्च भी सरकार वहन करती है। स्कूल इन सीटों पर किसी भी तरह की फीस नहीं ले सकते। इसका उद्देश्य है कि हर बच्चे को समान और बेहतर शिक्षा का अवसर मिल सके, चाहे उसकी आर्थिक स्थिति कैसी भी हो।

क्या होगी कार्रवाई अगर स्कूल नहीं करेंगे नामांकन?

शिक्षा विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि अगर कोई निजी विद्यालय चयनित बच्चों का नामांकन कराने में टालमटोल करता है या नियमों का पालन नहीं करता है, तो उसके खिलाफ कड़ी प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। जरूरत पड़ने पर ऐसे स्कूलों के खिलाफ मान्यता संबंधी कार्रवाई का प्रस्ताव भी भेजा जा सकता है।

चयनित बच्चों के अभिभावक तुरंत करें ये काम

अगर आपके बच्चे का चयन RTE के तहत निजी स्कूल में हुआ है, तो अब देरी न करें। संबंधित स्कूल में जाकर 20 मार्च से पहले दाखिला प्रक्रिया पूरी कर लें। जरूरी दस्तावेज जैसे आधार, निवास प्रमाण पत्र और आय प्रमाण पत्र साथ रखें क्योंकि तय समय के बाद एडमिशन का मौका खत्म हो सकता है।