CBSE Board Exam 2026 17 फरवरी से शुरूहो रहे हैं। 10वीं-12वीं में बड़े बदलाव लागू होंगे। Class 10 में दो बोर्ड परीक्षा, Class 12 में On-Screen Marking और डिजिटल मूल्यांकन की नई व्यवस्था है। जानें नई गाइडलाइंस, मूल्यांकन प्रक्रिया और लेटेस्ट अपडेट।
CBSE Board Exam 2026: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने बोर्ड परीक्षा 2026 को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं। 17 फरवरी 2026 से कक्षा 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं शुरू होने जा रही हैं। इस बार करीब 46 लाख छात्र-छात्राएं भारत और विदेश के 26 देशों में परीक्षा देंगे। परीक्षा से पहले बोर्ड ने एक खास वेबिनार आयोजित कर स्कूलों और शिक्षकों को नई गाइडलाइंस और डिजिटल मूल्यांकन प्रणाली की जानकारी दी। इस साल परीक्षा और मूल्यांकन प्रक्रिया में कई अहम बदलाव किए गए हैं, जिनका सीधा असर छात्रों और शिक्षकों दोनों पर पड़ेगा।
17 फरवरी से शुरू होंगी CBSE बोर्ड परीक्षाएं
- कक्षा 10 और 12 की बोर्ड परीक्षाएं 17 फरवरी से शुरू हो रही हैं।
- कक्षा 10 की परीक्षा 11 मार्च 2026 तक चलेगी।
- कक्षा 12 की परीक्षा 10 अप्रैल 2026 को समाप्त होगी।
- देश और विदेश के 31,000 से ज्यादा संबद्ध स्कूलों में परीक्षा आयोजित की जाएगी।
CBSE ने इस साल क्या-क्या बदला?
इस बार CBSE ने तीन बड़े बदलाव लागू किए हैं-
- कक्षा 10 में दो बोर्ड परीक्षाएं- अब छात्रों को एक अतिरिक्त मौका मिलेगा। दोनों परीक्षाओं के परिणाम को अंतिम मेरिट में शामिल किया जाएगा।
- कक्षा 12 में ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM)- अब कॉपियों की जांच पूरी तरह डिजिटल तरीके से होगी।
- कक्षा 10 के साइंस और सोशल साइंस पेपर को अलग-अलग सेक्शन में बांटा गया, ताकि विषयवार मूल्यांकन बेहतर ढंग से हो सके।
12वीं में ऑन-स्क्रीन मार्किंग से क्या होगा फायदा?
कक्षा 12 की उत्तर पुस्तिकाओं की जांच अब कंप्यूटर स्क्रीन पर की जाएगी। इससे-
- जोड़-घटाव या टोटलिंग की गलती नहीं होगी।
- अंक अपलोड करने में त्रुटि की संभावना खत्म होगी।
- मूल्यांकन पहले से तेज होगा।
- ज्यादा शिक्षकों की भागीदारी सुनिश्चित होगी।
- बोर्ड का कहना है कि अब कॉपियों की जांच 10-12 दिनों की जगह 8-10 दिनों में पूरी कर ली जाएगी।
बोर्ड परीक्षा कॉपी मूल्यांकन में गलती रोकने के लिए खास कदम
बोर्ड ने इस बार मूल्यांकन को और पारदर्शी और सटीक बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं-
- नए मूल्यांकन सिस्टम के अनुसार SOP अपडेट किए गए हैं।
- हर शिक्षक को कम कॉपियां दी जाएंगी ताकि वह समय लेकर जांच कर सके।
- शिक्षकों के लिए ट्रेनिंग और कैपेसिटी बिल्डिंग प्रोग्राम आयोजित किए जाएंगे।
- छोटे-छोटे गाइडेंस वीडियो भी उपलब्ध कराए जाएंगे।
कक्षा 12 के लिए अब नहीं होगी मार्क्स वेरिफिकेशन
कक्षा 12 के लिए इस बार से मार्क्स वेरिफिकेशन की सुविधा खत्म कर दी गई है क्योंकि मूल्यांकन डिजिटल होगा। हालांकि छात्र री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन कर सकेंगे। री-इवैल्यूएशन के दौरान डिजिटल तरीके से दिए गए अंक दिखाए जाएंगे।
इस बार कक्षा 12 में कितने छात्र देंगे परीक्षा
इस साल कक्षा 12 की परीक्षा में कुल 18,59,479 छात्र शामिल होंगे। जांच के लिए 1 करोड़ से ज्यादा उत्तर पुस्तिकाएं उपलब्ध रहेंगी।
अगर शिक्षक नहीं मिले तो रिजल्ट रोका जाएगा
बोर्ड ने साफ कर दिया है कि अगर स्कूल अपने शिक्षकों को मूल्यांकन कार्य के लिए रिलीव नहीं करेंगे, तो उस स्कूल का रिजल्ट घोषित नहीं किया जाएगा।
सीबीएसई बोर्ड कक्षा 10 में सेक्शन वाइज पेपर, जानिए कैसे होगा मूल्यांकन
- साइंस में फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी के सवाल अलग-अलग सेक्शन में होंगे।
- सोशल साइंस में हिस्ट्री, जियोग्राफी, पॉलिटिकल साइंस और इकोनॉमिक्स को अलग-अलग हिस्सों में बांटा गया है।
- अब हर विषय के विशेषज्ञ शिक्षक उसी विषय की कॉपियां जांचेंगे, जिससे मूल्यांकन की गुणवत्ता बेहतर होगी।
- कुल मिलाकर, बोर्ड परीक्षा 2026 को लेकर CBSE इस बार टेक्नोलॉजी और पारदर्शिता पर ज्यादा जोर दे रहा है। डिजिटल मूल्यांकन, सेक्शन वाइज पेपर और दो परीक्षा विकल्प जैसे कदम छात्रों के हित में बताए जा रहे हैं। अब सभी की नजर 17 फरवरी से शुरू होने वाली परीक्षा और उसके बाद आने वाले परिणामों पर रहेगी।


