बेंगलुरु के रहने वाले राजू की कहानी सोशल मीडिया पर सबका ध्यान खींच रही है, जिन्होंने डोसा-इडली का बैटर बेचकर और एक दूसरी फुल-टाइम नौकरी करके अपनी बेटी को पढ़ाया. संदीप रविल्लू नाम के एक इन्वेस्टर ने राजू की यह प्रेरणादायक कहानी शेयर की है.
बेंगलुरु के लालबाग बॉटनिकल गार्डन के बाहर डोसा-इडली का बैटर बेचने वाले एक शख्स की कहानी इन दिनों सोशल मीडिया पर छाई हुई है. लोग इस शख्स को कड़ी मेहनत और लगन की मिसाल बता रहे हैं. बेंगलुरु के एक इन्वेस्टर संदीप रविल्लू ने राजू की कहानी सोशल मीडिया पर शेयर की है, जो पिछले 15 सालों से यहां डोसा-इडली का बैटर बेच रहे हैं. X (ट्विटर) पर शेयर की गई इस पोस्ट के साथ राजू की तस्वीर भी है.
रविल्लू पिछले 15 सालों से राजू की दुकान से ही डोसा-इडली का बैटर खरीद रहे हैं. पोस्ट के अनुसार, 'राजू का दिन बहुत सुबह शुरू हो जाता है. वह सुबह 6 से 10 बजे तक गार्डन के पास डोसा-इडली का बैटर बेचते हैं. इसके बाद, वह अपनी दूसरी नौकरी पर चले जाते हैं, जहां वह पूरे दिन काम करते हैं. राजू वहां एक फुल-टाइम कर्मचारी हैं. राजू सुबह 6 से 10 बजे तक बैटर बेचते हैं और फिर बाकी समय नौकरी करते हैं. दो नौकरियां. कोई शिकायत नहीं' ऐसा कैप्शन में लिखा है.
रविल्लू बताते हैं कि इसी तरह कड़ी मेहनत करके राजू ने अपनी बेटी को पढ़ाया. पोस्ट में यह भी बताया गया है कि उनकी बेटी ने मास्टर्स की पढ़ाई पूरी कर ली है और अब वह एक मल्टीनेशनल बायोटेक कंपनी में काम कर रही है. इस पोस्ट पर कई लोगों ने कमेंट्स किए हैं. बहुत से लोगों ने लिखा है कि राजू वाकई दूसरों के लिए एक प्रेरणा हैं.
