अग्निपथ योजना पर रोक लगाने के लिए 23 याचिकाएं दायर की गई थीं। दिल्ली हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा और जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद की बेंच ने 15 दिसंबर, 2022 को मामले की सुनवाई पूरी करने के बाद फैसला सुरक्षित रखा था।

करियर डेस्क : अग्निपथ योजना (Agneepath scheme) पर रोक लगाने से दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) ने इनकार कर दिया है। केंद्र की इस योजना के खिलाफ दायर सभी 23 याचिकारों को हाईकोर्ट ने खारिज कर दिया है। कोर्ट ने कहा है कि इस योजना में हस्तक्षेप का कोई कारण ही नहीं है। चीफ जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा और जस्टिस सुब्रमण्यम प्रसाद की बेंच ने 15 दिसंबर, 2022 को इस मामले की सुनवाई पूरी करने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। अब करीब ढाई महीने बाद अदालत का फैसला आ गया है।

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अग्निपथ योजना क्या है

14 जून, 2022 को केंद्र सरकार ने सशस्त्र बलों में युवाओं की भर्ती के लिए 'अग्निपथ योजना' नाम से एक नई योजना पेश की। इस योजना के तहत साढ़े 17 से 21 साल के युवा अग्निवीर बनकर चार साल के लिए सेना में शामिल हो सकेंगे। योजना के ऐलान के साथ ही देश के कई राज्यों में विरोध-प्रदर्शन शुरू हो गया और इसके खिलाफ कई याचिकाएं दायर की गईं।

आयु सीमा बढ़ाई गए

केंद्र सरकार की इस स्कीम में कुल अग्निवीरों में से 25 प्रतिशत को परमानेंट कर दिया जाएगा। चार साल बाद अग्निवीर को एकमुश्त धनराशि भी मिलेगी। कई को केंद्रीय बलों, पुलिस बल और अन्य विभागों में नियुक्ति प्रक्रिया के तहत छूट भी मिलेगी। इस इस योजना का विरोध हुआ, तब सरकार ने 2022 में भर्ती की आयु सीमा को बढ़ाकर 23 साल कर दी।

भर्ती नियम में बदलाव

केंद्र सरकार ने हाल ही में अग्निपथ स्कीम की भर्ती नियमों में बदलाव किया है। अब ITI और पॉलिटेक्निक पास आउट भी आवेदन कर सकेंगे। प्री स्किल्ड युवा भी इसके लिए अप्लाई कर सकते हैं। ITI- पॉलिटेक्निक पास आउट टेक्निकल ब्रांच में आवेदन करने योग्य होंगे। इसका फायदा ट्रेनिंग पीरियड में भी देखने को मिलेगा और ज्यादा युवाओं को अग्निवीर बनने का मौका मिलेगा।

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