CUET UG की 3 बड़ी गलतियां, जो टॉपर स्टूडेंट्स भी कर देते हैं
CUET UG Exam Tips: सीयूईटी यूजी परीक्षा में अच्छे स्टूडेंट्स भी तीन बड़ी गलतियां कर देते हैं। जानिए ये गलती क्या हैं और कैसे इन्हें टालकर बेहतर स्कोर कर सकते हैं।

CUET UG में अच्छे स्टूडेंट्स भी क्यों फंस जाते हैं?
CUET UG को लेकर कई टॉपर स्टूडेंट्स भी ये सोच लेते हैं कि बोर्ड की तैयारी काफी है। यही सबसे बड़ी गलतफहमी होती है। CUET का पैटर्न अलग है और इसमें स्पीड व स्मार्टनेस ज्यादा मायने रखती है। बिना सही स्ट्रैटेजी के पढ़ाई करने से मेहनत के बावजूद रिजल्ट कमजोर रह जाता है। इसलिए जरूरी है कि समय रहते अपनी तैयारी की दिशा सही की जाए।
गलती नंबर 1- सिलेबस और पैटर्न को हल्के में लेना
कई छात्र पूरे सिलेबस को एक साथ पढ़ने की कोशिश करते हैं या मान लेते हैं कि सब कुछ बोर्ड जैसा ही आएगा। जबकि CUET का सिलेबस साफ तौर पर तय होता है और MCQ बेस्ड होता है। सिलेबस को छोटे हिस्सों में बांटकर पढ़ना और एग्जाम पैटर्न को समझना बेहद जरूरी है। यही गलती अच्छे स्टूडेंट्स को भी पीछे कर देती है।
गलती नंबर 2 - मॉक टेस्ट को नजरअंदाज करना
बहुत से स्टूडेंट्स सोचते हैं कि पढ़ाई पूरी होने के बाद मॉक टेस्ट देंगे। यही सोच नुकसान कर देती है। CUET में टाइम मैनेजमेंट सबसे बड़ा फैक्टर है। मॉक टेस्ट न देने से ऑनलाइन एग्जाम का डर और कन्फ्यूजन बना रहता है। नियमित मॉक टेस्ट देने से स्पीड बढ़ती है और अपनी कमजोरियां समय रहते सामने आ जाती हैं।
गलती नंबर 3 - रिवीजन और प्रैक्टिस की कमी
कई होशियार छात्र नई-नई किताबें पढ़ते रहते हैं, लेकिन रिवीजन को नजरअंदाज कर देते हैं। बिना बार-बार दोहराए पढ़ा हुआ जल्दी भूल जाता है। खासकर लैंग्वेज और जनरल टेस्ट जैसे सेक्शन में लगातार प्रैक्टिस जरूरी होती है। रिवीजन न करने से एग्जाम के दिन कन्फ्यूजन बढ़ जाता है।
इन गलतियों से बचेंगे तो बढ़ जाएंगे सिलेक्शन के चांस
अगर आप इन तीन बड़ी गलतियों से बच जाते हैं, तो CUET UG में अच्छा स्कोर करना आसान हो जाता है। सिलेबस और पैटर्न को समझकर पढ़ाई करें, मॉक टेस्ट को अपनी आदत बनाएं और रिवीजन को टाइम टेबल का हिस्सा रखें। थोड़ी सी समझदारी और सही प्लानिंग आपके ड्रीम कॉलेज का रास्ता खोल सकती है।

