KIIT Student Suicide Case: KIIT में नेपाली छात्रा की आत्महत्या के बाद कई सवाल उठ रहे हैं। पिता ने संस्थान पर गंभीर आरोप लगाए हैं। साथ ही उन्होंने आत्महत्या से पहले बेटी से हुई बातचीत के बारे में बताया है। जानिए क्या कहा।

KIIT Nepalese Student Suicide controversy: ओडिशा के भुवनेश्वर स्थित कलिंगा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी (KIIT) में पढ़ाई कर रही नेपाली छात्रा की आत्महत्या ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। बेटी को खो चुके पिता के आंसू अब तक नहीं थमे हैं। उन्होंने संस्थान पर गंभीर आरोप लगाए हैं और कहा है कि नेपाली छात्रों के साथ वहां दुर्व्यवहार किया जाता है।

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बेटी से आखिरी बार बात हुई, सबकुछ ठीक लग रहा था...

मृतक छात्रा के पिता सुनील लामसाल मंगलवार को भुवनेश्वर पहुंचे। एम्स में बेटी के शव का पोस्टमार्टम होना था। उन्होंने रुंधे गले से कहा, “मेरी बेटी अब इस दुनिया में नहीं रही। वह खुश थी, बिल्कुल सामान्य थी। उसने कहा था कि वह कॉलेज फेस्ट में जा रही है और फिर मुझसे बात करेगी। पर अगली खबर उसकी मौत की आई।” उन्होंने आगे कहा, "हमने उसे उच्च शिक्षा के लिए यहां भेजा था, लेकिन हमें नहीं पता था कि यह फैसला उसकी जिंदगी छीन लेगा। हमें बस इतना बताया गया कि जल्द से जल्द आ जाओ। जब हम पहुंचे, तब हमें बताया गया कि हमारी बेटी अब नहीं रही।"

भाई का दावा: ब्लैकमेलिंग से तंग आ चुकी थी बहन

छात्रा के चचेरे भाई ने इन्फोसिटी पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई और दावा किया कि यूनिवर्सिटी का एक छात्र उसे ब्लैकमेल कर रहा था। उसने पुलिस को बताया, “मेरी बहन मानसिक तनाव में थी। कोई उसे परेशान कर रहा था, लेकिन उसने कभी खुलकर कुछ नहीं बताया।” परिवार का मानना है कि अगर समय रहते मदद मिलती, तो बेटी आज जिंदा होती।

प्रेम संबंध का दावा कर यूनिवर्सिटी ने किया शर्मनाक बयान

छात्रा की मौत के बाद KIIT ने बयान जारी कर दावा किया कि उसका किसी छात्र के साथ प्रेम संबंध था। यूनिवर्सिटी का कहना था कि हो सकता है कि इसी वजह से उसने आत्महत्या की हो। हालांकि, बाद में संस्थान ने अपने बयान पर माफी मांग ली। उन्होंने कहा, "हम नेपाल के सभी छात्रों और उनके परिवारों के प्रति सम्मान व्यक्त करते हैं और माफी चाहते हैं।"

हॉस्टल से निकाल दिए गए नेपाली छात्र, बिना टिकट स्टेशन पर छोड़ा

इस घटना के बाद नेपाली छात्रों ने इंसाफ की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। इसके जवाब में यूनिवर्सिटी ने कई छात्रों को हॉस्टल से निकाल दिया। छात्रों का कहना था, "हमें बिना किसी चेतावनी के बाहर निकाल दिया गया। हमारे पास न पैसे थे, न खाना और न ही ट्रेन टिकट। हमें जबरदस्ती कटक रेलवे स्टेशन पर छोड़ दिया गया। हमारी परीक्षाएं नजदीक थीं, लेकिन हमें वापस जाने के लिए मजबूर किया गया।"

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संस्थान के कर्मचारियों के खिलाफ हुई कार्रवाई

घटना के बाद बढ़ते दबाव को देखते हुए KIIT प्रशासन ने अपने दो कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की। यूनिवर्सिटी के एक अधिकारी ने कहा, "हमारे कुछ कर्मचारियों ने गैर-जिम्मेदाराना बयान दिए, जो नहीं होने चाहिए थे। हम इसके लिए माफी मांगते हैं।"

पिता की मांग- 'हमें इंसाफ चाहिए'

मृतक छात्रा के पिता ने कहा, “हम सिर्फ अपनी बेटी के लिए नहीं, बल्कि उन सभी छात्रों के लिए न्याय चाहते हैं, जो यहां पढ़ने आते हैं। यह घटना दोबारा नहीं होनी चाहिए। हमें सरकार और पुलिस प्रशासन पर भरोसा है, और उम्मीद है कि हमें इंसाफ मिलेगा।” अब इस मामले पर नेपाल और भारत के अधिकारी भी नजर बनाए हुए हैं। 

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