UPSC Success Story: उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर के विभोर भारद्वाज ने AI टूल्स की मदद से UPSC परीक्षा दो बार पास की और तीसरे अटेम्प्ट में AIR 19 रैंक हासिल कर IAS बने। जानिए उनकी सफलता की कहानी, कैसे उन्होंने UPSC प्रिपरेशन के लिए AI की मदद ली।

IAS Vibhor Bhardwaj UPSC Success Story: यूपीएससी देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में गिनी जाती है। इसमें सफलता पाने के लिए ज्यादातर कैंडिडेट को सालों मेहनत, समर्पण और स्मार्ट स्ट्रेटजी के साथ तैयारी करनी पड़ती है। इस कठिन परीक्षा की तैयारी के लिए अक्सर छात्र बड़े-बड़े कोचिंग संस्थानों का सहारा लेते हैं, लेकिन कुछ ऐसे भी होते हैं जो नए और स्मार्ट तरीके अपनाकर सफलता की मिसाल बन जाते हैं। ऐसी ही एक कहानी है IAS विभोर भारद्वाज की, जिन्होंने AI यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस टूल्स की मदद से UPSC CSE की तैयारी की और दो बार इस परीक्षा को पास कर दिखाया। पहली बार में उनका सिलेक्शन तो हुआ, लेकिन IAS की पोस्ट नहीं मिली। फिर उन्होंने दोबारा एग्जाम दिया लेकिन सफल नहीं हुए। तीसरे प्रयास में वे UPSC AIR 19 हासिल कर आईएएस बने। जानिए आईएएस विभोर भारद्वाज के बारे में पूरी डिटेल।

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कौन हैं IAS विभोर भारद्वाज?

विभोर भारद्वाज उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले के छोटे से गांव उत्तरावली से आते हैं। उनके पिता मैकेनिकल इंजीनियर और मां गृहिणी हैं। वह बचपन से ही पढ़ाई में तेज थे। उनकी शुरुआती पढ़ाई बुलंदशहर में हुई। फिर दिल्ली यूनिवर्सिटी के हंसराज कॉलेज से फिजिक्स में MSc किया और उसके बाद सिविल सेवा में आने का सपना पूरा करने के लिए UPSC की तैयारी शुरू कर दी।

विभोर भारद्वाज ने बिना कोचिंग की UPSC की तैयारी

विभोर भारद्वाज ने यूपीएससी में अपना ऑप्शन सब्जेक्ट फिजिक्स को रखा। खास बात ये रही कि उन्होंने किसी बड़े कोचिंग सेंटर में जाने की बजाय ऑनलाइन क्लासेस और खुद के बनाए नोट्स पर भरोसा किया। विभोर भारद्वाज के अनुसार सिर्फ 7 महीने में उन्होंने UPSC Prelims और UPSC Mains की तैयारी पूरी की थी। वो हर दिन अखबार पढ़ते, करंट अफेयर्स कवर करते और मॉक टेस्ट देते थे, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ा और तैयारी मजबूत होती गई।

विभोर भारद्वाज के UPSC प्रिपरेशन में AI टूल्स कैसे बना मददगार?

विभोर भारद्वाज ने UPSC के इंटरव्यू की तैयारी के लिए Google Gemini जैसे AI टूल्स का सहारा लिया। वह इन टूल्स के जरिए मॉक इंटरव्यू करते थे। ये टूल्स उनके लिए एक तरह के डिजिटल टीचर की तरह थे। AI उन्हें अलग-अलग तरह के सवाल पूछते थे, जिससे उन्होंने अपने स्ट्रेंथ और वीक पॉइंट्स को पहचाना और उन्हें सुधारते गए। AI के साथ लगातार प्रैक्टिस ने उन्हें रियल इंटरव्यू के लिए मानसिक रूप से तैयार कर दिया।

दो बार में पास की UPSC, दूसरी बार में बने IAS

साल 2022 में विभोर ने यूपीएससी CSE पास किया और ऑल इंडिया रैंक (AIR) 743 हासिल की, लेकिन उन्हें आईएएस नहीं मिला। IRMS ज्वाइन की। उन्होंने हार नहीं मानी और 2023 में दोबारा परीक्षा दी, इस बार इंटरव्यू तक पहुंचे लेकिन असफल रहे। अपने तीसरे प्रयास में विभोर ने शानदार 724 पायदान की छलांग लगाई और साल 2024 में ऑल इंडिया रैंक 19 हासिल की, जिससे उनका आईएएस बनने का सपना सकार हुआ।

IAS विभोर भारद्वाज की यूपीएससी सफलता कहानी हर यूपीएससी एस्पिरेंट्स के लिए मार्गदर्शन का काम करती है। यह बताती है कि अगर आपके पास स्मार्ट स्ट्रेटजी, खुद पर भरोसा और नई तकनीकों के सही इस्तेमाल का नजरिया हो, तो कोई भी सपना अधूरा नहीं रहता। जैसे उन्होंने अपनी मेहनत और समर्पण के साथ AI को अपने मार्गदर्शक के तौर पर इस्तेमाल किया।