कर्नाटक के एक हेडमास्टर ने अपनी बचत खर्च कर 24 मेधावी छात्रों को पहली हवाई यात्रा कराई। परीक्षा के आधार पर चुने गए इन बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ाना और उन्हें किताबों से परे की दुनिया दिखाना इस यात्रा का उद्देश्य था।

किताबों से परे भी एक हैरान कर देने वाली दुनिया है, यह दिखाने के लिए एक हेडमास्टर ने अपनी जमा-पूंजी खर्च कर दी। कर्नाटक के कोप्पल जिले के बहादुरबंदी सरकारी हायर प्राइमरी स्कूल के हेडमास्टर बिरप्पा अंतगी ने अपने स्कूल के 24 चुने हुए छात्रों को पहली बार हवाई यात्रा करने का सपना पूरा कराया। उन्होंने अपनी निजी बचत से लगभग 5 लाख रुपये खर्च करके इस एजुकेशनल ट्रिप का इंतजाम किया।

परीक्षा में पास, फिर हवाई सफर

इन बच्चों को उन्होंने यूं ही नहीं चुना। उन्होंने 5वीं से 8वीं कक्षा के बच्चों के लिए एक खास मेरिट परीक्षा आयोजित की। इसमें सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाले 24 छात्रों को यात्रा के लिए चुना गया। उनकी सोच थी कि पढ़ाई में होशियार बच्चों को इससे बढ़ावा मिलेगा। तोरणगल्लू के जिंदल हवाई अड्डे से उन 24 बच्चों ने पहली बार हवाई यात्रा की। वे जिंदल हवाई अड्डे से बेंगलुरु के लिए उड़े। विमान के अंदर का हर पल बच्चों के लिए किसी आश्चर्य से कम नहीं था। इस ग्रुप में मेरिट परीक्षा से चुने गए 24 छात्रों सहित कुल 40 लोग थे। शिक्षक, मिड-डे मील योजना के कर्मचारी और स्कूल विकास समिति (SDMC) के सदस्य भी बच्चों के साथ इस यात्रा में शामिल हुए।

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टीचर की हो रही तारीफ

ग्रामीण इलाकों में सीमित साधनों में पल-बढ़ रहे बच्चों के लिए हवाई यात्रा के बारे में सोचना भी मुश्किल है। बिरप्पा अंतगी ने बाद में बताया कि उन्होंने यह कदम बच्चों का आत्मविश्वास बढ़ाने और दुनिया को लेकर उनकी सोच का दायरा बड़ा करने के लिए उठाया। हवाई अड्डे पर सांसद राजशेखर हिटनाल ने यात्रा को हरी झंडी दिखाई। उन्होंने इस काम की तारीफ करते हुए कहा कि यह इस बात का एक बेहतरीन उदाहरण है कि एक शिक्षक की लगन बच्चों के जीवन को कैसे प्रभावित कर सकती है। छात्रों के सपनों के लिए अपना पैसा खर्च करने वाले इस शिक्षक का यह नेक काम अब सोशल मीडिया पर भी खूब चर्चा में है। कुछ लोगों ने लिखा कि यह इस बात का सबूत है कि कैसे एक साधारण सरकारी स्कूल का शिक्षक अपने छात्रों के जीवन में बड़े बदलाव ला सकता है।