Viral Video on Part Time Jobs for Students UK: UK में पढ़ रही भारतीय छात्रा ने इंटरनेशनल स्टूडेंट्स को एक इंस्टाग्राम वीडियो के जरिए अहम सलाह दी है। यह वीडियो अब वायरल हो रहा है, जिसमें उसने बताया है कि पार्ट-टाइम नौकरी के चक्कर में कैसे ज्यादातर स्टूडेंट्स अपने फुल टाइम जॉब अपॉर्च्युनिटी को गंवा रहे हैं।

Instagram Viral Video: विदेश जाकर पढ़ाई करने वाले ज्यादातर भारतीय छात्रों के लिए पार्ट-टाइम जॉब आर्थिक जरूरत बन जाती है। किराया, रोजमर्रा के खर्च और अन्य जिम्मेदारियों को पूरा करने के लिए काम करना जरूरी भी है। लेकिन अगर यही नौकरी आपके करियर से जुड़े अहम अवसरों को पीछे छोड़ने लगे, तो आगे चलकर इसका नुकसान हो सकता है। ब्रिटेन में एयरोस्पेस इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहीं भारतीय छात्रा ध्रुवी दवे ने इसी मुद्दे पर अपनी बात रखी है, जिसे सोशल मीडिया पर काफी सपोर्ट मिल रहा है।

कमाई के साथ करियर पर भी उतना ही ध्यान दें

इंस्टाग्राम पर शेयर किए गए अपने वीडियो में ध्रुवी दवे ने कहा कि विदेश में पढ़ाई करने वाले छात्रों को सिर्फ पार्ट-टाइम नौकरी तक खुद को सीमित नहीं रखना चाहिए। उनके मुताबिक, पढ़ाई के दौरान होने वाले कॉन्फ्रेंस, प्रोजेक्ट शोकेस, नेटवर्किंग इवेंट और इंडस्ट्री मीटअप भविष्य में नौकरी पाने के लिए बेहद अहम साबित होते हैं। उन्होंने बताया कि हाल ही में वह स्पेस पार्क लीसेस्टर में आयोजित एक प्रोजेक्ट शोकेस में शामिल हुई थीं। वहां उन्हें सबसे ज्यादा हैरानी इस बात की हुई कि उनकी अपनी क्लास के बहुत कम छात्र इस कार्यक्रम में पहुंचे थे, जबकि यह इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स से मिलने और प्रोफेशनल नेटवर्क बनाने का अच्छा मौका था।

करियर के लिए कई बार छोड़ी पार्ट-टाइम नौकरी

ध्रुवी ने बताया कि वह खुद भी पार्ट-टाइम काम करती हैं, लेकिन जब भी नौकरी और करियर से जुड़े किसी महत्वपूर्ण कार्यक्रम के बीच टकराव हुआ, उन्होंने हमेशा अपने प्रोफेशनल भविष्य को प्राथमिकता दी। उनके अनुसार, कई बार ऐसा हुआ जब किसी कॉन्फ्रेंस या इंडस्ट्री इवेंट में शामिल होने के लिए उन्हें अपनी पार्ट-टाइम नौकरी छोड़नी पड़ी। उनका मानना है कि ऐसे मौके लंबे समय में ज्यादा फायदा पहुंचाते हैं, क्योंकि यही नेटवर्क आगे चलकर फुल-टाइम नौकरी तक पहुंचने का रास्ता खोलता है।

'विदेश क्यों आए हैं, यह हमेशा याद रखें'

ध्रुवी ने छात्रों से अपील करते हुए कहा कि विदेश में पढ़ाई का मकसद केवल खर्च निकालना नहीं, बल्कि अपने करियर को बेहतर बनाना भी है। उन्होंने कहा कि कई छात्र एजुकेशन लोन लेकर और बड़े सपने लेकर विदेश आते हैं, इसलिए उन्हें यह नहीं भूलना चाहिए कि उनकी असली मंजिल अच्छी प्रोफेशनल ग्रोथ है। उन्होंने यह भी बताया कि उनकी क्लास में 70 से 80 प्रतिशत छात्र भारतीय हैं, लेकिन प्रोजेक्ट शोकेस जैसे कार्यक्रम में उनकी मौजूदगी लगभग नहीं के बराबर थी। उनके मुताबिक, ऐसे अवसरों से दूरी भविष्य के रोजगार के अवसरों को भी सीमित कर सकती है। नीचे देखें वायरल वीडियो-

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सोशल मीडिया पर लोगों ने जताई सहमति

ध्रुवी की इस सलाह को सोशल मीडिया पर कई लोगों का सपोर्ट मिला। बड़ी संख्या में यूजर्स ने माना कि अंतरराष्ट्रीय छात्रों के लिए यह बेहद व्यावहारिक और जरूरी संदेश है। लोगों का कहना था कि पार्ट-टाइम नौकरी जरूरी है, लेकिन करियर से जुड़े नेटवर्क और इंडस्ट्री कनेक्शन ही आगे चलकर बेहतर अवसर दिलाने में सबसे बड़ी भूमिका निभाते हैं।