मानव संसाधन विकास (HRD) मंत्रालय ने प्राथमिक-स्कूल शिक्षा के लिए नए दिशा निर्देशों में लड़कों और लड़कियों के बीच पक्ष-पात न करने की सिफारिश की है। इसने स्कूलों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि शिक्षक लड़कों एवं लड़कियों पर समान रूप से ध्यान दें।

नई दिल्ली: राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने कहा कि लड़कों और लड़कियों को बीच भेद-भाव को प्राथमिक-स्कूल के स्तर पर ही खत्म किया जाना चाहिए ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि बच्चे जब बड़े हों तो वह इसके आधार पर पक्षपात नहीं करें। मानव संसाधन विकास (HRD) मंत्रालय की पाठ्यक्रम विकसित करने वाली संस्था ने प्राथमिक-स्कूल शिक्षा के लिए नए दिशा निर्देशों में इस बात की सिफारिश की है। इसने स्कूलों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि शिक्षक लड़कों एवं लड़कियों पर समान रूप से ध्यान दें।

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एनसीईआरटी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘‘स्कूलों को ऐसी किताबों, नाटकों और अन्य गतिविधियों का चयन करना चाहिए जो ऐसे पक्षपात से रहित हों।’’अधिकारी ने कहा, ‘‘शिक्षकों को ऐसी कहानियों, गीतों, गतिविधियों और साधनों का उपयोग करना चाहिए जो लड़कियों एवं लड़कों के साथ-साथ विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को भी सभी पेशों में समान रूप से पुरूष एवं महिला के तौर पर चित्रित करते हों।’’

इसमें यह भी कहा गया है कि अभिभावक भी नियमित रूप से घर पर ऐसे अभ्यासों का समर्थन करें और बच्चों को इसके लिए संवेदनशील बनाएं।

(यह खबर समाचार एजेंसी भाषा की है, एशियानेट हिंदी टीम ने सिर्फ हेडलाइन में बदलाव किया है।)