राजस्थान कोटा के मृदुल रावत को नीट 2020 के रिजल्ट में 720 में से सिर्फ 329 अंक मिले, लेकिन जब नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की आंसर-की और ओएमआर शीट जारी हुई, तो मदुल को अपने रिजल्ट को लेकर संदेह हुआ।

करियर डेस्क. NEET परीक्षा के रिजल्ट में एक बड़ी चूक सामने आई है। 16 अक्टूबर को घोषित हुए रिजल्ट में एक छात्र को फेल बता दिया गया, जब उसने इस पर अपनी आपत्ति जताते हुए अपील की तो वह एसटी कैटेगरी का टॉपर निकला।

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राजस्थान कोटा के मृदुल रावत को नीट 2020 के रिजल्ट में 720 में से सिर्फ 329 अंक मिले, लेकिन जब नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की आंसर-की और ओएमआर शीट जारी हुई, तो मदुल को अपने रिजल्ट को लेकर संदेह हुआ, क्योंकि इसके आधार पर उसे 650 अंक मिलने की संभावना थी।

इसके बाद मृदुल रावत ने एनटीए के अधिकारियों को ईमेल, ट्विटर के माध्यम से अपने रिजल्ट को लेकर अपील की। जिसके बाद एनटीए की ओर से फिर से मृदुल रावत की संशोधित मार्कशीट जारी की गई, जिसमें उन्हें न केवल 720 में से 650 अंक मिले, बल्कि वह इन अंकों के आधार पर ऑल इंडिया एससी कैटेगरी के टॉपर भी निकले।

अब खुश हैं मृदुल रावत

एनटीए की ओर से संशोधित मार्कशीट जारी होने के बाद मृदुल रावत अब खुश है। मीडिया से बातचीत में उन्होंने बताया कि उन्हें पहले रिजल्ट में 329 अंक दिया गया जिसके आधार पर उनकी रैंकिंग नीचे चली गई थी। 

इसको लेकर वह परेशान भी हुए, लेकिन घरवालों ने उनका हौसला बढाया और उन्होंने ओएमआर शीट तथा आंसर की के आधार पर रिजल्ट को चुनौती दी, उनकी मेहनत रंग लाई और अब उन्हें एमबीबीएस में दाखिला मिल जाएगा। मृदुल कोटा में रहकर दो साल से नीट की तैयारी कर रहे थे।