Why Mango is Called Mango: आम को मैंगो ही क्यों कहते हैं? मैंगो शब्द कहां से आया? क्या अंग्रेजों ने इसका नाम रखा था या भारत से ही इसका कनेक्शन है? आम का असली नाम क्या था? प्राचीन काल में लोग आम को क्या कहते थे?

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आम का वैज्ञानिक नाम
साल 1753 में वैज्ञानिकों ने इस फल को एक ऑफिशियल नाम दिया। साइंस की भाषा में इसे 'मैंगिफेरा इंडिका' (Mangifera Indica) कहा जाता है।

How Mango Got Its Name History: इन दिनों पेड़ की डाल से लेकर बाजार तक में पके-पके आम खूब देखने को मिल रहे हैं। यह एक ऐसा फल है, जो ज्यादातर लोगों का फेवरेट होता है। कोई इसे कच्चा खाता है, तो कोई पके आम को चूसकर खाना पसंद करता है, तो कोई शेक बनाकर और कोई आमरस का मजा लेता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि जिस फल को हम और आप 'आम' कहते आ रहे हैं, पूरी दुनिया उसे 'Mango' क्यों बुलाती है? हैरानी की बात यह है कि मैंगो नाम अंग्रेजों ने नहीं बनाया था। इसके पीछे करीब 500 साल पुरानी ऐसी कहानी छिपी है, जिसका कनेक्शन भारत, दक्षिण भारत की स्थानीय भाषाओं और विदेशी व्यापारियों से जुड़ा हुआ है। आइए जानते हैं आम के मैंगो बनने की पूरी कहानी..

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आम का नाम Mango कैसे पड़ा?

भारत में प्राचीन समय से आम को अलग-अलग नामों से पुकारा जाता रहा है। संस्कृत में इसे "आम्र" कहा जाता था। समय के साथ अलग-अलग क्षेत्रों में इसके नाम बदलते गए। दक्षिण भारत में, खासकर तमिल और मलयालम भाषाओं में आम को 'मनकाय' और ‘मंगा’ जैसे नामों से पुकारा जाता था। जब विदेशी व्यापारी भारत पहुंचे, तो उन्होंने यही नाम सबसे ज्यादा सुना। यहीं से मैंगो शब्द की कहानी शुरू हुई।

आम को मैंगो सबसे पहले किसने कहा?

करीब 500 साल पहले जब पुर्तगाली व्यापारी भारत आए, तो उन्हें यहां आम का स्वाद बेहद पसंद आया। उन्होंने स्थानीय लोगों से इस फल का नाम सुना और उसे अपनी भाषा में 'Manga' लिखना शुरू कर दिया। बाद में यह शब्द यूरोप के दूसरे देशों तक पहुंचा। अंग्रेजों ने भी इसी नाम को अपनाया, लेकिन उनके उच्चारण और भाषा के अनुसार यह धीरे-धीरे मैंगो बन गया। आज दुनिया के लगभग हर देश में यही नाम इस्तेमाल किया जाता है।

क्या पहले आम सिर्फ भारत में ही मशहूर था?

भारत को आम की सबसे पुरानी धरती माना जाता है। यहां हजारों साल से इसकी खेती होती आ रही है। विदेशी यात्रियों और व्यापारियों ने जब भारतीय आम का स्वाद चखा, तो वे इसे अपने देशों तक ले गए। इसके बाद आम एशिया, अफ्रीका, यूरोप और अमेरिका तक पहुंच गया। यानी जिस फल को हम रोज खाते हैं, वह भारत से निकलकर पूरी दुनिया का पसंदीदा फल बन गया।

आम के और क्या-क्या नाम हैं?

हिंदी- आम

संस्कृत- आम्र

तमिल- मनकाय

मलयालम- मंगा

अंग्रेजी- Mango

दुनियाभर में इतना लोकप्रिय क्यों है आम?

आम सिर्फ स्वाद की वजह से नहीं, बल्कि अपनी सैकड़ों किस्मों की वजह से भी खास है। भारत में ही दशहरी, लंगड़ा, चौसा, अल्फांसो, केसर और तोतापुरी जैसी कई मशहूर किस्में मिलती हैं। हर किस्म का स्वाद और खुशबू अलग होती है। इसी वजह से आम को फलों का राजा कहा जाता है।

आम से जुड़ी एक और मजेदार बात

आज हम जो बिना रेशे वाले, कटी हुई फांकों वाले आम खाते हैं, उन्हें इस रूप में लाने का क्रेडिट भी काफी हद तक पुर्तगालियों को ही जाता है। जब वे भारत आए थे, तब यहां के ज्यादातर आम बहुत रेशेदार होते थे, जिन्हें खाते समय पूरा हाथ चिपचिपा हो जाता था और रस टपकता था। पुर्तगालियों ने दो अलग-अलग प्रजातियों के पौधों को आपस में जोड़ने की तकनीक, जिसे 'ग्राफ्टिंग' (कलम लगाना) कहते हैं, उसका बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया और आम की कई नई और पॉपुलर किस्में तैयार कीं। बाद में यही भारतीय कलम (ग्राफ्टिंग) तकनीक 1889 में अमेरिका के फ्लोरिडा पहुंची, जहां इसके जरिए पहली बार वहां के तटीय इलाकों में आम उगाने का प्रयोग पूरी तरह सफल रहा।