नई दिल्ली एनसीआर (फरीदाबाद) स्थित स्कूल ड्यूड्स एंड डॉल्स वर्ल्ड ने एक नया बेंचमार्क स्थापित किया है। ये स्कूल एक हाईटेक और इनोवेटिव तरीके से पढ़ाई करवाने का दावा कर रहा है, जो ना सिर्फ बच्चों की एजुकेशन बल्कि उनके ओवरऑल डेवलपमेंट पर फोकस करता है। 

करियर डेस्क : कहते है बच्चों के लिए नर्सरी एजुकेशन बहुत जरूरी होती है। यहीं से बच्चों की नींव मजबूत होती है। वैसे तो भारत में हर गली- नुक्कड़ में आपको प्री स्कूल मिल जाएंगे। लेकिन इन सबसे अलग नई दिल्ली एनसीआर (फरीदाबाद) स्थित स्कूल ड्यूड्स एंड डॉल्स वर्ल्ड ने एक नया बेंचमार्क स्थापित किया है। ये स्कूल ना सिर्फ बच्चों की एजुकेशन बल्कि उनके ओवरऑल डेवलपमेंट पर फोकस करता है। जिसमें बच्चों को पढ़ाने के लिए इनोवेटिव और क्रिएटिव तरीकों का प्रयोग किया जाता है। आइए आपको बताते हैं, इस स्कूल की खासियत के बारे में...

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कोरोनाकाल में बच्चों के लिए खास कोर्स
कोरोनाकाल में सबसे ज्यादा प्रभाव बच्चों की पढ़ाई पर पड़ा है। खासकर उन बच्चों के लिए इस समय सबसे ज्यादा मुश्किल हो रही है, जिन्होंने अभी तक स्कूल जाना शुरू ही नहीं किया था। ऐसे में Dudes & Dolls World स्कूल एक हाईटेक और इनोवेटिव तरीके से पढ़ाई करवाने का दावा कर रहा है, जो माता-पिता अपने बच्चों के डेवलपमेंट के साथ किसी तरीके का कोई समझौता नहीं करना चाहते हैं उनके लिए है यह एक बेहतरीन अपॉर्चुनिटी है। ड्यूड्स एंड डॉल्स वर्ल्ड ने 25 जून 2021 से अपने नए बैच की शुरुआत करने की घोषणा की है।

कोरोना महामारी को देखते हुए इस साल भी बच्चों का स्कूल जाना मुश्किल ही लग रहा है। ऐसे में बच्चा का मानसिक विकास कही ना कही प्रभावित हो रहा है। खासकर 5 साल तक के बच्चों में सबसे ज्यादा यह चीज देखने में आ रही है कि उनका कंसंट्रेशन कम हो रहा है। घर पर रहकर बच्चे के दिमाग का सही तरीके से डेवलपमेंट नहीं होता है। ऐसे में उन्हें एडवांस गाइडेंस और एक बेहतर स्कूल की जरूरत है। इन सभी जरूरतों को पूरा करने के लिए ड्यूड्स एंड डॉल्स वर्ल्ड ने एक हाईटेक स्टडी पैटर्न की शुरुआत की है जिसमें बच्चों को क्रिएटिव तरीके से पढ़ाया जाएगा।

ऐसे स्कूल के संस्थापक ने रितेश रावल बताते हैं कि बेस्ट टेक्नोलॉजी और बच्चों के विकास के लिए हमने हाइब्रेड मोड बनाया है जो माता-पिता अपने बच्चों की शिक्षा जारी रख रखना चाहते हैं वह इसकी सुविधा ले सकते हैं।

स्कूल की खासियत
इस स्कूल की खासियत की बात की जाए, तो स्कूल ने टीचर्स के घर पर एक स्टूडियो बनाया हुआ है जिसमें एचडी कैमरा, माइक, टेबलेट और एक बड़ी स्क्रीन भी दी गई है। जिससे ऑनलाइन क्लास के दौरान बच्चों को अपने टीचर की बातें आसानी से समझ में आ सकें। इसी तरह से स्कूल की ओर से बच्चों को अलग-अलग क्रिएटिव चीजें भी सीखाई जाती है। जैसे खाने बनाने का वीडियो, स्टोरीज, टीवी स्टूडियो और भी बहुत कुछ। इस तरह की गतिविधियों का बच्चों के लिए स्कूल से लाइव टेलीकास्ट किया जाता ताकि बच्चों के साथ लाइव इंटरेक्शन किया जाए सकें।

एडमिशन प्रोसेस
स्कूल में एडमिशन के तीन मोड दिए गए है। माता-पिता किसी भी जानकारी के लिए स्कूल का दौरा कर सकते हैं। इसके अलावा पेरेंट्स वर्चुअल टूर बुक कर सकते हैं या किसी भी सहायता के लिए कॉल कर सकते हैं।

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