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वीकेंड पर मूवी और टीवी सीरीज देखने का शौक, खुद को मोटिवेट करने का अलग तरीका अपना यूपी के प्रखर सिंह बने IAS

Asianetnews Hindi संघ लोक सेवा आयोग (UPSC 2020) में सिलेक्ट हुए 100 कैंडिडेट्स की सक्सेज जर्नी (Success Journey) पर एक सीरीज चला रहा है। इसी कड़ी में हमने प्रखर से बातचीत की। आइए जानते हैं उन्होंने खुद को किस तरह से मोटिवेट किया। 

UPSC 2020 interview with achiever Prakhar Singh know how he kept himself motivated for civil services exam pwt
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New Delhi, First Published Dec 3, 2021, 11:34 AM IST
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करियर डेस्क.  यूपी के रामपुर के प्रखर सिंह (Prakhar Singh) की संघ लोक सेवा आयोग (UPSC 2020) परीक्षा में 29वीं रैंक आयी है। उनका कहना है कि यूपीएससी का एग्जाम काफी टफ होता है और तैयारियों के साथ-साथ आपको अपनी हॉबा का भी ध्यान रखना पड़ता है। तैयारी के लिए आपकी हॉबी आपको मोटिवेट करती है। उन्होंने परीक्षा की तैयारी उन्होंने अपने ग्रेजुएशन के अंतिम वर्ष से ही शुरू कर दी थी। प्रखर सिंह का कहना है कि यूपीएससी की जर्नी मैराथन की तरह होती है। यह कोई एक साल या छह महीने की तैयारी नहीं होती है। लम्बे समय से बन रही आपकी पर्सनालिटी और आपका थाट प्रासेस इम्पैक्ट करता है। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC 2020) के नतीजे 24 सितंबर, 2021 को जारी किए गए। फाइनल रिजल्ट (Final Result) में कुल 761 कैंडिडेट्स को चुना गया। Asianetnews Hindi संघ लोक सेवा आयोग (UPSC 2020) में सिलेक्ट हुए 100 कैंडिडेट्स की सक्सेज जर्नी (Success Journey) पर एक सीरीज चला रहा है। इसी कड़ी में हमने प्रखर से बातचीत की। आइए जानते हैं उन्होंने खुद को किस तरह से मोटिवेट किया। 

इंटर्नशिप पर गए थे यूएस 
प्रखर पढ़ाई के शुरुआती दिनों से ही मेधावी छात्र रहे प्रखर ने रामपुर के दयावती मोदी अकेडमी से 12वीं तक की पढ़ाई  की। 12वीं कक्षा में उनके 98 प्रतिशत अंक आए थे। उसके बाद उनका आईआईटी रूड़की में एडमिशन हो गया। वर्ष 2015 से 2019 तक उन्होंने इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई  की। इस दौरान उन्हें यूएस जाने का भी मौका मिला। वर्ष 2018 में थर्ड ईयर में इंटर्नशिप पर यूएस गए। वहां उन्होंने नैनो टेक्नोलॉजी में रिसर्च किया था और फिर वापस आ गए।

मैराथन की तरह होती है यूपीएससी की जर्नी
प्रखर सिंह का कहना है कि यूपीएससी की जर्नी मैराथन की तरह होती है। यह कोई एक साल या छह महीने की तैयारी नहीं होती है। लम्बे समय से बन रही आपकी पर्सनालिटी और आपका थॉट प्रोसेस इम्पैक्ट करता है। वह बचपन से न्यूज पेपर पढ़ते थे। उसकी वजह से उनका सामान्य ज्ञान और सामान्य अध्ययन  की तरफ रूझान रहता था। साइंस के स्टूडेंट थे, उसका भी उन्हें फायदा मिला और उसकी वजह से वह सबकांशियसली यूपीएससी की तरफ प्रेरित हुए। उनका कहना है कि आप सोसाइटी में रहकर काम करते हो जब आप न्यूजपेपर पढ़ते हैं तो आपको वहां पर प्राब्लम भी मिलते हैं और साल्यूशन भी मिलते हैं। जब आप उन चीजों के बारे में सोचते हैं तो उसका असर आपकी सोच पर पड़ता है। उन सब चीजों की वजह से वह यूपीएससी की तरफ प्रेरित हुए। वह आईआईटी में अच्छा परफार्मेंस कर रहे थे। पर जो चीजें आप पढ़ रहे हों, जिन लोगों से आप मिल रहे हो। यूपीएससी की जर्नी में उसका काफी इफेक्ट रहता है।

खुद को मोटिवेट रखने का तरीका अलग
खुद को मोटिवेट रखने का हर व्यक्ति का अपना एक तरीका होता है। प्रखर हमेशा अपने पैरेंटस और आस पास के लोगों से बातचीत करते थे। उनका कहना है कि यदि आप अपनी चीजें किसी के साथ शेयर करते हैं तो उससे आपका तनाव बाहर आ जाता है। वीकेंड पर मूवी और टीवी सीरीज देख लिया करता था। कोविड चल रहा था। डेढ़ साल से हम खेलने नहीं जा सकते थे। वरना मैं बैडमिंटन खेलता था। कॉलेज के लास्ट ईयर में जब हम प्रीपेरेशन कर रहे थे तो बैडमिंटन खेलते थे। आपकी हॉबीज कुछ न कुछ होनी चाहिए। वह तनाव कम करती है। जब आप यूपीएससी की तैयारी कर रहें हो तो कंसिस्टेंसी और अनुशासन बहुत जरूरी है।

मां से मोटिवेशन और सीख, पिता से पढ़ा अनुशासन का पाठ
प्रखर सिंह के पिता केदार सिंह सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर रामपुर में तैनात रहे हैं। वह निरीक्षक के पद से सेवानिवृत्त हो चुके हैं। जब प्रखर छोटे थे, तब उनके पिता का काम की वजह से बाहर रहना होता था। ऐसे में उनकी मां सविता सिंह ही परिवार की देखभाल करती थीं। वह जूनियर हाईस्कूल में शिक्षिका हैं। प्रखर को अपनी मां से मोटिवेशन और सीख मिलती थी। अपने पिता से उन्होंने अनुशासन सीखा। उनके पिता आईपीएस अफसर के साथ रहते थे। वह भी बताते थे कि एक आईपीएस अफसर का रोल और रिस्पांसिबिलिटी क्या होती है, उससे भी प्रखर इंस्पायर हुए। वह अपनी सफलता का श्रेय परिवाजनों के साथ टीचर्स को देते हुए कहते हैं कि साथ तैयारी करने वाले दोस्तों का भी अहम योगदान है। दोस्तों से मॉरल सपोर्ट मिलता है। क्या पढ़ना है कैसे पढ़ना है, इस संबंध में बात होती है। पता चलता है कि हम सही दिशा में जा रहे हैं या नहीं।

तैयारी में अनुशासन अहम
प्रखर का कहना है परीक्षा की तैयारी में कंसिस्टेंसी और अनुशासन रखिए। डिस्ट्रैक्शन को नजरअंदाज करिए। मेंटल हेल्थ को मेंटेन रखिए। पैरेंटस और दोस्तों से बात करिए। उनके सम्पर्क में रहिए। अपने आपको आइसोलेट करने की जरूरत नहीं है। सोर्सेज को सीमित रखें। एग्जाम ओरिएंटेड मैनर में पढें। आत्मविश्वास बनाए रखें। प्रखर कहते हैं कि कोविड 19 के दौर में सोशल मीडिया अच्छी भूमिका निभा रहा है। बहुत सारी वेबसाइट पर अच्छा कंटेंट मिल सकता है। सोशल मीडिया पर पोस्टिंग के बजाए, आप उसे यूज करें। देखें कि वह आपकी तैयारी में कैसे यूज हो सकता है। बहुत से टॉपर्स ने टेलीग्राम चैनल बनाया है। उनसे आप सीख सकते हैं। प्रखर ने भी तैयारी के दौरान अपना सोशल मीडिया एकाउंट निष्क्रिय नहीं किया था। बस वह उन पर पोस्ट नहीं करते थे। 

थॉट प्रोसेस रिफ्रेश करते रहें
उनका कहना है कि शिक्षा में निवेश किया जा सकता है। हर व्यक्ति के जीवन में सघर्ष है। कोई जॉब कर रहा है या नहीं कर रहा है। यूपीएससी की तैयारी नहीं भी कर रहा है तो उसे थोड़ा समय निकालकर अच्छी किताबें पढ़ना चाहिए। वह अपना थाट प्रासेस हमेशा रिफ्रेश करता रहे। नये-नये आइडियाज को अपने अंदर आने दें। लर्निंग एक लाइफ लांग प्रासेस है। उसे हमेशा चालू रखना चाहिए। हमेशा नई किताबें पढें। नये-नये लोगों से मिलें। नये-नये विचारों को सुनें। एस्पिरेंटस तैयारी में लगे रहें। यदि आप तैयारी में कंसिस्टेंसी और अनुशासन मेंटेन करेंगे तो आपका चयन हो सकता है।

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