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UPSC: कैसे बनें IAS? जानें कैसे होती है परीक्षा, कैसे मिलती है रैंक, कैंडिडेट्स कैसे सिलेक्ट करते हैं सब्जेक्ट

IAS बनने के लिए, आवेदकों को संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा आयोजित सिविल सेवा परीक्षा (CSE) को पास करना होता है। कैडिंडेट्स को आईएएस (IAS), आईपीएस (IPS), आईईएस (IES) या आईएफएस (IFS) अधिकारियों का चयन किया जाता है। 

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New Delhi, First Published Nov 17, 2021, 12:50 PM IST
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करियर डेस्क. संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा को पास करने के बाद, कैडिंडेट्स को आईएएस (IAS), आईपीएस (IPS), आईईएस (IES) या आईएफएस (IFS) अधिकारियों का चयन किया जाता है। जिनके अलग-अलग कार्य और अलग-अलग भूमिकाएं होती हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं इन पोस्टों के लिए सिलेक्ट होने वाले कैंडिडेट्स की क्या योग्यता होती है। कितनी उम्र के कैंडिडेट्स इन पोस्टों के लिए अप्लाई करते हैं आइए जानते हैं इनके बारे में सबकुछ। 

IAS अधिकारी बनने के लिए शैक्षणिक योग्यता?
IAS बनने के लिए, आवेदकों को संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा आयोजित सिविल सेवा परीक्षा (CSE) को पास करना होता है। आवेदक को किसी भी विषय या स्ट्रीम में स्नातक होना चाहिए। संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा भारत में सबसे कठिन परीक्षाओं में से एक मानी जाती है और इसकी तैयारी करने वाले छात्रों को कड़ी मेहनत करनी पड़ती है।


सिविल सेवा परीक्षा के लिए आयु सीमा
UPSC सिविल सेवा परीक्षा में बैठने के लिए छात्रों की न्यूनतम आयु 21 वर्ष है। सामान्य वर्ग (सामान्य श्रेणी) के आवेदक इस परीक्षा में अधिकतम 32 वर्ष की आयु तक 6 बार उपस्थित हो सकते हैं। एसटी-एससी के लिए आयु सीमा 21 वर्ष से 37 वर्ष है, जबकि इस श्रेणी के छात्रों के लिए परीक्षा देने की कोई सीमा नहीं है। ओबीसी के लिए आयु सीमा 21 से 35 वर्ष है और इस श्रेणी के छात्र 9 बार परीक्षा दे सकते हैं। शारीरिक रूप से अक्षम उम्मीदवारों के लिए आयु सीमा 21 से 42 वर्ष है। इस श्रेणी में सामान्य और ओबीसी उम्मीदवार 9 बार परीक्षा दे सकते हैं, जबकि एसटी-एससी के लिए कोई सीमा नहीं है।

सब्जेक्ट सिलेक्शन बहुत जरूरी
सिविल सेवा परीक्षा के लिए आपको कुल 25 विषयों में से विषय का चयन करना होगा। किसी विषय का चयन करते समय इस बात का ध्यान रखें कि आप वह विषय चुनें जिसमें आपके लिए अध्ययन करना आसान हो। दसवीं कक्षा के बाद, उस विषय का चयन करें जिसमें आप रुचि रखते हैं और जिसे आप सिविल सेवा परीक्षा के दौरान चुन सकते हैं। अपनी पसंद का विषय चुनने से आपको तैयारी करने में भी आसानी होगी।

टाइम मैनेजमेंट
UPSC परीक्षा की तैयारी के लिए टाइम मैनेजमेंट बहुत महत्वपूर्ण है। अपने लिए एक रूटीन बनाएं और उसके अनुसार तैयारी करें। करेंट अफेयर्स से अवगत रहें और इसके लिए रोजाना अखबार और मैगजीन पढ़ें। प्रत्येक विषय के लिए अलग-अलग नोट्स बनाएं और नियमित रूप से रिवीजन करते रहें। परीक्षा की तैयारी के लिए आप मॉक टेस्ट दे सकते हैं, जिससे आपको अभ्यास करने में मदद मिलेगी। 

तीन स्टेप्स में होती है परीक्षा
यूपीएससी परीक्षा पास करने के लिए छात्रों को 3 स्टेप्स को पास करना होता है। उम्मीदवारों को पहले प्री परीक्षा पास करनी होती है, उसके बाद मेन और फिर इंटरव्यू के लिए बुलाया जाता है।

प्री एग्जाम
UPSC के प्री एग्जाम के लिए दो-दो घंटे के दो पेपर होते हैं। दूसरा पेपर CSAT क्वालिफाइंग है और पास होने के लिए 33 प्रतिशत अंकों की आवश्यकता होती है। पहले पेपर के आधार पर कटऑफ तैयार किया जाता है और कैंडिडेट्स का चयन उसी के अनुसार मेन्स परीक्षा के लिए किया जाता है।

मेन्स एग्जाम
मेन्स परीक्षा में दो भाषा के पेपर होते हैं, जिसमें योग्यता के लिए 33 प्रतिशत अंकों की आवश्यकता होती है। दोनों पेपर तीन-तीन घंटे के होते हैं। एक पेपर में निबंध होते हैं और आपकी पसंद के विभिन्न विषयों पर 3 घंटे में दो निबंध लिखे जाने होते हैं। इसके अलावा, सामान्य अध्ययन में चार पेपर होते हैं जिनमें प्रत्येक में तीन घंटे लगते हैं। अंत में, एक वैकल्पिक पेपर होता है, जिसमें दो परीक्षाएं होती हैं और विषय का चयन कैंडिडेट्स द्वारा किया जाता है।

इंटरव्यू
मेन्स का रिजल्ट निकलने के बाद, कैंडिडेट्स को एक विस्तृत आवेदन पत्र (डीएएफ) भरना होता है, जिसके आधार पर व्यक्तित्व परीक्षण आयोजित किया जाता है। फॉर्म में भरी गई जानकारी के आधार पर ही इंटरव्यू के दौरान सवाल पूछे जाते हैं। इंटरव्यू में मिले अंकों को जोड़कर मेरिट लिस्ट तैयार की जाती है और इसी के आधार पर ऑल इंडिया रैंकिंग तय की जाती है।

रैंकिंग के आधार पर आईएएस पद
विभिन्न श्रेणियों (सामान्य, एससी, एसटी, ओबीसी, ईडब्ल्यूएस) की रैंकिंग तैयार की जाती है और उसके आधार पर आईएएस, आईपीएस या आईएफएस रैंक दी जाती है। शीर्ष रैंक वालों को आईएएस मिलता है, लेकिन कभी-कभी अगर शीर्ष रैंक वालों की प्राथमिकता आईपीएस या आईआरएस है, तो निचले रैंक वाले भी आईएएस पद प्राप्त कर सकते हैं। अगले रैंक वालों को IPS और IFS पद मिलते हैं।

कैबिनेट सचिव सबसे बड़ा पोस्ट
UPSC पास करने वाले उम्मीदवारों को IAS के जरिए देश के नौकरशाही ढांचे में काम करने का मौका मिलता है। हालांकि, चयनित उम्मीदवारों को इससे पहले प्रशिक्षित किया जाता है। IAS अधिकारियों को प्रशासन के विभिन्न मंत्रालयों और विभागों में नियुक्त किया जाता है। कैबिनेट सचिव एक आईएएस अधिकारी के लिए सबसे वरिष्ठ पद है।

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