रिचा तिवारी छोटे शहर से ताल्लुक रखती हैं। इसलिए, उन्होंने लोगों के लिए कहा कि स्टारकिड्स के अलावा इंडस्ट्री में एंट्री करना छोटे लोगों के लिए काफी मशक्कत करने वाली बात है। वो कहती हैं कि अगर किसी को फिल्मों में आना है तो वो पहले थिएटर जरूर करें।

मुंबई. अक्षय कुमार की टॉयलेट: एक प्रेम कथा में रिपोर्टर का रोल प्ले करने वाली एक्ट्रेस रिचा तिवारी ने लॉकडाउन के बीच Asianetnewshindi.com के एंटरटेनमेंट डेस्क से एक्सक्लूसिव बात की। इस दौरान उन्होंने अपनी पर्सनल लाइफ और जीवन के संघर्षों के बारे में बात की। एक्ट्रेस का कहना था कि वो फिल्मों में आने से पहले जर्नलिस्ट थीं और टीवी एंकर, रेडियो अनाउंसर थीं। 

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

जीवन में पिता से मिली प्रेरणा

जॉब करने के साथ-साथ रिचा हर दिन दो घंटे के लिए थिएटर रिहर्सल करने जाया करती थीं। स्कूल टाइम में भी वो एक्सट्रा करिकुलम में पार्टिसिपेट किया करती थीं। एक्टिंग और जर्नलिस्ट बनने तक के इस सफर में सबसे बड़ा योगदान अगर रिचा किसी का मानती हैं तो वो उनके पिता हैं। एक्ट्रेस बताती हैं कि उनके पिता एक अच्छे राइटर हैं तो ऐसे में उन्हें उन्हीं से ही प्रेरणा मिली थी, फिर उन्होंने जर्नलिज्म की ओर कदम बढ़ाया। फिल्मों में आने से पहले रिचा ने डीडी न्यूज में एंकर और ऑल इंडिया रेडियो में बतौर रेडियो जौकी काम किया है, लेकिन अपनी जॉब के साथ-साथ एक्ट्रेस ने थिएटर में एक्टिंग की रिहर्सल की। उन्हें यहीं तक नहीं रुकना था, इसलिए फिल्मों में ऑडिशन देना शुरू कर दिया था। ऐसे ही संघर्ष करके उन्हें फिल्मों में काम मिलना शुरू हो गया। 

बता दें, रिचा अक्षय की 'टॉयलेट' में एक रिपोर्टर और राजकुमार राव की 'जजमेंटल है क्या' में एंकर का रोल प्ले किया था। एक्ट्रेस मध्यप्रदेश के सागर से ताल्लुक रखती हैं और उन्होंने मध्यप्रदेश नाट्य विद्यालय से प्रशिक्षण प्राप्त किया है।

View post on Instagram

कास्टिंग काउच पर बोलीं रिचा तिवारी 

रिचा तिवारी से इंटरव्यू में संघर्ष के दिनों के बारे में जानने के बाद उनसे शुरुआती दिनों में आने वाली परेशानियों जैसे कास्टिंग काउच के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, 'मैं उन्हीं के साथ जुड़ी रही जिनके बारे में मैनें सुना था या फिर मैं उनके बारे में जानती थी।' एक्ट्रेस कहती हैं, 'लड़की अगर किसी फील्ड में आगे बढ़ती है तो नेगेटिविटी तो रहती है, लेकिन कहीं ना कहीं ये आप पर भी निर्भर करता है कि आप उससे किस तरह से डील करते हैं। क्या काम आप सेलेक्ट कर रहे हो। किसके साथ काम कर रहे हो। मैं काफी समय से मुंबई में रह रही हूं मगर मैनें ऐसी समस्या नहीं झेली है।'

लोगों के लिए दिया ये संदेश 

रिचा तिवारी छोटे शहर से ताल्लुक रखती हैं। इसलिए, उन्होंने लोगों के लिए कहा कि स्टारकिड्स के अलावा इंडस्ट्री में एंट्री करना छोटे लोगों के लिए काफी मशक्कत करने वाली बात है। वो कहती हैं कि अगर किसी को फिल्मों में आना है तो वो पहले थिएटर जरूर करें। अगर एक बार कहीं सेलेक्शन ना हो तो निराश ना हो हमेशा अपना बेस्ट ट्राइ करते रहे हैं एक ना तो एक दिन जीत जरूर होगी और आप अपनी मंजिल पर जरूर पहुंचेंगे।