राजपाल यादव के चेक बाउंस केस और तिहाड़ सरेंडर के बीच तेज प्रताप यादव ने उनके परिवार को 11 लाख की मदद का ऐलान किया। लेकिन सोशल मीडिया पर ‘शोकाकुल’ शब्द को लेकर ट्रोलिंग शुरू हो गई, जिससे मामला और ज्यादा सुर्खियों में आ गया।

बॉलीवुड एक्टर और कॉमेडियन राजपाल यादव इन दिनों अपने चेक बाउंस केस, कानूनी संकट और तिहाड़ जेल सरेंडर को लेकर सुर्खियों में हैं। इस बीच जनशक्ति जनता दल (JJD) के राष्ट्रीय अध्यक्ष तेज प्रताप यादव ने राजपाल यादव के परिवार को 11 लाख रुपए की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है। सोशल मीडिया पर जारी संदेश में उन्होंने परिवार के साथ संवेदना और समर्थन जताया। लंबे समय से चल रहे लोन डिफॉल्ट केस और अदालत के फैसले के बाद यह मदद ऐसे वक्त आई है, जब अभिनेता का परिवार आर्थिक और मानसिक दबाव से गुजर रहा है।

तेज प्रताप यादव ने किया राजपाल यादव की मदद का ऐलान

तेज प्रताप यादव ने सोशल मीडिया पर पोस्ट साझा करते हुए लिखा कि वे और जनशक्ति जनता दल (JJD) का पूरा परिवार संकट की इस घड़ी में राजपाल यादव के परिवार के साथ खड़ा है। उन्होंने संवेदना जताते हुए कहा कि यह आर्थिक सहयोग परिवार की तत्काल जरूरतों को पूरा करने में मदद करेगा। राजनीतिक हलकों में इस कदम को मानवीय पहल बताया जा रहा है। राजपाल यादव का कानूनी मामला आर्थिक संकट और उनके तिहाड़ जेल की वजह से चर्चा में हैं, जिससे यह सिर्फ फिल्म इंडस्ट्री ही नहीं, बल्कि सामाजिक और राजनीतिक स्तर पर भी सुर्खियां बटोर रहा है।

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तेज प्रताप यादव पर X यूजर्स ने उठाए सवाल

तेज प्रताप यादव की पोस्ट देखने के बाद कई X यूजर्स ने उन पर सवाल उठाए हैं। मसलन एक यूजर ने पोस्ट में 'शोकाकुल' शब्द के इस्तेमाल पर आपत्ति जताते हुए लिखा है, "शोकाकुल क्यों लिख रहे हैं? जिंदा हैं वह अभी।" एक अन्य यूजर ने लिखा है, "इनकी जगह कोई गरीब होता तो 11 लाख तो दूर 1 लाख नहीं देते।" एक यूजर का कमेंट है, "शोकाकुल, तेजप्रताप जी कोई मरा नहीं है, दिवालिया हुआ है।"

तिहाड़ जेल जाने से पहले राजपाल यादव का भावुक बयान

सरेंडर से ठीक पहले राजपाल यादव ने इमोशनल अपील की थी, जिसने सबका ध्यान खींचा। उन्होंने कहा था, "सर, मैं क्या करूं? मेरे पास पैसे नहीं हैं। मुझे कोई और रास्ता नहीं दिख रहा… सर, यहां हम सब अकेले हैं। कोई दोस्त नहीं होता। मुझे इस संकट से खुद ही निपटना है।" उनका यह बयान वायरल हो रहा है। फैंस और फिल्म इंडस्ट्री के लोगों ने भी उनके हालात पर चिंता जताई।

क्या है पूरा चेक बाउंस केस मामला?

राजपाल यादव चेक बाउंस केस की जड़ें साल 2010 से जुड़ी हैं, जब उन्होंने अपनी फिल्म 'अता पता लापता' के लिए लोन लिया था। बाद में भुगतान ना हो पाने के कारण चेक बाउंस हुए और मामला नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट्स एक्ट के तहत अदालत पहुंच गया। वर्षों तक चली कानूनी लड़ाई, आंशिक भुगतान और कई अपीलों के बावजूद अदालत ने अतिरिक्त समय देने से इनकार कर दिया। इसके बाद अभिनेता को दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के तहत सरेंडर करना पड़ा।