इस घटना के बाद पूरा परिवार और गांव सदमे में है। दु्ल्हन का रो-रोकर बुरा हाल है, वह अपनी किस्मत को कोस रही है। रोते-रोते वो अपनी सुध-बुध खो बैठती है, जब होश आता तो कहती इससे अच्छा था कि मेरी शादी ही नहीं होती। मैं कैसी सुहागिन बनी जो सुहाग लगते ही उजड़ गया। वहीं युवक के माता-पिता भी बिलख रहे हैं। 

बालोद. छत्तीसगढ़ के बालोद जिले से एक दिल को झकझोर देने वाली खबर सामने आई है। जहां एक परिवार की खुशियां कुछ ही घंटों में तब मातम में तब बदल गईं। जब शादी के अगले दिन दुल्हन लेकर घर आ रहे दूल्हे के सीने में अचानक दर्द हुआ है और उसकी मौत हो गई। यानि मांग भरने के कुछ घंटों बाद ही दुल्हन का सुहाग उजड़ गया और वह विधवा हो गई।

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दुल्हन ससुराल भी नहीं पहुंच पाई और हो गई विधवा
दरअसल, यह दुखद घटना बालोद जिले के लाटाबोड़ का है, जहां यहां रहने वाले छगनलाल साहू (26) की शनिवार को शादी थी। उसकी बारात धमतरी के कुर्रा गांव गई हुई थी। शादी की सारी धूमधाम से पूरी हुईं। सात फेरों के बाद दूल्हे ने दुल्हन की मांग में सिंदूर लगाया और मंगलसूत्र भी पहनाया फिर जैसे ही दुल्हन को लेकर बारात वापस दूल्हे के घर आ रही थी। इसी बीच दूल्हे को अचानक सीने में दर्द हुआ। आनन-फानन में उसको अस्पातल ले जाया गया। लेकिन हॉस्पिटल पहुंचते ही डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

सुहागिन बनते ही उजड गई दुल्हन की मांग
इस घटना के बाद पूरा परिवार और गांव सदमे में है। दु्ल्हन का रो-रोकर बुरा हाल है, वह अपनी किस्मत को कोस रही है। रोते-रोते वो अपनी सुध-बुध खो बैठती है, जब होश आता तो कहती इससे अच्छा था कि मेरी शादी ही नहीं होती। मैं कैसी सुहागिन बनी जो सुहाग लगते ही उजड़ गया। वहीं युवक के माता-पिता भी बिलख रहे हैं।

अगले दिन आनी थी बहन की बारात...
बता दें कि मृतक छगनलाल की बहन निलेश्वरी की अगले दिन शादी होनी थी, रविवार को उसकी बारात आनी थी, लेकिन भाई के मौत के बाद बहन ने उस दिन शादी करने से मना कर दिया। अब वह अपने हाथों में मेहंदी लगाने की बजाय सीने पर हाथ रख रोए जा रही है। कल तक जहां सिर्फ और सिर्फ खुशियां थीं अब इस घर में मातम की चीखें सुनाई दे रही हैं।