वॉशिंगटन. कोरोना वायरस को लेकर अमेरिकी स्वास्थ्य एजेंसी ने बड़ा खुलासा किया है। इनका कहना है कि अगर किसी की नाक बह रही है या फिर डायरिया (दस्त) की समस्या है या फिर बार-बार उबकाई ले रहा है, तो उसे भी कोरोना हो सकता है। इससे सभी को सावधान रहने की हिदायत दी जा रही है। मीडिया रिपोर्ट्स में एजेंसी के हवाले से कहा जा रहा है कि अगर किसी के अंदर भी ऐसे लक्षण दिख रहे हैं तो उसे अपना कोरोना का टेस्ट जरूर करवा लेना चाहिए। 

अमेरिकी स्वास्थ्य एजेंसी सीडीसीपी (centers for disease control and prevention) ने कोरोना वायरस के लक्षणों में उबकाई, डायरिया और नाक बहना जैसे तीन लक्षण और जोड़े हैं। वायरस के संपर्क में आने के 2-14 दिन बाद ये लक्षण दिखाई दे सकते हैं। 

J&K records fourth death due to COVID-19 - The Week

ये भी हैं कोरोना के लक्षण 

1. बुखार
2. जुकाम
3. खांसी
4. उल्टी
5. सांस लेने में तकलीफ
6. गले में खराश

इन लोगों को दी गई है खास हिदायत

एक व्यक्ति कोरोना से संक्रमित होने के बाद दूसरे व्यक्ति को भी संक्रमित कर सकता है। इसलिए इसे लेकर बहुत सावधानी बरतनी चाहिए। अधिक उम्र के लोग और जिन्हें पहले से अस्थमा, डायबिटीज, हार्ट जैसी बीमारी है उनके लिए कोरोना वायरस घातक भी हो सकता है। बहुत से केस में ये भी पाया गया है कि संक्रमित लोगों को सूंघने और स्वाद की क्षमता में कमी आ जाती है। कोरोना के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए लक्षणों को पहचानना बेहद जरूरी है। लक्षणों को पहचानकर ही वायरस को काबू में किया जा सकता है।

बिना लक्षण के भी हो सकता है कोरोना

कोरोना वायरस संक्रमण को लेकर हाल में हुए अध्ययनों की समीक्षा में यह बात सामने आई है कि संक्रमण के करीब 45 फीसदी मामले ऐसे हैं, जिनमें लोगों में संक्रमण के लक्षण नहीं दिखाई दिए। इस प्रकार का संक्रमण लोगों के शरीर को अंदर ही अंदर नुकसान पहुंचा सकता है।

अमेरिका के स्क्रिप्स रिसर्च टॉन्सलेशनल इंस्टीट्यूट के एरिक टोपोल सहित कई वैज्ञानिकों ने नोवल कोरोना वायरस के बिना लक्षण वाले मामलों के आंकड़ों की समीक्षा की। रिपोर्ट्स में 'अनल्स ऑफ इंटरनल मेडिसिन' जर्नल में छपे अध्ययन के मुताबिक कहा जा रहा है कि सार्स-सीओवी-2 संक्रमण के कुल मरीजों में 40 से 45 प्रतिशत मरीज बिना किसी लक्षण वाले हो सकते हैं। भारत में सवा पांच लाख से ज्यादा लोग अबतक कोरोना से संक्रमित हो चुके हैं। इनमें से 16 हजार लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। हालांकि, तीन लाख लोग इस वायरस से उभर भी चुके हैं। वहीं, दुनियाभर में एक करोड़ से ज्यादा लोगों को कोरोना अपनी चपेट में ले चुका हैं और पांच लाख लोगों की जान भी ले चुका है।