प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने बताया कि 10 जनवरी से ऐसे बच्चों को टीका (Vaccine) लगाई जाने लगेगी। उन्होंने कहा कि देश भर के जो माता-पिता अपने बच्चों को वैक्सीन लगवाना चाहते हैं, उनके लिए यह अच्छी खबर हो सकती है। 

मेलबर्न। कोविड 19 (Covid 19) की अगली लहर की आशंका और ओमीक्रोन (Omicron)की बढ़ती चिंता के बीच ऑस्ट्रेलिया (Australia) 5 से 11 वर्ष की उम्र के बच्चों के लिए वैक्सीन (Vaccine) लगाने की शुरुआत करने जा रहा है। प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन ने बताया कि 10 जनवरी से ऐसे बच्चों को टीका (Vaccine) लगाई जाने लगेगी। उन्होंने कहा कि देश भर के जो माता-पिता अपने बच्चों को वैक्सीन लगवाना चाहते हैं, उनके लिए यह अच्छी खबर हो सकती है। गौरतलब है कि कनाडा से क्लीनिकल डाटा का रिव्यु (Review) करने के बाद देश के टीकाकरण सलाहकार (Vaccine Advisor) ग्रुप ने दो डोज के बीच आठ हफ्ते के अंतर की सिफारिश की है। इसे तीन हफ्ते तक किया जा सकता है। ऑस्ट्रेलिया के टीकाकरण नियामक के अनुसार वहां बच्चों को फाइजर (Pfizer) की वैक्सीन दी जाएगी। शुरुआती चरण के बाद मॉडर्ना के टीके भी लगाए जाएंगे। हालांकि, अभी तब इसकी जरूरी प्रक्रियाएं पूरी नहीं हुई हैं। माना जा रहा है कि जल्द ही इसे भी मंजूरी मिल जाएगी।

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90% से ज्यादा वयस्कों को लग चुका टीका 
ऑस्ट्रेलिया में कोविड -19 के खिलाफ दुनिया में सबसे अधिक टीकाकरण किया जा चुका है। यहां 16 साल से ऊपर की 90 फीसदी आबादी वैक्सीनेट हो चुकी है। यानी इन्हें दोनों डोज लग चुके हैं। अब वहां बूस्टर डोज की बात हो रही है। वहीं 12 से 15 वर्ष आयु वाले 70% बच्चों को भी टीका लग चुका है। देश में अब तक 225,000 कोविड -19 के मामले आए हैं और 2,084 मौतें हुई हैं। 

बहुत पहले बंद कर दी थी सीमाएं 
ऑस्ट्रेलिया ने कोरोना की शुरुआत में ही अपनी सीमाएं दूसरे देशों के लिए बंद कर दी थीं। यहां तक कि ऑस्ट्रेलिया में नौकरी करने वाले लोग यदि अपने देश गए तो उन्हें दोबारा वहां नहीं प्रवेश दिया गया। इसका नतीजा ये हुआ कि यहां डेल्टा वैरिएंट भी असर नहीं डाल सका। अभी भी यहां कड़े प्रतिबंध लागू हैं। 

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