दुनिया की सबसे बड़ी क्रिकेट लीग IPL की सबसे सफल टीमों में से एक चेन्नई सुपरकिंग्स की मार्केट वैल्यू में खासी कमी आई है। कुछ महीने पहले तक इस टीम की मार्केट वैल्यू 1000 करोड़ होती थी, जो कि अब 800 करोड़ पहुंच चुकी है। चेन्नई के एक शेयर की कीमत भी पहले 30 रुपए होती थी, पर अब इस टीम के एक शेयर की कीमत सिर्फ 24 रुपये रह गई है। 

नई दिल्ली. दुनिया की सबसे बड़ी क्रिकेट लीग IPL की सबसे सफल टीमों में से एक चेन्नई सुपरकिंग्स की मार्केट वैल्यू में खासी कमी आई है। कुछ महीने पहले तक इस टीम की मार्केट वैल्यू 1000 करोड़ होती थी, जो कि अब 800 करोड़ पहुंच चुकी है। चेन्नई के एक शेयर की कीमत भी पहले 30 रुपए होती थी, पर अब इस टीम के एक शेयर की कीमत सिर्फ 24 रुपये रह गई है। चेन्नई ही नहीं, बल्कि IPL की सभी टीमों की मार्केट वैल्यू में गिरावट आई है। इसकी वजह कोरोना वायरस का माना जा रहा है। कोरोना के चलते IPL को 15 अप्रैल तक के लिए टाल दिया गया है और आगे भी इसके होने पर संदेह है। यही वजह है कि इस टूर्नामेंट में खेलने वाली सभी टीमों की मार्केट वैल्यू में गिरावट आई है। 

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2 सालों में दोगुनी हो गई थी चेन्नई के शेयर की कीमत 
साल 2018 में चेन्नई के एक शेयर की कीमत 13 से 15 रुपए थी और टीम की कुल मार्केट वैल्यू 450 करोड़ थी। अगले 2 सालों में चेन्नई की मार्केट वैल्यू 1000 करोड़ पहुंच गई और टीम के एक शेयर की कीमत भी 30 रुपये तक पहुंच गई। इसके बाद कोरोना वायरस के चलते इस टीम की मार्केट वैल्यू में खासी गिरावट आई है। इससे पहले यह टीम 2 साल के लिए IPL से बैन भी हुई थी। इस वजह से भी चेन्नई के शेयर की कीमतों में कमी आई थी। 

मार्केट वैल्यू में भी मुंबई पहले नंबर पर
4 बार IPL का खिताब अपने नाम करने वाली मुंबई की टीम शेयर बाजार में भी नंबर एक है। मुंबई इंडियंस की मार्केट वैल्यू पिछले साल 809 करोड़ थी। दूसरे नंबर पर काबिज चेन्नई की टीम की वैल्यू 732 करोड़ थी, जबकि शाहरुख खान की कोलकाता इस मामले में 629 करोड़ के साथ तीसरे नंबर पर थी। IPL की ब्रांड वैल्यू 48,000 करोड़ से ज्यादा था। इंडियन प्रीमियर लीग दुनिया की सबसे महंगी T-20 लीग भी है।

IPL का कैंसिल होना लगभग तय
साल 2020 में IPL 29 मार्च से शुरू होना था, पर कोरोना वायरस के चलते इसे फिलहाल 15 अप्रैल तक के लिए टाल दिया गया है। आगे भी इस टूर्नामेंट के होने पर संशय बरकरार है। भारत में अभी भी कोरोना के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। ऐसे में भारतीय क्रिकेट बोर्ड किसी दूसरे देश में इस टूर्नामेंट को आयोजित करा सकता है, पर दुनिया के किसी भी देश में हालात ज्यादा बेहतर नहीं हैं। अप्रैल की बजाय अगस्त या सितंबर के महीने में भी इस टूर्नामेंट को आयोजित कराने पर विचार किया जा रहा है, पर इसकी संभावनाएं काफी कम हैं। यही वजह है कि इस टूर्नामेंट से जुड़ी सभी टीमों की मार्केट वैल्यू में कमी आई है।