बीजेपी ने 2022 के गुजरात विधानसभा चुनाव में रिकॉर्ड जीत दर्ज की है। 156 सीटें जीतने के साथ ही ये गुजरात के इतिहास में अब तक की सबसे ज्यादा सीटें हैं। वहीं, इसके उलट कांग्रेस की अब तक की सबसे बड़ी हार हुई है। कांग्रेस 1990 की 33 सीटों की तुलना में इस बार महज 17 सीटों पर सिमट गई। कांग्रेस की हार के पीछे आखिर सबसे बड़ी वजह क्या रही, आइए जानते हैं।

Gujrat Assembly Election 2022: पिछले 27 सालों से गुजरात की सत्ता पर काबिज BJP ने एक बार फिर यहां बाजी मार ली है। इस बार तो भाजपा ने ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए 156 सीटों पर कब्जा कर सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए। पार्टी की जीत की वजह जहां मोदी-शाह की जोड़ी और उनकी रणनीतिक सूझबूझ को माना जा रहा है, वहीं कांग्रेस की रिकॉर्ड हार का कारण राहुल गांधी का गुजरात से दूरी बना लेना भी रहा। मोदी ने जहां गुजरात चुनाव में 31 रैलियां कीं, वहीं राहुल गांधी सिर्फ 2 बार ही गुजरात की जनता के बीच पहुंचे। 

Add Asianetnews Hindi as a Preferred SourcegooglePreferred

किसने कितनी रैलियां कीं?
पिछले विधानसभा चुनव यानी 2017 की बात करें तो गुजरात में पीएम मोदी ने 34 रैलियां कीं, बावजूद इसके वहां बीजेपी सिर्फ 99 सीटों पर जीती थी। वहीं इस बार उन्होंने 31 रैलियां कीं और पार्टी को 156 सीटें मिलीं। वहीं राहुल गांधी ने 'भारत जोड़ो यात्रा' के चलते पूरी तरह गुजरात से दूरी बना ली। उन्होंने 2017 में 30 रैलियां की थीं और 77 सीटें जीते थे, वहीं इस बार सिर्फ 2 रैलियां कीं और महज 17 सीटों पर सिमट गए। केजरीवाल ने 2017 में चुनाव नहीं लड़ा था, लेकिन 2022 में उन्होंने यहां 19 रैलियां कीं और 5 सीटें जीतने में कामयाब रहे। 

राहुल ने खुद पर भरोसा न कर गहलोत को बनाया प्रभारी : 
गुजरात चुनाव से राहुल गांधी पूरी तरह बचते रहे। उनकी भारत यात्रा का रूट कन्याकुमारी से लेकर श्रीनगर तक है, लेकिन उन्होंने चुनावी राज्य गुजरात को पूरी तरह अनदेखा किया। यहां तक कि उन्होंने गुजरात से दूरी बनाते हुए राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत को चुनाव का जिम्मा दिया। अशोक गहलोत पहले से ही सचिन पायलट के साथ अंदरूनी कलह को लेकर चर्चा में थे। हो सकता है, गुजरात चुनाव में इसे लेकर कांग्रेस संगठन में गलत संदेश गया हो। 

गुजरात में कांग्रेस की भयानक हार की 10 वजह: 32 साल बाद महज 17 सीटों पर सिमटी पार्टी

तो क्या इसलिए राहुल ने बनाई गुजरात से दूरी : 
राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, गुजरात में कांग्रेस की पकड़ जमीनी स्तर पर कमजोर थी। चूंकि राहुल गांधी अब 2024 के लोकसभा चुनाव की तैयारियों में जुटे हैं, इसलिए वो ये बात जानते थे कि गुजरात में कांग्रेस का सत्ता में आना लगभग नामुमकिन है। ऐसे में वो नहीं चाहते थे कि लोकसभा चुनाव से पहले एक और राज्य में हार का ठीकरा उनके सिर फूटे। यही वजह रही कि उन्होंने गुजरात से पूरी तरह दूरी बना ली। 

'आप' ने किया कांग्रेस का नुकसान :
अरविंद केजरीवाल की पार्टी 'आप' ने भी कांग्रेस का नुकसान किया। 2017 में जहां कांग्रेस को 41% वोट मिले थे, वो 2022 में घटकर सिर्फ 27% रह गए। माना जा रहा है कि आम आदमी पार्टी ने करीब 13% वोट झटकते हुए 5 सीटें हासिल कीं और कांग्रेस के वोट शेयर में सेंध लगाई। वहीं भाजपा को इस बार करीब 54% वोट मिले। 

ये भी देखें : 

गुजरात में BJP की रिकॉर्ड जीत के 10 सबसे बड़े कारण, मोदी-शाह के अलावा इन फॉर्मूलों से आई सीटों की सुनामी

'आप' के CM फेस ईसुदान गढ़वी चुनाव हारे, BJP के तूफान में केजरीवाल के ये 2 दिग्गज भी उड़े