पंजाब में कोरोना की तीसरी लहर भी पीछा नहीं छोड़ रही है। वायरस का कहर कम होने की बजाए बढ़ता जा रहा है। पंजाब में 24 घंटे में कोरोना से 14 मौतें हुई हैं। चुनाव के मद्देनजर चुनाव आयोग फिजिकल रैलियों को इजाजत देने पर विचार कर रहा है।

जालंधर. पंजाब विधानसभा चुनाव की वोटिंग की तारीख नजदीक आते ही राजनीतिक सरगर्मी तेज है। अब यहां चुनाव प्रचार तेज हो गया है। लेकिन कोरोना की तीसरी लहर भी पीछा नहीं छोड़ रही है। वायरस का कहर कम होने की बजाए बढ़ता जा रहा है। पंजाब में 24 घंटे में कोरोना से 14 मौतें हुई हैं। चुनाव के मद्देनजर चुनाव आयोग फिजिकल रैलियों को इजाजत देने पर विचार कर रहा है। हालांकि कोरोना के केसों में तेजी से कमी आ रही है। दिक्कत यह है कि मौत की संख्या बढ़ रही है। इस वजह से हेल्थ विभाग और आयोग चिंतित है। 

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जानिए कितना है पंजाब में कोरोना का आंकड़ा
पिछले 24 घंटे के दौरान राज्य में 676 नए मामले सामने आए हैं। जिससे सक्रिय मरीजों की संख्या 6616 हो गई है। राज्य में अब तक कुल पॉजिटिव मरीजों की संख्या 753789 पहुंच गई है। 729649 मरीज स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं। वहीं 7 दिनों में सैंपल लेने में भी कमी आई है। तकरीबन 25% कम सैंपल लिए जा रहे हैं। बठिंडा जिले में, प्रति मिलियन लोगों में औसतन 646 सैंपल लिए गए हैं। यहां कोरोना संक्रमण दर 12.56% थी। इसी तरह से 10.71% संक्रमण दर के साथ रोपड़ दूसरा सबसे ज्यादा संक्रमित जिला बना हुआ है। फाजिल्का (7.34%), फरीदकोट (7.36%) और मुक्तसर (5.91%) कोरोना संक्रमण की दर है। 

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कोरोना प्रोटोकॉल की उड़ रहीं धज्जियां 
जानकारों का कहना है कि चुनाव से पहले जांच करने के काम को धीमा करना विशेषज्ञों को चिंता में डाल रहा है। वह भी तब जब चुनाव प्रचार पर प्रतिबंध होने के बावजूद, राजनेताओं और उनके समर्थक कोरोना प्रोटोकॉल की धज्जियां उड़ा रहे हैं। 

लापरवाही से स्थिति बिगड़ सकती राज्य का हाल
इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के पंजाब चैप्टर के अध्यक्ष डॉ परमजीत मान ने कहा कि ओमाइक्रोन डेल्टा की तुलना में पांच गुना अधिक तेजी से फैलता है। इसलिए हेल्थ विभाग, सरकार, नेताओं व आम आदमी को इस बारे में चिंता करने की जरूरत है। डॉ मान ने चेतावनी दी, "सरकार को अधिक से अधिक परीक्षण करने की चाहिए,ताकि संक्रमित लोगों की पहचान की जा सके। चुनाव में किसी भी तरह की लापरवाही से स्थिति बिगड़ सकती है।"

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विशेषज्ञ बोले-यह स्थिति डराने वाली 
डॉक्टर मान ने बताया कि पता नहीं क्यों लोग जागरूक भी नहीं हो रहे हैं।अभी भी मास्क और सामाजिक दूरी के नियम की पालना नहीं हो रही है। यह स्थिति डराने वाली है। आने वाले दिनों में जैसे जैसे चुनाव प्रचार का काम तेज होगा, संक्रमण फैलने का अंदेशा उतना ही तेज होने का अंदेशा होगा। इस स्थिति से निपटने की दिशा में उचित कदम उठाने चाहिए। क्योंकि लोगों के स्वास्थ्य से बढ़ कर कुछ नहीं है।

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देश में कम हो रही संक्रमण की रफ्तार, लेकिन एक सलाह
बता दें कि पूरे देशभर में पिछल कुछ दिन से कोरोना संक्रमण की तीसरी लहर का असर कम होता नजर आ रहा है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि सतर्कता लगातार जरूरी है। पिछले कुछ दिनों से नए केस 1 लाख से नीचे आ गए हैं। बीते दिन 67 हजार नए केस मिले, जबकि इससे पहले 71 हजार मामले सामने आए थे।इस बीच वैक्सीनेशन का आंकड़ा 171.28 करोड़ को पार कर गया है। इस समय देश में रिकवरी रेट 96.95% है।

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