अनिल कपूर की युवा ऊर्जा का राज़ उनकी जीवनशैली और अंक ज्योतिष है। उनका जन्मांक 6 है, जो उन्हें आकर्षक और कला-प्रेमी बनाता है। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत 1983 में मणिरत्नम की कन्नड़ फिल्म से की थी।

बॉलीवुड एक्टर अनिल कपूर (Anil Kapoor) पिछले चार दशकों से दर्शकों का मनोरंजन कर रहे हैं। 1983 में आई फिल्म 'वो सात दिन' से हीरो के तौर पर डेब्यू करने वाले अनिल आज भी उतने ही फुर्तीले और जोशीले हैं। 70 की उम्र में भी उनकी एनर्जी देखकर कई लोग हैरान रह जाते हैं। आखिर उनकी इस जवानी और एनर्जी का राज़ क्या है?

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अनिल कपूर हर दिन योग, एक्सरसाइज़ और एक नियमित डाइट फॉलो करते हैं। उनकी बॉडी लैंग्वेज, काम में दिलचस्पी और जोश देखने वालों के लिए प्रेरणा है। लेकिन इसके अलावा एक और राज़ भी है। अनिल कपूर का जन्म 24 दिसंबर को हुआ था। अंक ज्योतिष के अनुसार, 6, 15 या 24 तारीख को जन्मे लोगों का जन्मांक 6 होता है। माना जाता है कि इस अंक वाले लोग शुक्र ग्रह के प्रभाव में होते हैं।

अंक 6 वालों के गुण

अंक ज्योतिष के अनुसार, जन्मांक व्यक्ति के उत्साह, अनुशासन और जीवन शक्ति को दिखाता है। अंक 6 वाले लोग आकर्षक स्वभाव के होते हैं। इनमें कला, सुंदरता और लग्ज़री में ज़्यादा दिलचस्पी होती है। अंक 6 वाले लोग बहुत मिलनसार होते हैं। इनकी बातों में एक खास आकर्षण होता है। ये लोगों पर गहरा असर डालते हैं, इसलिए लोग इन्हें आसानी से नहीं भूलते।

पहनावा और आकर्षण

इस अंक वाले लोगों का ड्रेसिंग सेंस कमाल का होता है। भीड़ में भी ये अपनी अलग पहचान बना लेते हैं। इनमें एक नैचुरल मैग्नेटिक पावर होती है। जन्मांक 6 वाले लोग आमतौर पर लग्ज़री लाइफ जीना पसंद करते हैं। वे अपने लुक्स और फिटनेस का बहुत ज़्यादा ध्यान रखते हैं।

यह अंक जवानी, आकर्षण और जीवन में संतुलन का भी प्रतीक है। ऐसे लोग ज़िंदगी में बैलेंस बनाकर अच्छी तरक्की करते हैं। इनमें क्रिएटिविटी बहुत होती है। पार्टियां, दोस्ती और बातचीत करना इन्हें बहुत पसंद होता है। इसलिए, अंक ज्योतिष कहता है कि अनिल कपूर की एनर्जी का कारण सिर्फ़ एक्सरसाइज़ और डाइट ही नहीं, बल्कि उनके जन्मांक का असर भी हो सकता है।

जैसा कि सब जानते हैं, अनिल कपूर के करियर को बदलने वाली फिल्म इंडस्ट्री कन्नड़ फिल्म इंडस्ट्री ही थी। जब अनिल कपूर संघर्ष कर रहे थे, तब मणिरत्नम ने उन्हें 1983 में फिल्म "पल्लवी अनुपल्लवी" में हीरो बनाया था। इसके ज़रिए सिर्फ़ अनिल कपूर ही नहीं, बल्कि मणिरत्नम ने भी अपने करियर की शुरुआत कन्नड़ सिनेमा से की थी। भले ही "पल्लवी अनुपल्लवी" बॉक्स ऑफिस पर बड़ी हिट नहीं हुई, लेकिन इसके गाने एवरग्रीन हिट बन गए। 'नगुव नयन मधुर मौन' और 'नगु एंदिदे मंजिन बिंदु' आज भी बहुत मशहूर हैं। इसके बाद मणिरत्नम और अनिल कपूर दोनों ही कन्नड़ फिल्म इंडस्ट्री के लिए बड़े स्टार बन गए। मणिरत्नम न सिर्फ़ दक्षिण भारत बल्कि भारतीय सिनेमा के महान डायरेक्टर बने, वहीं अनिल कपूर ने बॉलीवुड में अपनी ज़िंदगी बनाई और एक के बाद एक ब्लॉकबस्टर फिल्में दीं।