Anjali Anand casting experience: 'धमाल 4' की सफलता के बाद, अभिनेत्री अंजलि आनंद ने 'प्रिटी प्रिविलेज' पर बात की। उन्होंने कहा कि खूबसूरती से पहला मौका मिल सकता है, लेकिन इंडस्ट्री में…।

टीवी से लेकर बॉलीवुड तक अपनी दमदार पहचान बना चुकीं अभिनेत्री अंजलि आनंद इन दिनों अपनी फिल्म 'धमाल 4' की सफलता का आनंद ले रही हैं। फिल्म बॉक्स ऑफिस पर 100 करोड़ रुपये से ज्यादा की कमाई कर चुकी है और इसमें अंजलि के काम की भी काफी तारीफ हो रही है। इसी बीच अभिनेत्री ने एक एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में फिल्म इंडस्ट्री के उस पहलू पर खुलकर बात की, जिसके बारे में कलाकार अक्सर बोलने से बचते हैं। अंजलि ने 'प्रिटी प्रिविलेज' और 'प्रिटी नेपोटिज्म' जैसे शब्दों का जिक्र करते हुए बताया कि कई बार उन्हें सिर्फ उनके अच्छे लुक्स और पर्सनैलिटी की वजह से काम मिला, बिना यह जाने कि वह एक्टिंग भी कर सकती हैं या नहीं।

काम देखे बिना ही कर लिया कास्ट'

एक बातचीत के दौरान अंजलि आनंद ने कहा कि फिल्म इंडस्ट्री में कई बार कलाकार के टैलेंट से पहले उसकी खूबसूरती और शारीरिक बनावट पर ध्यान दिया जाता है। उन्होंने बताया कि कई फिल्ममेकर्स ने उन्हें उनके काम का पोर्टफोलियो देखे बिना ही फिल्मों में कास्ट कर लिया। अंजलि ने कहा कि लोगों ने सिर्फ यह सोचकर उन्हें मौका दिया कि उनका चेहरा अच्छा है और स्क्रीन पर वे अट्रैक्टिव लगेंगी। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा कि यह उनके लिए अच्छी बात रही कि उन्हें अभिनय भी आता है, वरना सिर्फ खूबसूरती के भरोसे लंबे समय तक टिक पाना संभव नहीं होता।

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अंजलि आनंद बोलीं - 'प्रिटी प्रिविलेज' से मिल सकता है पहला मौका, लेकिन...

अंजलि आनंद का मानना है कि फिल्म इंडस्ट्री में 'प्रिटी प्रिविलेज' यानी खूबसूरत दिखने का फायदा जरूर मिलता है, लेकिन यह केवल शुरुआती अवसर दिला सकता है। इसके बाद हर कलाकार को अपने अभिनय से खुद को साबित करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि अगर कोई कलाकार सिर्फ अच्छे लुक्स के कारण पहली फिल्म हासिल कर भी ले, तो आगे का सफर उसके एक्टिंग, मेहनत और समर्पण पर ही निर्भर करता है। उनके मुताबिक, लंबे समय तक इंडस्ट्री में वही टिकता है जिसके पास प्रतिभा और लगातार बेहतर करने का जज़्बा हो।

'प्रिटी नेपोटिज्म' शब्द से समझाया अपना नजरिया

अंजलि ने बातचीत के दौरान 'प्रिटी नेपोटिज्म' शब्द का इस्तेमाल करते हुए कहा कि कई बार सुंदर दिखने वाले लोगों को लगातार मौके मिलते रहते हैं। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह सिलसिला हमेशा नहीं चलता। उन्होंने कहा कि शुरुआत में खूबसूरती आपको काम दिला सकती है, लेकिन अगर आपके पास अभिनय का हुनर नहीं है तो दर्शक और निर्माता दोनों ही जल्दी आगे बढ़ जाते हैं। इसलिए आखिरकार टैलेंट ही सबसे बड़ी पहचान बनता है।

'धमाल 4' की सफलता पर क्या बोलीं अंजलि?

फिल्म 'धमाल 4' के 100 करोड़ क्लब में शामिल होने पर अंजलि आनंद ने अपनी खुशी भी जाहिर की। उन्होंने कहा कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उनके करियर में ऐसा दिन भी आएगा, जब उनकी फिल्म इतनी बड़ी सफलता हासिल करेगी। अभिनेत्री ने कहा कि उन्हें सबसे ज्यादा खुशी इस बात की है कि दर्शकों ने उनके किरदार को पसंद किया और फिल्म की सफलता में उनका भी योगदान रहा। उन्होंने उम्मीद जताई कि आने वाले समय में भी उन्हें ऐसी ही अच्छी फिल्में और दमदार किरदार मिलते रहेंगे।

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टीवी से फिल्मों तक तय किया शानदार सफर

अंजलि आनंद ने अपने करियर की शुरुआत टेलीविजन से की थी और कई लोकप्रिय धारावाहिकों में काम किया। बाद में उन्होंने बड़े पर्दे पर कदम रखा और 'रॉकी और रानी की प्रेम कहानी' में गायत्री के किरदार से लोगों का ध्यान खींचा। हाल ही में रिलीज हुई 'धमाल 4' में उन्होंने 'पारो' का किरदार निभाया, जिसे दर्शकों का भरपूर प्यार मिला। इसके अलावा वह 'कुल्फी कुमार बाजेवाला', 'रात जवान है' और 'डब्बा कार्टेल' जैसे प्रोजेक्ट का भी हिस्सा रह चुकी हैं। आज अंजलि उन अभिनेत्रियों में गिनी जाती हैं, जिन्होंने अपने अभिनय के दम पर छोटे पर्दे से बड़े पर्दे तक का सफल सफर तय किया है।