'सांप्रदायिक बात' वाले बयान पर विवाद बढ़ने पर अब एआर रहमान ने यू टर्न लिया है ।  उन्होंने खुद को सच्चा भारतीय बताया है। इस बीच बेटी खतीजा ने मलयालम कंपोजर कैलाश मेनन के सपोर्ट नोट को इंस्टा स्टोरी पर शेयर कर ताली-आग-दिल इमोजी से रिएक्ट किया। 

म्यूजिक कंपोजर एआर रहमान की बेटी खतीजा रहमान ने अपने पिता की 'सांप्रदायिक बात' ( Communal Thing ) वाले कॉमेन्ट विवाद पर रिएक्ट किया है। इस बीच मलयालम म्यूजिक कंपोजर कैलाश मेनन ने वर्ल्ड के धुरंधऱ कंपोजर के सपोर्ट में एक नोट शेयर किया, जिसे खतीजा ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर पोस्ट किया और इसपर अलग-अलग इमोजी के साथ रिएक्ट भी किया है।

हाल ही में, एक इंटरव्यू में ए.आर. रहमान ने हिंदी फिल्म इंडस्ट्री में 'पावर प्ले' के बारे में बात की, और यह भी इशारा किया कि 'सांप्रदायिक चीज़ों' की वजह से उन्हें पिछले आठ सालों से बॉलीवुड में ज़्यादा काम नहीं मिल रहा है। उनके बयानों से विवाद खड़ा हो गया, और सोशल मीडिया पर कई लोगों ने उनकी आलोचना करना शुरू कर दिया।

मलयालम म्यूज़िक कंपोज़र कैलाश मेनन ने रहमान के सपोर्ट में एक नोट शेयर किया, और दिल से म्यूज़िक कंपोज़र की बेटी खतीजा रहमान ने इस पर रिएक्ट किया है। उन्होंने उस पोस्ट को अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी पर शेयर किया और उनके पोस्ट पर ताली, आग, 100% और दिल वाले इमोजी भी कमेंट किए।

कैलाश मेनन का ए.आर. रहमान के लिए नोट

मेनन ने अपने नोट में लिखा, "असहमत हों, अपमान न करें (Disagree, Don't Disgrace)। जो लोग ए.आर. रहमान को अपनी बात कहने के लिए अपराधी ठहरा रहे हैं, वे एक बुनियादी बात भूल रहे हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें कैसा महसूस हुआ। यह उनका राइट है। आप उनसे डिसएग्री हो सकते हैं, लेकिन आप उन्हें अपने एक्सपीरिएंस को जताने की आज़ादी से दूर नहीं कर सकते। हालांकि, इसके बाद जो हुआ, वह इससे बहुत आगे निकल गया और अब तो गाली-गलौज और चरित्र हनन

( character assassination ) के दायरे में आ गया। एक वर्ल्ड लेवल के रेपोटेटेड कलाकार को 'अपमानित' करना, उनके भरोसे पर सवाल उठाना, उनके हाल के कामों का मज़ाक उड़ाना, और उनकी लाइफ के एक्सपीरिएंस को 'विक्टिम कार्ड' तक लिमिट करना आलोचना नहीं है।

उन्होंने आगे लिखा, "यह कोई आम आवाज़ नहीं है। यह एक ऐसे इंसान की आवाज़ है जिसने भारतीय संगीत को दुनिया तक पहुंचाया, देश को सम्मान के साथ रिप्रेजेंट किया, और अपने काम से कई जनरेशन को आकार दिया। तमिल कल्चर, भारतीय सिनेमा और ग्लोबल म्यूजिक में दशकों के योगदान को सिर्फ़ इसलिए खत्म नहीं किया जा सकता क्योंकि एक कलाकार ने अपनी पर्सनल राय ज़ाहिर की है। आप किसी फ़िल्म पर उनकी राय पर बहस कर सकते हैं। आप उनकी बात से असहमत हो सकते हैं। यह ठीक है। लेकिन जो सही नहीं है, वह है उन्हें पब्लिक में बेइज्ज़त करना या उन्होंने जो कहा, उसे चुप कराने के लिए उनकी ईमानदारी पर हमला करना। बोलने की आज़ादी रहमान पर भी उतनी ही लागू होती है जितनी उनके आलोचकों पर। आलोचना ठीक है, लेकिन बिना इज़्ज़त के गुस्सा करना हमारे बारे में ज़्यादा बताता है, उनके बारे में नहीं ।"

एआर रहमान ने विवाद पर दी सफाई 

रविवार को एआर रहमान ने विवाद के बारे में सफाई दी। उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट किया और कहा कि भारत उनकी प्रेरणा, उनका गुरु और उनका घर रहा है। वीडियो में उन्होंने कहा कि कभी-कभी इरादों को गलत समझा जा सकता है।

इस बीच, हमें पेड्डी, रामायण, लाहौर 1947 और कई दूसरी आने वाली हिंदी और साउथ फिल्मों में रहमान का म्यूज़िक सुनने को मिलेगा।